{"_id":"5c646f0fbdec22738e36b422","slug":"41550085903-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेन-देन के मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने महिला थाना के गेट पर निगला जहरीला पदार्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेन-देन के मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने महिला थाना के गेट पर निगला जहरीला पदार्थ
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से परेशान एक महिला ने बुधवार को महिला थाने के गेट पर ही जहर खाकर जान देने की कोशिश की। तबीयत बिगड़ने पर उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां से हालत नाजुक होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पीड़िता के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के प्रयास का केस भी दर्ज कर लिया। वहीं, महिला के पति ने पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध होकर जान देने के प्रयास का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं की रहने वाली राखी (40) पत्नी पप्पू परिवार के साथ काफी समय से रेलवे रोड गांधी पार्क के समीप रह रही थी। पिछले माह उसने आगरा निवासी पवन कुमार के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि पवन ने उससे साढ़े चार लाख रुपये और मोटरसाइकिल ली है। ये उसे वापस दिलाए जाएं। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को महिला पुलिस थाना में पहुंची थी। उसके साथ उसके पति पप्पू व दो बेटियां भी थी। राखी ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन वह पुलिस के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुई और बाहर गेट के समीप उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। महिला एसएचओ प्रकाश कौर व अन्य पुलिस कर्मी उसे अपनी गाड़ी में लेकर एलएनजेपी सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां डॉ. मनजीत, डॉ. गौरव चावला व डॉ. दीपाली की टीम ने उसे उपचार दिया, जिसके बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की लापरवाही से क्षुब्ध होकर की जान देने की कोशिश- पति
पीड़िता के पति पप्पू ने आरोप लगाया कि पुलिस उसकी पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। वह बुधवार को भी पुलिस से गुहार लगाने गई थी, लेकिन कार्रवाई न होती देख उसने जहर खा लिया। उसने बताया कि परिवार वालों को यह भनक नहीं लग पाई कि वह अपने साथ जहरीला पदार्थ लेकर महिला थाने गई है।
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आरोपी पवन के साथ जाना चाहती थी महिला : डीएसपी
डीएसपी तान्या सिंह का कहना है कि राखी ने कुछ दिनों पहले शिकायत दी थी। इस शिकायत में उसने पवन के पास भेजे जाने की मांग की थी। हालांकि समझाने के बाद वो परिवार के साथ रहने को तैयार हो गई। कुछ दिनों बाद उसने दूसरी शिकायत कर पवन पर 4.50 चार लाख रुपये लेने की शिकायत करते हुए वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस की इकनोमिक सेल से यह मामला 25 जनवरी को ही महिला थाना में आया। जिसकी जांच भी शुरू कर दी गई थी। इस बीच राखी बुधवार को बिना बुलाए थाने आई। इस दौरान भी उसे आरोपी पर कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया। अब उनके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
सरपंच ने छीनी जहर की शीशी, नहीं तो निगल जाती सारी गोलियां
महिला थाने पहुंची राखी अपने साथ सल्फास की गोलियों से भरी शीशी लेकर पहुंची। उसने शीशी का ढक्कन खोल सारी गोलियां निगलने का प्रयास किया। वो तो वहां किसी काम से आए पंचकुला के बरवाला निवासी सरपंच ने जहर की शीशी खोलते हुए देखकर उसके हाथ शीशी छीन कर फेंक दी। हालांकि इस दौरान महिला कुछ गोली निगल चुकी थी। इसके बाद वह पानी पीने के लिए थाने की ओर जाने लगी तो उसे सरपंच ने पानी भी नहीं पीने दिया गया और शोर मचाया। शोर सुनकर थाने से महिला एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मी बाहर आईं और तत्काल ही उसे अस्पताल लेकर गई। डीएसपी तान्या सिंह का कहना है कि सरपंच मौके पर न होते तो महिला अधिक मात्रा में भी गोलियां निगल सकती थी।
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कुरुक्षेत्र। शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से परेशान एक महिला ने बुधवार को महिला थाने के गेट पर ही जहर खाकर जान देने की कोशिश की। तबीयत बिगड़ने पर उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां से हालत नाजुक होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पीड़िता के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के प्रयास का केस भी दर्ज कर लिया। वहीं, महिला के पति ने पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध होकर जान देने के प्रयास का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं की रहने वाली राखी (40) पत्नी पप्पू परिवार के साथ काफी समय से रेलवे रोड गांधी पार्क के समीप रह रही थी। पिछले माह उसने आगरा निवासी पवन कुमार के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि पवन ने उससे साढ़े चार लाख रुपये और मोटरसाइकिल ली है। ये उसे वापस दिलाए जाएं। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को महिला पुलिस थाना में पहुंची थी। उसके साथ उसके पति पप्पू व दो बेटियां भी थी। राखी ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन वह पुलिस के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुई और बाहर गेट के समीप उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। महिला एसएचओ प्रकाश कौर व अन्य पुलिस कर्मी उसे अपनी गाड़ी में लेकर एलएनजेपी सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां डॉ. मनजीत, डॉ. गौरव चावला व डॉ. दीपाली की टीम ने उसे उपचार दिया, जिसके बाद उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
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पुलिस की लापरवाही से क्षुब्ध होकर की जान देने की कोशिश- पति
पीड़िता के पति पप्पू ने आरोप लगाया कि पुलिस उसकी पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। वह बुधवार को भी पुलिस से गुहार लगाने गई थी, लेकिन कार्रवाई न होती देख उसने जहर खा लिया। उसने बताया कि परिवार वालों को यह भनक नहीं लग पाई कि वह अपने साथ जहरीला पदार्थ लेकर महिला थाने गई है।
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आरोपी पवन के साथ जाना चाहती थी महिला : डीएसपी
डीएसपी तान्या सिंह का कहना है कि राखी ने कुछ दिनों पहले शिकायत दी थी। इस शिकायत में उसने पवन के पास भेजे जाने की मांग की थी। हालांकि समझाने के बाद वो परिवार के साथ रहने को तैयार हो गई। कुछ दिनों बाद उसने दूसरी शिकायत कर पवन पर 4.50 चार लाख रुपये लेने की शिकायत करते हुए वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस की इकनोमिक सेल से यह मामला 25 जनवरी को ही महिला थाना में आया। जिसकी जांच भी शुरू कर दी गई थी। इस बीच राखी बुधवार को बिना बुलाए थाने आई। इस दौरान भी उसे आरोपी पर कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया। अब उनके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
सरपंच ने छीनी जहर की शीशी, नहीं तो निगल जाती सारी गोलियां
महिला थाने पहुंची राखी अपने साथ सल्फास की गोलियों से भरी शीशी लेकर पहुंची। उसने शीशी का ढक्कन खोल सारी गोलियां निगलने का प्रयास किया। वो तो वहां किसी काम से आए पंचकुला के बरवाला निवासी सरपंच ने जहर की शीशी खोलते हुए देखकर उसके हाथ शीशी छीन कर फेंक दी। हालांकि इस दौरान महिला कुछ गोली निगल चुकी थी। इसके बाद वह पानी पीने के लिए थाने की ओर जाने लगी तो उसे सरपंच ने पानी भी नहीं पीने दिया गया और शोर मचाया। शोर सुनकर थाने से महिला एसएचओ व अन्य पुलिसकर्मी बाहर आईं और तत्काल ही उसे अस्पताल लेकर गई। डीएसपी तान्या सिंह का कहना है कि सरपंच मौके पर न होते तो महिला अधिक मात्रा में भी गोलियां निगल सकती थी।