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Kurukshetra News: दंपतियों के बीच विवाद, उजड़ने से बचे 717 घर
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कुरुक्षेत्र। मामूली विवादों के चलते जहां घरेलू विवाद बढ़ रहे हैं वहीं पुलिस की पहल ऐसे मामलों में घरों को टूटने से बचा रही है। घरेलू हिंसा से लेकर दहेज प्रताड़ना तक के मामलों में पुलिस की ओर से पंचायती तौर पर दोनों पक्षों की काउंसिलिंग कर उन्हें सहमत किया जा रहा है। ऐसे में न केवल विवाद आगे बढ़ने से बच रहे हैं बल्कि परिवार भी टूटने से बच पा रहे हैं।
महिला थाना की टीम के सामने वर्ष 2024 में 804 दंपतियों के बीच विवाद के मामले आए थे। जिनमें पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए 717 दंपतियों को बिछडऩे से बचाने के लिए मामलों को पंचायती राजीनामा के तहत मध्यस्थता करते हुए थाने में सुलझाएं हैं। 87 मामलों में दंपतियों को काफी समझाने के बाद भी न समझने पर मामला दर्ज कर अदालत में भेज दिए। महिला थाना कि टीम ने महिला पर हुए अपराधों के खिलाफ अदालत में सुनवाई के दौरान अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महिला थाना प्रभारी कुलबीर कौर ने बताया कि घरेलू हिंसा व दहेज प्रताडऩा से संबंधित दंपतियों के बीच हुए विवादों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश अनुरूप कार्य करते हुए। थाने में प्राप्त मामलों पर तीन बार दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जाती है तथा हरसंभव प्रयास किया जाता है कि दंपतियों के बीच पैदा हुए आपसी मतभेद दूर किए जा सके।
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परिणाम स्वरूप वर्ष 2024 में महिला थाने में प्राप्त 804 मामलों में मध्यस्थता करते हुए 717 मामलों को सामाजिक स्तर पर समझौता कराते हुए दंपतियों का घर उजड़ने से बचाया गया है। इसके साथ ही 87 मामलों में केस दर्ज कर करके अदालत में भेज गए।
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के साथ हुए अपराधों के खिलाफ अदालत में सुनवाई के दौरान अपराधियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। कुलबीर कौर ने कहा कि मुख्य रूप से नाबालिग पीडितों के साथ दुष्कर्म वा पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पुलिस पैरवी कर आराेपियों को कठोर कारावास व जुर्माना की सजा दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
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महिला थाना की टीम के सामने वर्ष 2024 में 804 दंपतियों के बीच विवाद के मामले आए थे। जिनमें पुलिस के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए 717 दंपतियों को बिछडऩे से बचाने के लिए मामलों को पंचायती राजीनामा के तहत मध्यस्थता करते हुए थाने में सुलझाएं हैं। 87 मामलों में दंपतियों को काफी समझाने के बाद भी न समझने पर मामला दर्ज कर अदालत में भेज दिए। महिला थाना कि टीम ने महिला पर हुए अपराधों के खिलाफ अदालत में सुनवाई के दौरान अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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महिला थाना प्रभारी कुलबीर कौर ने बताया कि घरेलू हिंसा व दहेज प्रताडऩा से संबंधित दंपतियों के बीच हुए विवादों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश अनुरूप कार्य करते हुए। थाने में प्राप्त मामलों पर तीन बार दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जाती है तथा हरसंभव प्रयास किया जाता है कि दंपतियों के बीच पैदा हुए आपसी मतभेद दूर किए जा सके।
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परिणाम स्वरूप वर्ष 2024 में महिला थाने में प्राप्त 804 मामलों में मध्यस्थता करते हुए 717 मामलों को सामाजिक स्तर पर समझौता कराते हुए दंपतियों का घर उजड़ने से बचाया गया है। इसके साथ ही 87 मामलों में केस दर्ज कर करके अदालत में भेज गए।
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के साथ हुए अपराधों के खिलाफ अदालत में सुनवाई के दौरान अपराधियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। कुलबीर कौर ने कहा कि मुख्य रूप से नाबालिग पीडितों के साथ दुष्कर्म वा पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में पुलिस पैरवी कर आराेपियों को कठोर कारावास व जुर्माना की सजा दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।