{"_id":"5b903190867a557ea40c7958","slug":"41536176528-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री महाबीर जैन स्कूल की प्राचार्या की फिर एंट्री बैन, गेट से ही लौटना पड़ा बैरंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री महाबीर जैन स्कूल की प्राचार्या की फिर एंट्री बैन, गेट से ही लौटना पड़ा बैरंग
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री महाबीर जैन स्कूल की प्राचार्या निधि वर्मा की एक बार फिर स्कूल में एंट्री बैन हो गई है। बुधवार सुबह स्कूल समय पर जब वह पहुंचीं तो गेट पर ही सुरक्षा कर्मी ने उन्हें कोर्ट का आदेश थमाकर लौटा दिया। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। अब निधि वर्मा ने इसे अदालत के माध्यम में ही चुनौती देने का निर्णय लिया है।
निधि वर्मा ने बताया कि वह सुबह स्कूल पहुंची थीं कि उन्हें गेट पर ही सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। उन्हें बाहर खड़े हुए ही बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर हटा दिया है। प्रबंधन समिति ने अब स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल प्राचार्या मंजूला को बना दिया गया है। इसलिए अब उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों ने बिना सर्टिफाइड किए एक प्रति अदालत के आदेशों की थमा दी। इसमें कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया था।
बता दें कि स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य द्वारा एक शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ का मामला उजागर होने के बाद पीड़िता व प्राचार्या निधि वर्मा को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। प्राचार्या निधि वर्मा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से 10 अगस्त को स्टे ले लिया था, जिसके बाद उन्होंने 14 अगस्त को ही अपना कार्य संभाला था। इस मामले को लेकर प्रबंधन समिति से प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया।
विज्ञापन
नहीं करने दिया प्राचार्या का काम
प्राचार्या निधि वर्मा ने आरोप लगाया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे लेने के बाद जहां उन्हें तीन दिन की जद्दोजहद के बाद स्कूल में प्रवेश करने दिया गया था। 31 अगस्त तक उन्हें प्राचार्या के तौर पर कोई कार्य नहीं करने दिया गया।
विज्ञापन
निधि वर्मा ने बताया कि वह सुबह स्कूल पहुंची थीं कि उन्हें गेट पर ही सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। उन्हें बाहर खड़े हुए ही बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर हटा दिया है। प्रबंधन समिति ने अब स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल प्राचार्या मंजूला को बना दिया गया है। इसलिए अब उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों ने बिना सर्टिफाइड किए एक प्रति अदालत के आदेशों की थमा दी। इसमें कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया था।
विज्ञापन
बता दें कि स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य द्वारा एक शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ का मामला उजागर होने के बाद पीड़िता व प्राचार्या निधि वर्मा को स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। प्राचार्या निधि वर्मा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से 10 अगस्त को स्टे ले लिया था, जिसके बाद उन्होंने 14 अगस्त को ही अपना कार्य संभाला था। इस मामले को लेकर प्रबंधन समिति से प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया।
विज्ञापन
नहीं करने दिया प्राचार्या का काम
प्राचार्या निधि वर्मा ने आरोप लगाया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे लेने के बाद जहां उन्हें तीन दिन की जद्दोजहद के बाद स्कूल में प्रवेश करने दिया गया था। 31 अगस्त तक उन्हें प्राचार्या के तौर पर कोई कार्य नहीं करने दिया गया।