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न पीने का पानी मिला और न ही परीक्षा केंद्र के चले पंखे
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:55 PM IST
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न पीने का पानी मिला और न ही परीक्षा केंद्र के चले पंखे
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के सात विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए इस बार कॉमन परीक्षा ने केयू की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सोमवार को केयू के चार परीक्षा केंद्रों पर 1177 विद्यार्थी दाखिला परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। यहां दूरदराज क्षेत्रों से दाखिला परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी और इनके अभिभावकों ने केयू प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
एमए मास कॉम की प्रवेश परीक्षा देने आए विद्यार्थियों के मुताबिक परीक्षा के दौरान खराब पंखों की वजह से बेहद गर्मी से जूझना पड़ा। बिजली होने के बावजूद पंखे बंद रहे और पीने के पानी की भी व्यवस्था न होने के कारण दिक्कतें हुईं। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय में साइन बोर्ड्स का अभाव भी देखने को मिला, थर्ड गेट पर बहुत दूर दूर तक साइन बोर्ड नहीं है वही केयू का मैप भी बहुत आगे चलकर दिखा। इस वजह से विभिन्न विभागों और कैंटीन को ढूंढने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा पत्र में एक सवाल भी गलत दिया हुआ है, जो बी कोड में 94 वां और सी कोड़ में 69वां सवाल हैं , नेगेटिव मार्किंग को देखते हुए इसके लिए परीक्षा शाखा द्वारा उचित कदम उठाने के लिए विद्यार्थियों ने मदद मांगी है। इधर प्रवेश परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर अभिभावकों को कुछ अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। केयू की ओर से अभिभावकों के बैठने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गयी। पार्किंग में और पेड़ों की छांव में दीवारों पर बैठकर अभिभावकों ने अपना समय बिताया। प्रवेश परीक्षा से ऐन पहले तेज बारिश के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी से गुजरना पड़ा। कुछ परीक्षार्थी पेड़ों के नीचे खड़े होकर बारिश से बचते दिखे तो कई इमारत के छज्जे के नीचे खड़े होकर बारिश में भीगने से बचाव करते नजर आए।
केयू के ग्रेड को लेकर संशय में विद्यार्थी
अपनी बेटियों को प्रवेश परीक्षा दिलवाने पहुंचे अंबाला के गुरमिंदर सिंह और झज्जर के सुनील कुमार का कहना है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का वातावरण और हरियाली अच्छी हैं पर यहां के ग्रेड को लेकर अभी भी विद्यार्थियों में संशय की स्थिति है। इन्होंने कहा कि डर यह है कि कहीं भविष्य में बच्चों को करियर में किसी प्रकार के सवाल खड़े ना हो, ऐसे में वे डीयू और पीयू जैसे दूसरे विश्वविद्यालयों को प्राथमिकता देंगे, वहीं बहुत बार केयू का खराब रिजल्ट, डीएमसी मिलने में परेशानी और समय पर रोल नंबर न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इनके साथ ही दूसरे अभिभावकों ने भी केयू के ग्रेड को लेकर चिंता जताई ।
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परेशान अभिभावकों ने दिया सुझाव
केयू में चल रही प्रवेश परीक्षाओं के लिए बहुत दूर दूर से विद्यार्थी पहुंचे। दिल्ली, झज्जर, हिसार, हांसी, महम, रोहतक से परीक्षार्थी आये। ऐसी स्थिति में अभिभावकों और विद्यार्थियों को लंबा सफर तय करना पड़ा। कुछ विद्यार्थी 4-6 घंटों का सफ़र करके भी पहुंचे। सात विश्वविद्यालयों का एक ही जगह परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर कुछ अभिभावकों को संशय रहा। वहीं कुछ ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि प्रत्येक पांच जिलों के अंतराल में परीक्षा केंद्र बनाये जाते तो लंबा सफर भी तय नही करना पड़ता और विद्यार्थी अपने नजदीकी स्थानों पर ही परीक्षा दे पाते।
प्रवेश परीक्षाएं सुचारु तरीके से कराने में प्रशासन रहा सफल : वीसी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता एवं जनसंचार व एमए, एमएससी भूगोल में दाखिले के लिए 1177 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डा. कैलाश चंद्र शर्मा ने यूआईईटी, यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी सेंटर व यूनिवर्सिटी कालेज आफ एजुकेशन में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कुलपति ने कहा कि कामन प्रवेश परीक्षा के तहत् 15 पाठ्यक्रमों में दाखिले की जिम्मेवारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को दी गई थी। केयू प्रवेश परीक्षाएं सुचारु तरीके से कराने में सफल रहा है।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा पुख्ता किए थे इंतजाम
परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया केयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुुविधा के पुख्ता इंतजाम किये थे। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोजित एमए एवं एमसएसी जनसंचार के लिए 222 व एमएससी, एमए भूगोल के लिए 955 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा के अंतिम दिन 20 जून को होने वाली एमए सोशोलॉजी व एमए समाज कार्य, एमए साईकोलॉजी, एमए अप्लाइड साइकोलॉजी व एमएससी साइकोलाजी के लिए यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी सेंटर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के सात विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए इस बार कॉमन परीक्षा ने केयू की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सोमवार को केयू के चार परीक्षा केंद्रों पर 1177 विद्यार्थी दाखिला परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। यहां दूरदराज क्षेत्रों से दाखिला परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी और इनके अभिभावकों ने केयू प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
एमए मास कॉम की प्रवेश परीक्षा देने आए विद्यार्थियों के मुताबिक परीक्षा के दौरान खराब पंखों की वजह से बेहद गर्मी से जूझना पड़ा। बिजली होने के बावजूद पंखे बंद रहे और पीने के पानी की भी व्यवस्था न होने के कारण दिक्कतें हुईं। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय में साइन बोर्ड्स का अभाव भी देखने को मिला, थर्ड गेट पर बहुत दूर दूर तक साइन बोर्ड नहीं है वही केयू का मैप भी बहुत आगे चलकर दिखा। इस वजह से विभिन्न विभागों और कैंटीन को ढूंढने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने बताया कि परीक्षा पत्र में एक सवाल भी गलत दिया हुआ है, जो बी कोड में 94 वां और सी कोड़ में 69वां सवाल हैं , नेगेटिव मार्किंग को देखते हुए इसके लिए परीक्षा शाखा द्वारा उचित कदम उठाने के लिए विद्यार्थियों ने मदद मांगी है। इधर प्रवेश परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर अभिभावकों को कुछ अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। केयू की ओर से अभिभावकों के बैठने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गयी। पार्किंग में और पेड़ों की छांव में दीवारों पर बैठकर अभिभावकों ने अपना समय बिताया। प्रवेश परीक्षा से ऐन पहले तेज बारिश के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी से गुजरना पड़ा। कुछ परीक्षार्थी पेड़ों के नीचे खड़े होकर बारिश से बचते दिखे तो कई इमारत के छज्जे के नीचे खड़े होकर बारिश में भीगने से बचाव करते नजर आए।
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केयू के ग्रेड को लेकर संशय में विद्यार्थी
अपनी बेटियों को प्रवेश परीक्षा दिलवाने पहुंचे अंबाला के गुरमिंदर सिंह और झज्जर के सुनील कुमार का कहना है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का वातावरण और हरियाली अच्छी हैं पर यहां के ग्रेड को लेकर अभी भी विद्यार्थियों में संशय की स्थिति है। इन्होंने कहा कि डर यह है कि कहीं भविष्य में बच्चों को करियर में किसी प्रकार के सवाल खड़े ना हो, ऐसे में वे डीयू और पीयू जैसे दूसरे विश्वविद्यालयों को प्राथमिकता देंगे, वहीं बहुत बार केयू का खराब रिजल्ट, डीएमसी मिलने में परेशानी और समय पर रोल नंबर न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इनके साथ ही दूसरे अभिभावकों ने भी केयू के ग्रेड को लेकर चिंता जताई ।
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परेशान अभिभावकों ने दिया सुझाव
केयू में चल रही प्रवेश परीक्षाओं के लिए बहुत दूर दूर से विद्यार्थी पहुंचे। दिल्ली, झज्जर, हिसार, हांसी, महम, रोहतक से परीक्षार्थी आये। ऐसी स्थिति में अभिभावकों और विद्यार्थियों को लंबा सफर तय करना पड़ा। कुछ विद्यार्थी 4-6 घंटों का सफ़र करके भी पहुंचे। सात विश्वविद्यालयों का एक ही जगह परीक्षा केंद्र बनाने को लेकर कुछ अभिभावकों को संशय रहा। वहीं कुछ ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि प्रत्येक पांच जिलों के अंतराल में परीक्षा केंद्र बनाये जाते तो लंबा सफर भी तय नही करना पड़ता और विद्यार्थी अपने नजदीकी स्थानों पर ही परीक्षा दे पाते।
प्रवेश परीक्षाएं सुचारु तरीके से कराने में प्रशासन रहा सफल : वीसी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता एवं जनसंचार व एमए, एमएससी भूगोल में दाखिले के लिए 1177 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डा. कैलाश चंद्र शर्मा ने यूआईईटी, यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी सेंटर व यूनिवर्सिटी कालेज आफ एजुकेशन में बने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कुलपति ने कहा कि कामन प्रवेश परीक्षा के तहत् 15 पाठ्यक्रमों में दाखिले की जिम्मेवारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को दी गई थी। केयू प्रवेश परीक्षाएं सुचारु तरीके से कराने में सफल रहा है।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा पुख्ता किए थे इंतजाम
परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया केयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुुविधा के पुख्ता इंतजाम किये थे। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोजित एमए एवं एमसएसी जनसंचार के लिए 222 व एमएससी, एमए भूगोल के लिए 955 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा के अंतिम दिन 20 जून को होने वाली एमए सोशोलॉजी व एमए समाज कार्य, एमए साईकोलॉजी, एमए अप्लाइड साइकोलॉजी व एमएससी साइकोलाजी के लिए यूनिवर्सिटी कम्यूनिटी सेंटर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।