फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Brotherhood remains heavy on elections in Mahabharata era village Narkatari, Kurukshetra

महाभारतकालीन गांव नरकातारी में चुनाव पर भारी रहता है भाईचारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 01:51 AM IST
विज्ञापन
Brotherhood remains heavy on elections in Mahabharata era village Narkatari, Kurukshetra
गांव नरकातारी में स्थित भीष्म पितामह मंदिर। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। महाभारतकालीन गांव नरकातारी में भले ही चुनाव पंच, सरपंच से लेकर विधायक व सांसद के लिए होते रहे हो, लेकिन हर चुनाव पर भाईचारा भारी रहा है। गांव की कमान संभालने के लिए भी पंचायत के चुनाव में भी र्कई लोग तैयार रहते हैं, जिसके बावजूद खींचतान तक नहीं होती। यह भाईचारे का ही सबसे बड़ा सुबूत है कि पिछले करीब 15 साल में पुलिस तक गांव का एक भी मामला नहीं पहुंचा है।
गांव के लोगों से बातचीत करें तो यह चर्चा फर्क से करते हैं। ग्रामीणों की मानें तो उन्हें 15 साल में गांव में किसी झगड़े व विवाद के चलते पुलिस नहीं देखी है। ऐसे में यह गांव आसपास के गांवों के लिए भी मिशाल बन रहा है। गांव के ही लोग इस संबंध में अब हर चौक-चौराहे पर चर्चा करने लगे हैं तो वहीं अपने भाईचारे पर गर्व भी महसूस करते हैं। गांव में अब तक रही ग्राम पंचायतों ने अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर कायाकल्प किया, लेकिन आज भी विकास कार्यो की दरकार है, जिसकी नई ग्राम पंचायत से उम्मीद है।
विज्ञापन

ग्रामीण बताते हैं कि यहां महाभारत के यद्ध में तीरों से छलनी हुए भीष्म पितामह गिर पड़े थे और अर्जुन ने जमीन में तीर मारकर पानी की धार बहा दी थी, जिससे भीष्म पितामह ने अपनी प्यास बुझाई थी। यहां पर भीष्म कुंड और भीष्म पितामह का विशाल मंदिर है। यहीं पर 50 फीट ऊंची बजरंग बली हनुमान की मूर्ति भी स्थापित है। केडीबी की ओर से इस कुंड व मंदिर का बेहद सुंदर तरीके से जीर्णोद्धार किया गया है। हर रोज यहां हजारों पर्यटक दर्शन करने पहुंचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब 600 मतदाताओं वाले इस गांव में विकास के अनेक कार्य हुए। महाभारतकालीन गांव होने के चलते यह गांव अंतरराष्ट्रीय पहचान हुए है, लेकिन शिक्षा की दृष्टि से यह आज तक भी एक कदम तक नहीं बढ़ा पाया है। गांव में आज भी प्राथमिक स्कूल है, जिसे आठवीं तक किए जाने के लिए ग्रामीणों व ग्राम पंचायतों ने जीत तोड़ प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो पाए। मामला मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा, लेकिन स्कूल आज तक अपग्रेड नहीं हो पाया, जिसके चलते कक्षा छठी से ही बच्चोें को आसपास के स्कूलों पर निर्भर रहना पड़ता है।
भाईचारा देख पुलिस हैरान
निवर्तमान सरपंच रहे सतबीर सिंह का कहना है कि उनके गांव के भाईचारे को देख पुलिस भी हैरान है। कभी किसी के बीच कोई कहासुनी भी होती है तो वह गांव में ही निपट जाती है। पुलिस तक करीब 15 साल से एक भी मामला नहीं गया है।
गांव में नहीं देखी पुलिस
ग्रामीण भीम सिंह बताते हैं कि गांव में अमन शांति व भाईचारा बना हुआ है। पिछले करीब 15 वर्षो से किसी विवाद व झगड़े में गांव में पुलिस नहीं देखी गई। चुनाव में भी ज्यादा शोरगुल नहीं होता है। शांति से मतदान होता है।

चुनाव में नहीं होती खींचतान
ग्रामीण राजकुमार बताते हैं चुनाव में कभी ज्यादा खींचतान नहीं रही। हर ग्राम पंचायत में गांव में भरपूर विकास कार्य करवाए हैं, लेकिन शहर से मंदिर के लिए बिजली की स्पेशल लाइन स्थापित की जानी थी, जो आज तक नहीं की जा सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed