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स्योंसर के जंगल को वाइल्ड लाइफ एंड बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित करने की योजना होगी तैयार
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गांव स्योंसर के जंगल को वाइल्ड लाइफ एंड बर्ड सेंचुरी (वन्य जीव एवं पक्षी अभयारण्य) के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से योजना तैयार की जाएगी। फिर वनमंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच ने रविवार को वन विभाग के अधिकारियों संग स्योंसर जंगलों का जायजा लिया। इस दौरान स्योंसर के जंगलों को वन्य जीव एवं पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। किरमच ने कहा कि पिहोवा के गांव स्योंसर में 11 हजार एकड़ भूमि पर भव्य व सुंदर जंगल विकसित है। इस जंगल में विलुप्त हो रहे भालू, हाथी, शेर, लंगूर बंदर सहित अन्य जीव जंतुओं को रखने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि योजना का प्रारूप तैयार करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल व वन मंत्री कंवरपाल के समक्ष रखा जाएगा। यहां से अनुमति मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई पर काम किया जाएगा।
5 राज्यों के पर्यटक पहुंचते है तीर्थ नगरी पिहोवा में
उपाध्यक्ष ने कहा कि पिहोवा एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थली है। इस तीर्थ स्थली पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं पैदा होंगी।
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हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच ने रविवार को वन विभाग के अधिकारियों संग स्योंसर जंगलों का जायजा लिया। इस दौरान स्योंसर के जंगलों को वन्य जीव एवं पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। किरमच ने कहा कि पिहोवा के गांव स्योंसर में 11 हजार एकड़ भूमि पर भव्य व सुंदर जंगल विकसित है। इस जंगल में विलुप्त हो रहे भालू, हाथी, शेर, लंगूर बंदर सहित अन्य जीव जंतुओं को रखने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि योजना का प्रारूप तैयार करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल व वन मंत्री कंवरपाल के समक्ष रखा जाएगा। यहां से अनुमति मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई पर काम किया जाएगा।
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5 राज्यों के पर्यटक पहुंचते है तीर्थ नगरी पिहोवा में
उपाध्यक्ष ने कहा कि पिहोवा एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थली है। इस तीर्थ स्थली पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं पैदा होंगी।
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