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हाईकोर्ट के आदेशों के बाद केयू के कर्मियों में खलबली, मामले को लेकर कमेटी का किया गठन
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:16 AM IST
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रेगुलराइजेशन पॉलिसी रद्द होने पर अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में पूर्व की हुड्डा सरकार द्वारा अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की बनाई नीति को रद कर देने के आदेशों के बाद केयू के सैकड़ों कर्मचारियों में खलबली बची हुई है। उनमें अब अपनी नौकरी पर संकट दिखाई देने लगा है। इसी के चलते सोमवार को केयू गैर शिक्षक संघ की अहम बैठक भी हुई, जिसमें इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बता दें कि हाईकोर्ट ने गत वीरवार को जारी किए आदेशों में हरियाणा में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस सरकार द्वारा कॉंट्रैक्ट, एडहॉक व अस्थायी तौर पर तीन वर्ष से अधिक समय में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनाई गई रेगुलराइजेशन पॉलिसी को खारिज कर दिया है। इसी के चलते सोमवार को केयू के यूनिवर्सिटी आडिटोरियम में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की ओर से बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुंटिया के महासचिव नीलकंठ शर्मा ने की। उन्होंने हाईकोर्ट के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले की निदां करते हुए कहा कि कुंटिया कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कुंटिया व सर्व कर्मचारी संघ कर्मचारियों की हित की लड़ाई लड़ेगा। शर्मा ने कहा कि कुंटिया व सर्वकमारी संघ के पदाधिकारी छह जून को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि कुंटिया 2014 की पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देगी। उनकी नौकरी पर आए संकट को शीघ्र अति शीघ्र दूर करने के भरपूर प्रयास करेगी। उन्हें किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की, जिसमें प्रधान रामकुमार गुर्जर, पूर्व महासचिव डॉ दीपक शर्मा, महासचिव नीलकंठ शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल लौहाट व सहायक मनदीप शर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया। यह कमेटी 2014 की पॉलिसी के तहत लगे केयू में 197 कर्मचरियों के बारे में निर्णय लेगी व उनकी नौकरी को बचायें रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। बैठक में पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, पूर्व महासचिव डॉ. दीपक शर्मा, भारत भूषण, कोषाध्यक्ष अनिल लौहाट, सह-सचिव रविंद्र तोमर, रामेश्वर सैनी, रामफल, महिंद्र, विजय गौड़, अखिलेश, जयपाल, राजपाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप-प्रधान विष्णु नाथ सभी कार्यकारिणी सदस्य व कर्मचारी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में पूर्व की हुड्डा सरकार द्वारा अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की बनाई नीति को रद कर देने के आदेशों के बाद केयू के सैकड़ों कर्मचारियों में खलबली बची हुई है। उनमें अब अपनी नौकरी पर संकट दिखाई देने लगा है। इसी के चलते सोमवार को केयू गैर शिक्षक संघ की अहम बैठक भी हुई, जिसमें इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बता दें कि हाईकोर्ट ने गत वीरवार को जारी किए आदेशों में हरियाणा में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस सरकार द्वारा कॉंट्रैक्ट, एडहॉक व अस्थायी तौर पर तीन वर्ष से अधिक समय में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनाई गई रेगुलराइजेशन पॉलिसी को खारिज कर दिया है। इसी के चलते सोमवार को केयू के यूनिवर्सिटी आडिटोरियम में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की ओर से बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुंटिया के महासचिव नीलकंठ शर्मा ने की। उन्होंने हाईकोर्ट के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले की निदां करते हुए कहा कि कुंटिया कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कुंटिया व सर्व कर्मचारी संघ कर्मचारियों की हित की लड़ाई लड़ेगा। शर्मा ने कहा कि कुंटिया व सर्वकमारी संघ के पदाधिकारी छह जून को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि कुंटिया 2014 की पॉलिसी के तहत लगे कर्मचारियों का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देगी। उनकी नौकरी पर आए संकट को शीघ्र अति शीघ्र दूर करने के भरपूर प्रयास करेगी। उन्हें किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की, जिसमें प्रधान रामकुमार गुर्जर, पूर्व महासचिव डॉ दीपक शर्मा, महासचिव नीलकंठ शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल लौहाट व सहायक मनदीप शर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया। यह कमेटी 2014 की पॉलिसी के तहत लगे केयू में 197 कर्मचरियों के बारे में निर्णय लेगी व उनकी नौकरी को बचायें रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। बैठक में पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, पूर्व महासचिव डॉ. दीपक शर्मा, भारत भूषण, कोषाध्यक्ष अनिल लौहाट, सह-सचिव रविंद्र तोमर, रामेश्वर सैनी, रामफल, महिंद्र, विजय गौड़, अखिलेश, जयपाल, राजपाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप-प्रधान विष्णु नाथ सभी कार्यकारिणी सदस्य व कर्मचारी उपस्थित थे।
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