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कम ब्याज पर कर्ज लेने में सतर्क रहें
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एप कंपनियां चुटकियों में लोन देने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। एप कंपनी पहले जरूरतमंद लोगों को कम ब्याज पर लोन देने का आश्वासन देती है। उसके बाद लालच में आकर कोई व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता है तो लोन वसूली के नाम पर कंपनियां मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न करना शुरू कर देती है। इन एप कंपनियों की वजह से कई लोग आत्महत्या कर चुके हैं। यह कहना है पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला का।
उन्होंने बताया कि इस तरह की एप आधारित देश में करीब 700 कंपनियां चल रही है। यह एनबीएफसी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के तहत पंजीकृत भी हैं। कोरोना महामारी के दौरान लोग आर्थिक रूप से कमजोर हो गए। यह एप कंपनियां विज्ञापन के माध्यम से ई-मेल और मैसेज के माध्यम से लोगों को बिना किसी दस्तावेज के ही झटपट पैसे देने का लालच देती हैं। यह कंपनियां लोन के रूप में 10 से 20 हजार रुपये तक की पेशकश करती है। लोन देने की प्रक्रिया के दौरान व्यक्तिगत जानकारी भी कंपनियों के पास पहुंच जाती है।
कहा कि लोन नहीं चुकाने पर अधिक दर से ब्याज वसूल किया जाता है, जिसके लिए कॉल सेंटरों से व्यक्ति को गाली-गलौज और धमकियां मिलती है। इससे व्यक्ति मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो जाता है। इस कारण कई लोग आत्महत्या भी कर चुके हैं। अपील है कि इस तरह की एप कंपनी के बहकावे में आकर लोन न लें। एप कंपनियां कई तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रही है। इनसे बचने और सावधान रहने की जरूरत है।
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कुरुक्षेत्र। एप कंपनियां चुटकियों में लोन देने का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। एप कंपनी पहले जरूरतमंद लोगों को कम ब्याज पर लोन देने का आश्वासन देती है। उसके बाद लालच में आकर कोई व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता है तो लोन वसूली के नाम पर कंपनियां मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न करना शुरू कर देती है। इन एप कंपनियों की वजह से कई लोग आत्महत्या कर चुके हैं। यह कहना है पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला का।
उन्होंने बताया कि इस तरह की एप आधारित देश में करीब 700 कंपनियां चल रही है। यह एनबीएफसी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के तहत पंजीकृत भी हैं। कोरोना महामारी के दौरान लोग आर्थिक रूप से कमजोर हो गए। यह एप कंपनियां विज्ञापन के माध्यम से ई-मेल और मैसेज के माध्यम से लोगों को बिना किसी दस्तावेज के ही झटपट पैसे देने का लालच देती हैं। यह कंपनियां लोन के रूप में 10 से 20 हजार रुपये तक की पेशकश करती है। लोन देने की प्रक्रिया के दौरान व्यक्तिगत जानकारी भी कंपनियों के पास पहुंच जाती है।
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कहा कि लोन नहीं चुकाने पर अधिक दर से ब्याज वसूल किया जाता है, जिसके लिए कॉल सेंटरों से व्यक्ति को गाली-गलौज और धमकियां मिलती है। इससे व्यक्ति मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो जाता है। इस कारण कई लोग आत्महत्या भी कर चुके हैं। अपील है कि इस तरह की एप कंपनी के बहकावे में आकर लोन न लें। एप कंपनियां कई तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रही है। इनसे बचने और सावधान रहने की जरूरत है।
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