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Kurukshetra News: केयू में डी-टाइप आवासों के आवंटन पर विवाद, गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान ने उठाए सवाल
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में डी-टाइप आवासों के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान राम कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 24 अगस्त को जारी अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक भेदभाव और प्रक्रियात्मक अनियमितता बताया है। उन्होंने कुलपति को अभ्यावेदन सौंपकर अधिसूचना को तत्काल वापस लेने और रद्द करने की मांग की है।
राम कुमार ने पत्र में कहा कि 23 रिक्त डी-टाइप आवासों के आवंटन के लिए केवल एमटीएच आवासों में रह रहे कर्मचारियों को पात्र माना गया है। अधिसूचना में एमटीएच आवासों की खराब और जीर्ण-शीर्ण स्थिति को इसका आधार बताया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये आवास रहने योग्य नहीं थे तो 29 अप्रैल को इन्हीं आवासों को नए आवंटन के लिए विज्ञापित क्यों किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आवास आवंटन से संबंधित सामान्य अधिसूचनाएं शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों विभागों में भेजी जाती थी, जबकि इस बार सूचना केवल शिक्षण विभागों के अध्यक्षों के माध्यम से प्रसारित की गई। इससे पात्र गैर-शिक्षक कर्मचारियों को आवेदन के अवसर से वंचित किए जाने का आरोप लगाया गया है। राम कुमार ने कुलपति से मामले की समीक्षा कर 24 अगस्त की अधिसूचना रद्द करने और सभी पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने की मांग की है।
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राम कुमार ने पत्र में कहा कि 23 रिक्त डी-टाइप आवासों के आवंटन के लिए केवल एमटीएच आवासों में रह रहे कर्मचारियों को पात्र माना गया है। अधिसूचना में एमटीएच आवासों की खराब और जीर्ण-शीर्ण स्थिति को इसका आधार बताया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये आवास रहने योग्य नहीं थे तो 29 अप्रैल को इन्हीं आवासों को नए आवंटन के लिए विज्ञापित क्यों किया गया था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आवास आवंटन से संबंधित सामान्य अधिसूचनाएं शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों विभागों में भेजी जाती थी, जबकि इस बार सूचना केवल शिक्षण विभागों के अध्यक्षों के माध्यम से प्रसारित की गई। इससे पात्र गैर-शिक्षक कर्मचारियों को आवेदन के अवसर से वंचित किए जाने का आरोप लगाया गया है। राम कुमार ने कुलपति से मामले की समीक्षा कर 24 अगस्त की अधिसूचना रद्द करने और सभी पात्र कर्मचारियों को समान अवसर देने की मांग की है।
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