{"_id":"60bfc0838ebc3e875806629b","slug":"brahmasarovar-will-remain-closed-on-thursday-s-solar-eclipse-kurukshetra-news-knl725394172","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीरवार को लगने वाले सूर्यग्रहण पर बंद रहेंगे प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर के द्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीरवार को लगने वाले सूर्यग्रहण पर बंद रहेंगे प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर के द्वार
विज्ञापन
वीरवार को लगने वाले सूर्यग्रहण पर श्रद्धालुओं को ब्रह्मसरोवर पर स्नान, दान, पूजा-पाठ और सूर्य को अर्घ्य देने से वंचित रहना होगा, क्योंकि कोविड-19 ने उनकी इस आस्था पर ग्रहण लगा दिया है। कोविड-19 के कारण ब्रह्मसरोवर के द्वार पिछले 36 दिनों से बंद पड़े हैं। किसी को भी ब्रह्मसरोवर पर प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने सूर्यग्रहण पर श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने की संभावना को देखते हुए ब्रह्मसरोवर के द्वार बंद रखने का निर्णय लिया है।
हालांकि 7 जून को सरकार ने तीर्थ और मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की सशर्त इजाजत दी है, लेकिन ब्रह्मसरोवर के द्वार अभी भी बंद हैं। वहीं, सूर्यग्रहण पर ब्रह्मसरोवर के द्वार खोलने को लेकर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, भारत साधु समाज के हरियाणा अध्यक्ष महंत बंसी पुरी, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा राष्ट्रीय प्रदेश प्रवक्ता महंत दीपक गिरी और ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने ब्रह्मसरोवर पर स्नान और सूर्य उपासना के लिए ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि भले ही भारत में यह सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन लोगों की ग्रहण काल में स्नान, दान, पूजा पाठ और तप करने में विश्वास रखते हैं। लिहाजा, सरकार और प्रशासन को पुख्ता इंतजाम के साथ व्यवस्था करनी चाहिए, क्योंकि हाल ही में हरिद्वार में कुंभ तथा पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर चैत्र चौदस मेले का आयोजन किया गया था। कई दिनों तक चले इन बड़े आयोजन की तुलना में सूर्यग्रहण सीमित समय का होगा, इसलिए प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। -संवाद
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने की ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान पं. पवन शास्त्री, एडवोकेट जयनारायण शर्मा, महासचिव रामपाल शर्मा, संरक्षक नरेंद्र शर्मा निंदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नितिन भारद्वाज, कोषाध्यक्ष विजय शर्मा, राजकुमार शर्मा, सूर्य मंदिर के पुजारी राजीव अच्चू स्वामी सहित अन्य का कहना है कि सरकार द्वारा सात जून से लॉकडाउन की नई एडवाइजरी के अनुसार धर्मस्थलों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदान कर दी गई है, लेकिन ब्रह्मसरोवर को अछूता रखा गया है। केडीबी को सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए। इस तरह की मनमानी आस्था के केंद्रों पर नहीं होनी चाहिए। राज्यपाल एवं केडीबी अध्यक्ष, सीएम और जिला प्रशासन से 10 जून को ब्रह्मसरोवर को रखकर खोलने की मांग की है।
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर लोगों की आस्था का केंद्र : स्वामी ज्ञानानंद
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का कहना है कि यह सरोवर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस विशाल सरोवर में एक बार में 10 लाख से ज्यादा लोग डुबकी लगा सकते हैं। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा और अन्य पवित्र नदियां खुली हुई हैं तो यह प्रतिबंध केवल ब्रह्मसरोवर पर ही क्यों लगाया गया है। मांग है कि ब्रह्मसरोवर सहित सभी तीर्थों पर लगा प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए।
ब्रह्मसरोवर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन करें इंतजाम : महंत दीपक गिरी
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा राष्ट्रीय प्रदेश प्रवक्ता महंत दीपक गिरी ने कहा कि इस साल का यह पहला सूर्य ग्रहण है। भारत में ग्रहण काल में पवित्र नदियों, तीर्थों में स्नान, दान, उपासना और तप करने की मान्यता है। प्रशासन को श्रद्धालुओं की आस्था से खेलने की बजाए उनकी सुविधा के लिए इंतजाम करने चाहिए।
घर पर पवित्र नदियों के जल से करें स्नान : महंत बंसी पुरी
भारत साधु समाज के हरियाणा अध्यक्ष महंत बंसी पुरी का कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने ब्रह्मसरोवर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में श्रद्धालु अपने घर पर ही पवित्र नदियों के जल को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान कर सकते हैं। सुरक्षा को देखते हुए घर पर ही पूजा अर्चना व उपासना करें।
आंशिक सूर्यग्रहण का भारत में नहीं दिखेगा : मदन मोहन छाबड़ा
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में इस ग्रहण का कोई असर भी नहीं होगा। बैठक के बाद ही ब्रह्मसरोवर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
विज्ञापन
हालांकि 7 जून को सरकार ने तीर्थ और मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की सशर्त इजाजत दी है, लेकिन ब्रह्मसरोवर के द्वार अभी भी बंद हैं। वहीं, सूर्यग्रहण पर ब्रह्मसरोवर के द्वार खोलने को लेकर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, भारत साधु समाज के हरियाणा अध्यक्ष महंत बंसी पुरी, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा राष्ट्रीय प्रदेश प्रवक्ता महंत दीपक गिरी और ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने ब्रह्मसरोवर पर स्नान और सूर्य उपासना के लिए ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि भले ही भारत में यह सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन लोगों की ग्रहण काल में स्नान, दान, पूजा पाठ और तप करने में विश्वास रखते हैं। लिहाजा, सरकार और प्रशासन को पुख्ता इंतजाम के साथ व्यवस्था करनी चाहिए, क्योंकि हाल ही में हरिद्वार में कुंभ तथा पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर चैत्र चौदस मेले का आयोजन किया गया था। कई दिनों तक चले इन बड़े आयोजन की तुलना में सूर्यग्रहण सीमित समय का होगा, इसलिए प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। -संवाद
विज्ञापन
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने की ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान पं. पवन शास्त्री, एडवोकेट जयनारायण शर्मा, महासचिव रामपाल शर्मा, संरक्षक नरेंद्र शर्मा निंदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नितिन भारद्वाज, कोषाध्यक्ष विजय शर्मा, राजकुमार शर्मा, सूर्य मंदिर के पुजारी राजीव अच्चू स्वामी सहित अन्य का कहना है कि सरकार द्वारा सात जून से लॉकडाउन की नई एडवाइजरी के अनुसार धर्मस्थलों को सशर्त खोलने की अनुमति प्रदान कर दी गई है, लेकिन ब्रह्मसरोवर को अछूता रखा गया है। केडीबी को सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए। इस तरह की मनमानी आस्था के केंद्रों पर नहीं होनी चाहिए। राज्यपाल एवं केडीबी अध्यक्ष, सीएम और जिला प्रशासन से 10 जून को ब्रह्मसरोवर को रखकर खोलने की मांग की है।
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर लोगों की आस्था का केंद्र : स्वामी ज्ञानानंद
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का कहना है कि यह सरोवर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस विशाल सरोवर में एक बार में 10 लाख से ज्यादा लोग डुबकी लगा सकते हैं। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा और अन्य पवित्र नदियां खुली हुई हैं तो यह प्रतिबंध केवल ब्रह्मसरोवर पर ही क्यों लगाया गया है। मांग है कि ब्रह्मसरोवर सहित सभी तीर्थों पर लगा प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए।
ब्रह्मसरोवर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन करें इंतजाम : महंत दीपक गिरी
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा राष्ट्रीय प्रदेश प्रवक्ता महंत दीपक गिरी ने कहा कि इस साल का यह पहला सूर्य ग्रहण है। भारत में ग्रहण काल में पवित्र नदियों, तीर्थों में स्नान, दान, उपासना और तप करने की मान्यता है। प्रशासन को श्रद्धालुओं की आस्था से खेलने की बजाए उनकी सुविधा के लिए इंतजाम करने चाहिए।
घर पर पवित्र नदियों के जल से करें स्नान : महंत बंसी पुरी
भारत साधु समाज के हरियाणा अध्यक्ष महंत बंसी पुरी का कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने ब्रह्मसरोवर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में श्रद्धालु अपने घर पर ही पवित्र नदियों के जल को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान कर सकते हैं। सुरक्षा को देखते हुए घर पर ही पूजा अर्चना व उपासना करें।
आंशिक सूर्यग्रहण का भारत में नहीं दिखेगा : मदन मोहन छाबड़ा
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में इस ग्रहण का कोई असर भी नहीं होगा। बैठक के बाद ही ब्रह्मसरोवर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।