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Kurukshetra News: आधारभूत सुविधाओं से महरूम धर्मनगरी की 48 कॉलोनियां, वैध होने का इंतजार
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कुरुक्षेत्र। शहर का दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में चारों पिछले करीब एक माह से विकास कार्य रफ्तार पकड़ चुके हैं, जिसके पीछे विधानसभा चुनाव ही माने जा रहे हैं। कहीं सड़कें तो कहीं सीवरेज व पेयजल पाइप लाइनें बिछाई जा रही है। सड़कें बनने से लोगों की राह भी आसान होने लगी है, लेकिन इसी बीच शहर की 48 कॉलोनियों में बसे लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। इन कॉलोनियों से अवैध का ठप्पा कब हटेगा यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है जबकि अधिकारी लोगों को भरोसा दे रहे हैं। वैध न होने के चलते इन कॉलोनियों में प्रॉपर्टी लेनदेन के कारोबार भी ठप हो गए हैं।
नगर परिषद की ओर से करीब दो माह के दौरान 48 कॉलोनियों की सूची प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। जिससे लोगों को आस जगी थी कि अब जल्द ही इन कॉलोनियों से अवैध का ठप्पा हटेगा तो विकास कार्य भी होंगे। यहां तक कि अनेक कॉलोनियों में सड़कें कच्ची पड़ी है तो पेयजल व सीवरेज पाइप लाइन तक नहीं है। ऐसे में ये लोग बड़ी परेशानियों को सामना कर रहे हैं। यहां तक कॉलोनियों के लोग अधिकारियों से लेकर शहरी निकाय मंत्री के चक्कर काट रहे हैं। जहां उन्हें फिलहाल भरोसा ही मिल रहा है।
53 हजार रुपये के दस्तावेज तक बनवा चुका
रतगल क्षेत्र में काफी समय पहले प्लाट का सौदा कर चुके रोहताश बताते हैं कि वे सभी कार्रवाई पूरी करते हुए दस्तावेज तक तैयार करवा चुके हैं, ताकि रजिस्ट्री करवाई जा सके। लेकिन तहसील में जाने पर पता चला कि इस क्षेत्र की फिलहाल रजिस्ट्री नहीं बन सकेगी। यहां तक कि वे विकास शुल्क तक जमा करवा चुके हैं। अब रजिस्ट्री कब बनेगी यह भी बताने वाला कोई नहीं है।
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नगर योजनाकार विभाग की ओर से मिलने लगी राहत
नगर योजनाकार विभाग की ओर से वैध हुई कॉलोनियों में लोगों को राहत मिलने लगी है। न केवल एनओसी मिलने लगी है बल्कि रजिस्ट्री भी होने लगी है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 15 से ज्यादा रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में अब इन कॉलोनियों में विकास को लेकर भी कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। विभाग की ओर से पिछले वर्ष से अब तक 78 कॉलोनियां वैध किए जाने को लेकर सरकार को सूची भेजी गई थी, जो वैध घोषित की जा चुकी है।
सरकार को भेजी हुई है सूची : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय यादव का कहना है कि सरकार को 48 कॉलोनियां वैध करने के लिए सूची भेजी हुई है। यह सरकार द्वारा ही निर्णय किया जाना है कि इस संबंध में कब अधिसूचना जारी की जाए। परिषद की ओर से इन कॉलोनियों को लेकर सभी आपत्तियां दूर की जा चुकी है।
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नगर परिषद की ओर से करीब दो माह के दौरान 48 कॉलोनियों की सूची प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। जिससे लोगों को आस जगी थी कि अब जल्द ही इन कॉलोनियों से अवैध का ठप्पा हटेगा तो विकास कार्य भी होंगे। यहां तक कि अनेक कॉलोनियों में सड़कें कच्ची पड़ी है तो पेयजल व सीवरेज पाइप लाइन तक नहीं है। ऐसे में ये लोग बड़ी परेशानियों को सामना कर रहे हैं। यहां तक कॉलोनियों के लोग अधिकारियों से लेकर शहरी निकाय मंत्री के चक्कर काट रहे हैं। जहां उन्हें फिलहाल भरोसा ही मिल रहा है।
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53 हजार रुपये के दस्तावेज तक बनवा चुका
रतगल क्षेत्र में काफी समय पहले प्लाट का सौदा कर चुके रोहताश बताते हैं कि वे सभी कार्रवाई पूरी करते हुए दस्तावेज तक तैयार करवा चुके हैं, ताकि रजिस्ट्री करवाई जा सके। लेकिन तहसील में जाने पर पता चला कि इस क्षेत्र की फिलहाल रजिस्ट्री नहीं बन सकेगी। यहां तक कि वे विकास शुल्क तक जमा करवा चुके हैं। अब रजिस्ट्री कब बनेगी यह भी बताने वाला कोई नहीं है।
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नगर योजनाकार विभाग की ओर से मिलने लगी राहत
नगर योजनाकार विभाग की ओर से वैध हुई कॉलोनियों में लोगों को राहत मिलने लगी है। न केवल एनओसी मिलने लगी है बल्कि रजिस्ट्री भी होने लगी है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 15 से ज्यादा रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में अब इन कॉलोनियों में विकास को लेकर भी कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। विभाग की ओर से पिछले वर्ष से अब तक 78 कॉलोनियां वैध किए जाने को लेकर सरकार को सूची भेजी गई थी, जो वैध घोषित की जा चुकी है।
सरकार को भेजी हुई है सूची : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय यादव का कहना है कि सरकार को 48 कॉलोनियां वैध करने के लिए सूची भेजी हुई है। यह सरकार द्वारा ही निर्णय किया जाना है कि इस संबंध में कब अधिसूचना जारी की जाए। परिषद की ओर से इन कॉलोनियों को लेकर सभी आपत्तियां दूर की जा चुकी है।