फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   शुगर मिल के पास अटका किसानों का

शुगर मिल के पास अटका किसानों का

Mon, 02 Jul 2018 11:52 PM IST
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
शुगर मिल के पास अटका किसानों का
शाहाबाद। शाहाबाद सहकारी चीनी मिल का पिराई सत्र संपन्न हुए काफी दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया जा सका है। जानकारी अनुसार शाहाबाद चीनी मिल ने 280 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद किया है , लेकिन आज भी 80 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। इस चीनी मिल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसानों का भुगतान रुका है। सोमवार को शाहाबाद क्षेत्र के किसानों बलिंद्र बुहावी, रामपाल बुहावी, कृष्ण नंबरदार, सुखपाल, दिलबाग सिंह, रणजीत सिंह इत्यादि किसानों ने शुगर मिल परिसर में भुगतान न होने से रोश प्रदर्शन किया और चेतावनी दी है कि यदि 6 जुलाई तक भुगतान नहीं हुआ तो वह रोड जाम करेंगें और शुगर मिल के गेट पर ताला जडे़ंगे। गन्ना उत्पादक एवं शाहाबाद चीनी मिल के पूर्व डायरेक्टर जयपाल चढूनी और पूर्व सरपंच सूरजभान रत्नगढ़ ने कहा कि शुगर मिल द्वारा भुगतान न किए जाने से किसान परेशान है। किसान को गन्ने की लेबर की पेमेंट करनी है। आम जनता व आढ़ती का हिसाब करना है तथा अगली फसल की तैयारी करनी है। उन्होंने कहा कि किसान का घर फसल की पेमेंट आने से चलता है और वह अपने घर में ब्याह शादी बारे भी फैसला लेता है। उन्होंने कहा कि किसान को बैंक लिमिट का व कोप्रेटिव सोसायटी का भुगतान भी करना होता है। उन्होंने कहा कि मिल बंद हो चुकी है और किसानों को लंबे समय से भुगतान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन



चीनी के रेटों में सुधार लेकिन अभी भी नुकसान
प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष गन्ने का मूल्य 330 रुपयेे प्रति क्विंटल घोषित किया था। पिराई सीजन के आरंभ में चीनी के दाम 3675 रुपये प्रति क्विंटल था। पिराई सीजन शुरू होने के बाद किसानों को पेमेंट करनी शुरू कर दी थी। धीरे धीरे चीनी के दाम गिरने शुरू हो गए और अब गिरकर 250 रुपये प्रति क्विंटल आ गए थे, जिस कारण नुकसान बढ़ गया है, लेकिन अब चीनी के दाम उछलकर 320 रुपये प्रति क्ंिवटल आ गए हैं । इसके बावजूद अभी भी मिल को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मिली जानकारी अनुसार शाहाबाद चीनी मिल को एक क्विंटल चीनी बनाने में 360 से से 370 रुपये खर्च आता है, जिस कारण चीनी मिल को प्रति क्विंटल 50 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


जल्द जारी होगा बकाया भुगतान
मिल के अधिकारियों का कहना है कि किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए शुगर फेडरेशन के माध्यम से सरकार के पास लोन का केस बनाकर भेजा गया है और यह कार्य तीव्र गति से जारी है । उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही सरकार लोन मंजूर कर देगी और किसानों को जल्द से जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed