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लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों ने दिया नायब तहसीलदार को ज्ञापन
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आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा की स्थानीय इकाई ने अपनी लंबित मांगों को लेकर नायब तहसीलदार डीआर कांबोज को महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसील कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मांग करते हुए कहा कि जब तक आंगनबाड़ी वर्कर्स को स्मार्ट फोन नहीं दिए जाते, तब तक उन पर पोषण ट्रैकर ऐप डाउनलोड करने का दबाव न बनाया जाए। ऑनलाइन काम के एवज में उनको प्रतिमाह 500 रुपये इंटरनेट के लिए रिचार्ज दिए जाने चाहिए। वहीं उनको पोषण ट्रैकर एप पर काम करने का कोई प्रशिक्षण दिया ताकि वह लोग सुगमता से काम कर सके। उन्होंने हर महीने 7 तारीख तक मानदेय देने की मांग भी की। वहीं उन्होंने कहा कि गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का छह महीने से लेकर दो साल तक का किराया बकाया पड़ा है। शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र का किया 1500 रुपये प्रतिमाह है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह मात्र 200 रुपये दिया जाता है। उनको आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी कैंपर, पंखे, झाड़ू, अलमारी सहित तमाम जरूरी सामान उपलब्ध कराया। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर संतोष रानी, सीमा देवी, सरोज शर्मा, गीता, उषा शर्मा, हेमा शर्मा, रीना देवी, डिंपल, बबीता रानी, कमलेश व मूर्ति देवी आदि मौजूद रही।
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मांग करते हुए कहा कि जब तक आंगनबाड़ी वर्कर्स को स्मार्ट फोन नहीं दिए जाते, तब तक उन पर पोषण ट्रैकर ऐप डाउनलोड करने का दबाव न बनाया जाए। ऑनलाइन काम के एवज में उनको प्रतिमाह 500 रुपये इंटरनेट के लिए रिचार्ज दिए जाने चाहिए। वहीं उनको पोषण ट्रैकर एप पर काम करने का कोई प्रशिक्षण दिया ताकि वह लोग सुगमता से काम कर सके। उन्होंने हर महीने 7 तारीख तक मानदेय देने की मांग भी की। वहीं उन्होंने कहा कि गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का छह महीने से लेकर दो साल तक का किराया बकाया पड़ा है। शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र का किया 1500 रुपये प्रतिमाह है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह मात्र 200 रुपये दिया जाता है। उनको आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी कैंपर, पंखे, झाड़ू, अलमारी सहित तमाम जरूरी सामान उपलब्ध कराया। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर संतोष रानी, सीमा देवी, सरोज शर्मा, गीता, उषा शर्मा, हेमा शर्मा, रीना देवी, डिंपल, बबीता रानी, कमलेश व मूर्ति देवी आदि मौजूद रही।
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