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विश्वस्तरीय सुविधाएं देने वाला देश करेगा तरक्की
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कार्यशाला का शुभारंभ करते मुख्यातिथि हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अर्थव्यवस्था के मामले में वहीं देश तरक्की करेगा, जो कम लागत में बेहतर टेक्नोलॉजी के साथ नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा। यह बात राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कही। वे मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित न्याय प्रणाली, मानवाधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा में श्रीमद्भगवद गीता की भूमिका विषय पर आयोजित पांच दिवसीय विशेष कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के बलबूते पर ही भारत को शक्तिशाली बनाना है ताकि दुनिया को कोई भी भारत को तिरछी नजर से न देख सके और जो देखने का दुस्साहस करे, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। उन्होंने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र राष्ट्रीय महत्व के कई अनुसंधान क्षेत्रों कृषि और शहरी मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक प्रद्योगिकियों का उपयोग, सड़क और भवनों के निर्माण के लिए वैकल्पिक सामग्री, साइबर सुरक्षा, डेटाबेस और डेटा खनन, सामग्री विज्ञान और नैनो-प्रौद्योगिकी में शामिल है।
यहां संकाय सदस्यों को भी 12 पेटेंट दिए गए हैं और उन्होंने 25 और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना काल में तकनीक से लोगों को बचाने का काम किया गया। इतना ही नहीं स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक, रक्षा से लेकर कृषि तक, न केवल अधिक रोजगार सृजित करने, निर्यात बढ़ाने बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने और लोगों के जीवन को आसान बनाने में मदद करने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
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सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि महापराक्रमी योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। निट के निदेशक बीके रमना रेड्डी ने कहा कि निट ने पिछले 60 सालों में देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संस्थान ने 34 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं और डीआरडीओ, इसरो और युनेस्को जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
अब सोशल और ह्यूमन इंजीनियरिंग का पाठ भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। कार्यशाला में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति सोमनाथ सचदेवा और आरईआरएफ के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर निट पांडिचेरी के निदेशक प्रोफेसर के शंकर नारायणसामी, डीन प्रोफेसर ब्रह्मजीत सिंह, कुलसचिव जीआर सामंतरे, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी व एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक आदि उपस्थित रहे।
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कुरुक्षेत्र। अर्थव्यवस्था के मामले में वहीं देश तरक्की करेगा, जो कम लागत में बेहतर टेक्नोलॉजी के साथ नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा। यह बात राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कही। वे मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित न्याय प्रणाली, मानवाधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा में श्रीमद्भगवद गीता की भूमिका विषय पर आयोजित पांच दिवसीय विशेष कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के बलबूते पर ही भारत को शक्तिशाली बनाना है ताकि दुनिया को कोई भी भारत को तिरछी नजर से न देख सके और जो देखने का दुस्साहस करे, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। उन्होंने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र राष्ट्रीय महत्व के कई अनुसंधान क्षेत्रों कृषि और शहरी मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक प्रद्योगिकियों का उपयोग, सड़क और भवनों के निर्माण के लिए वैकल्पिक सामग्री, साइबर सुरक्षा, डेटाबेस और डेटा खनन, सामग्री विज्ञान और नैनो-प्रौद्योगिकी में शामिल है।
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यहां संकाय सदस्यों को भी 12 पेटेंट दिए गए हैं और उन्होंने 25 और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। राज्यपाल ने कहा कि कोरोना काल में तकनीक से लोगों को बचाने का काम किया गया। इतना ही नहीं स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक, रक्षा से लेकर कृषि तक, न केवल अधिक रोजगार सृजित करने, निर्यात बढ़ाने बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने और लोगों के जीवन को आसान बनाने में मदद करने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
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सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि महापराक्रमी योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। निट के निदेशक बीके रमना रेड्डी ने कहा कि निट ने पिछले 60 सालों में देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संस्थान ने 34 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं और डीआरडीओ, इसरो और युनेस्को जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
अब सोशल और ह्यूमन इंजीनियरिंग का पाठ भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। कार्यशाला में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति सोमनाथ सचदेवा और आरईआरएफ के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर निट पांडिचेरी के निदेशक प्रोफेसर के शंकर नारायणसामी, डीन प्रोफेसर ब्रह्मजीत सिंह, कुलसचिव जीआर सामंतरे, उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी व एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक आदि उपस्थित रहे।