{"_id":"5c607b94bdec2211ac1af1b6","slug":"71549826964-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिबद्री से सिरसा तक पहुंचेगी बहती हुई ऐतिहासिक सरस्वती नदी : जैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदिबद्री से सिरसा तक पहुंचेगी बहती हुई ऐतिहासिक सरस्वती नदी : जैन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो नंबर-48 से 50
आदिबद्री से सिरसा तक पहुंचेगी अविरल सरस्वती नदी
- अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कहा कि सरकार आदिबद्री के ऊपर एक बांध व झील का निर्माण कराएगी। जिससे वहां से सिरसा तक अविरल सरस्वती नदी पहुंच सके और यमुनानगर के साथ लगते क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति न बने। इसके लिए वैज्ञानिक, ओएनजीसी के अलावा देशी की करीब 70 संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो भी सामाजिक संस्थाएं अथवा आमजन सरस्वती निर्माण कार्य में सहयोग करेंगे, अगले वर्ष सरस्वती महोत्सव में उनको सरस्वती सम्मान व सरस्वती पुत्र अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
रविवार को यहां अंतरराष्ट्रीय सरस्वती समारोह के समापन के मौके पर संबोधन में उन्होंने यह उद्गार प्रगट किए। उन्होंने कहाकि प्राचीन समय से भारत विश्व गुरू रहा है। हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति पूरी दुनिया में विख्यात है। प्राचीन समय में माना जाता रहा है कि जहां नदियां होती थीं, वहां रोजगार के अवसर भी अपार होते थे। नूतन व स्नातन के साथ साथ शिवालिक व अरावली का सौभाग्य भी हरियाणा को प्राप्त है। कुरुक्षेत्र व पिहोवा की वह भूमि पर योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग पांच हजार वर्ष पहले समूची मानव जाति को कर्म करने का संदेश दिया था। नदियों के किनारे हमारे वेदों की रचना हुई। नदियों के इस महत्व को मौजूदा सरकार ने समझा और इसके लिए प्रयास किए। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश, सरस्वती हेरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण भारती भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं पिहोवा के पत्रकारों ने सरस्वती सरोवर के पास हर वर्ष चैत्र चौदस के मेले में यात्रियों की सुविधा के लिए आडिटोरियम व आधुनिक मीडिया सेंटर बनवाने हेतु मांग पत्र कैबिनेट मंत्री कविता जैन को सौंपा। कार्यक्रम में पिहोवा की सामाजिक संस्थाओं, अधिकारियों व गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, एसडीएम निर्मल नागर, तहसीलदार चेतना चौधरी, नगरपालिका सचिव निशा शर्मा, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, गुरनाम मलिक, धर्मपाल दस्तूर, सलेटी कैथल, सतीश सिंगला, अक्षय नंदा, तरूण वडैच, सतीश मित्तल, राकेश दीक्षित, बलबीर गुर्जर, ज्ञान शर्मा, जय सिंह पाल, मंदीप सिंह विर्क, योगेश दत्ता, विशाल शर्मा, युधिष्ठिर बहल, सचिन मित्तल, रोशन लाल गर्ग, राकेश मेहता व अन्य मौजूद थे।
बॉक्स
राष्ट्रविरोधी ताकतें देश में द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहीं : इंद्रेश
--------------------
पिहोवा (कुरुक्षेत्र )। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें देश में द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहीं हैं। उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। देश की एकजुटता के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और देश की सीमाओं को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिबद्री से पिहोवा तक 450 किलोमीटर के चैनल में आने वाले लगभग 126 तीर्थों को अगले वर्ष सरस्वती महोत्सव के दौरान दो दिन प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। समापन अवसर के बाद सरस्वती तीर्थ पर शंख ध्वनि से आरती का आयोजन किया गया। इसमें लाईट व आरती से सरस्वती पर पडऩे वाले प्रतिबिंब का आलौकिक दृश्य बन गया। इसके बाद श्लोकाच्चारण से आरती का समापन हुआ।
आदिबद्री से सिरसा तक पहुंचेगी अविरल सरस्वती नदी
- अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कहा कि सरकार आदिबद्री के ऊपर एक बांध व झील का निर्माण कराएगी। जिससे वहां से सिरसा तक अविरल सरस्वती नदी पहुंच सके और यमुनानगर के साथ लगते क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति न बने। इसके लिए वैज्ञानिक, ओएनजीसी के अलावा देशी की करीब 70 संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो भी सामाजिक संस्थाएं अथवा आमजन सरस्वती निर्माण कार्य में सहयोग करेंगे, अगले वर्ष सरस्वती महोत्सव में उनको सरस्वती सम्मान व सरस्वती पुत्र अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
रविवार को यहां अंतरराष्ट्रीय सरस्वती समारोह के समापन के मौके पर संबोधन में उन्होंने यह उद्गार प्रगट किए। उन्होंने कहाकि प्राचीन समय से भारत विश्व गुरू रहा है। हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति पूरी दुनिया में विख्यात है। प्राचीन समय में माना जाता रहा है कि जहां नदियां होती थीं, वहां रोजगार के अवसर भी अपार होते थे। नूतन व स्नातन के साथ साथ शिवालिक व अरावली का सौभाग्य भी हरियाणा को प्राप्त है। कुरुक्षेत्र व पिहोवा की वह भूमि पर योगीराज भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग पांच हजार वर्ष पहले समूची मानव जाति को कर्म करने का संदेश दिया था। नदियों के किनारे हमारे वेदों की रचना हुई। नदियों के इस महत्व को मौजूदा सरकार ने समझा और इसके लिए प्रयास किए। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश, सरस्वती हेरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण भारती भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं पिहोवा के पत्रकारों ने सरस्वती सरोवर के पास हर वर्ष चैत्र चौदस के मेले में यात्रियों की सुविधा के लिए आडिटोरियम व आधुनिक मीडिया सेंटर बनवाने हेतु मांग पत्र कैबिनेट मंत्री कविता जैन को सौंपा। कार्यक्रम में पिहोवा की सामाजिक संस्थाओं, अधिकारियों व गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, एसडीएम निर्मल नागर, तहसीलदार चेतना चौधरी, नगरपालिका सचिव निशा शर्मा, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, गुरनाम मलिक, धर्मपाल दस्तूर, सलेटी कैथल, सतीश सिंगला, अक्षय नंदा, तरूण वडैच, सतीश मित्तल, राकेश दीक्षित, बलबीर गुर्जर, ज्ञान शर्मा, जय सिंह पाल, मंदीप सिंह विर्क, योगेश दत्ता, विशाल शर्मा, युधिष्ठिर बहल, सचिन मित्तल, रोशन लाल गर्ग, राकेश मेहता व अन्य मौजूद थे।
विज्ञापन
बॉक्स
राष्ट्रविरोधी ताकतें देश में द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहीं : इंद्रेश
--------------------
पिहोवा (कुरुक्षेत्र )। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें देश में द्वेष फैलाने की कोशिश कर रहीं हैं। उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। देश की एकजुटता के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और देश की सीमाओं को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिबद्री से पिहोवा तक 450 किलोमीटर के चैनल में आने वाले लगभग 126 तीर्थों को अगले वर्ष सरस्वती महोत्सव के दौरान दो दिन प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। समापन अवसर के बाद सरस्वती तीर्थ पर शंख ध्वनि से आरती का आयोजन किया गया। इसमें लाईट व आरती से सरस्वती पर पडऩे वाले प्रतिबिंब का आलौकिक दृश्य बन गया। इसके बाद श्लोकाच्चारण से आरती का समापन हुआ।
विज्ञापन