किसानों ने जहर मुक्त खेती करने का लिया संकल्प
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हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहयोग से मंगलवार को कैथल एवं पंचकूला से 50 किसानों का प्रतिनिधिमंडल गुरुकुल कुरुक्षेत्र के जैविक कृषि फार्म का भ्रमण करने पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार, एडीओ डॉ. प्रदीप और डॉ. कृष्ण कुमार, प्रगतिशील किसान महिन्द्र रसीना, जसबीर सिंह, पालाराम, वीरेन्द्र, सोमपाल आदि शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल में आए सभी किसानों ने संकल्प लिया कि वे कृषि विभाग की सहायता से रासायनिक कृषि को त्यागकर अपने खेतों में प्राकृतिक कृषि करेंगे।
गुरुकुल की ओर से प्राकृतिक कृषि का प्रचार-प्रसार कर रहे कृषि विकास अधिकारी डॉ. वजीर सिंह ने प्रतिनिधि मंडल में आए सभी किसानों को गुरुकुल की गो शाला, केंचुआ खाद निर्माण केन्द्र, जीवामृत, घनजीवामृत और कीटनाशक निर्माण केन्द्र, अश्वशाला आदि का निरीक्षण कराया। किसानों ने गो शाला में गायों को दिये जाने वाले चारे से लेकर फीड़, प्लांट, उनके रहने के बाड़े, एसी शेड, ऑटोमेटिक मिल्क पार्लर आदि का दौरा कर जानकारी प्राप्त की। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र द्वारा 180 एकड़ भूमि पर आर्गेनिक खेती की जा रही है। गो शाला से प्राप्त हुए गोबर और गोमूत्र का उपयोग शून्य लागत आध्यात्मिक कृषि में किया जाता है
उन्होंने बताया कि जहां किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से कम उत्पादन के साथ भूमि की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर रहे हैं, वहीं शून्य लागत प्राकृतिक कृषि को अपनाकर किसान न केवल दोगुना उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं बल्कि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति में भी वृद्धि होगी। कुलवंत सिंह सैनी ने सभी किसानों को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा लिखित ‘शून्य लागत प्राकृतिक खेती’ पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह, कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह, राजकुमार आदि इस अवसर पर उपस्थित रहे।