{"_id":"59d9149f4f1c1b76678b4952","slug":"51507398815-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेहा ने संवारे सबसे सुंदर केश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेहा ने संवारे सबसे सुंदर केश
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेहा ने संवारे सबसे सुंदर केश
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
शाहाबाद के मारकंडा नेशनल कॉलेज में शनिवार को महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में मेहंदी, नेल आर्ट और केश सज्जा प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें कॉलेज की 40 छात्राओं ने भाग लिया। मेहंदी प्रतियोगिता में रीतिका ने पहला, महक ने दूसरा और रचना ने तीसरा स्थान हासिल किया। केश सज्जा में नेहा ने पहला, मोना ने दूसरा और जसविंद्र ने तीसरा स्थान हासिल किया। नेल आर्ट में निधि ने पहला, हरमन ने दूसरा और रंजना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं की शुरुआत प्राचार्य डॉ. अशोक चौधरी ने की। डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि मेहंदी प्रतियोगिता का संबंध हमारी सभ्यता से जुड़ा है। निर्णायक की भूमिका मंजू गुप्ता, कल्पना पुनिया, डॉ. शालिनी शर्मा ने निभाई। उन्होंने कहा कि इनमें दक्षता हासिल कर छात्राएं स्वावलंबी बन सकती हैं। प्रतियोगिताओं का आयोजन साधना कोहली के नेतृत्व में किया गया। साधना कोहली ने कहा कि छात्राओं को इस कला में भी आगे आना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. शालिनी शर्मा, प्रो. हरपाल सैनी, भावना बंसल, कल्पना पुनिया, अंजू अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
शाहाबाद के मारकंडा नेशनल कॉलेज में शनिवार को महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में मेहंदी, नेल आर्ट और केश सज्जा प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें कॉलेज की 40 छात्राओं ने भाग लिया। मेहंदी प्रतियोगिता में रीतिका ने पहला, महक ने दूसरा और रचना ने तीसरा स्थान हासिल किया। केश सज्जा में नेहा ने पहला, मोना ने दूसरा और जसविंद्र ने तीसरा स्थान हासिल किया। नेल आर्ट में निधि ने पहला, हरमन ने दूसरा और रंजना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं की शुरुआत प्राचार्य डॉ. अशोक चौधरी ने की। डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि मेहंदी प्रतियोगिता का संबंध हमारी सभ्यता से जुड़ा है। निर्णायक की भूमिका मंजू गुप्ता, कल्पना पुनिया, डॉ. शालिनी शर्मा ने निभाई। उन्होंने कहा कि इनमें दक्षता हासिल कर छात्राएं स्वावलंबी बन सकती हैं। प्रतियोगिताओं का आयोजन साधना कोहली के नेतृत्व में किया गया। साधना कोहली ने कहा कि छात्राओं को इस कला में भी आगे आना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. शालिनी शर्मा, प्रो. हरपाल सैनी, भावना बंसल, कल्पना पुनिया, अंजू अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन