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अधिकतर विभाग नियमानुसार नहीं दे पाए आईटीआई विद्यार्थियों को नौकरी
Updated Tue, 29 May 2018 12:33 AM IST
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नियमानुसार नियुक्ति नहीं करने पर एडीसी ने लगाई अधिकारियों को फटकारा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में नियमानुसार आईटीआई अप्रेंटिस नियमानुसार रखे जाने के सरकार के आदेशों की अधिकतर सरकारी विभाग धज्जियां उड़ा रहे है, जिसके चलते एडीसी अनिश यादव ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई तो वहीं आदेश दिए कि सभी विभाग कोटे के अनुसार 10 प्रतिशत आईटीआई अप्रेंटिस और 10वीं पास विद्यार्थी को नौकरी पर रखना सुनिश्चित करे। इस मामले में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। सोमवार को लघु सचिवालय में आईटीआई व अन्य अधिकारियों की एक बैठक में एडीसी ने खुलासा किया कि एसपी कार्यालय ने 129 में से 103, सीएमओ कार्यालय ने 40 में से 20, पशुपालन विभाग ने 46 में से 6, सिंचाई विभाग ने 31 में से 11, खेल विभाग ने 2 में से शून्य, वन विभाग ने 10 में से शून्य, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 299 में से 80, नगर परिषद थानेसर ने 51 में से 16 सहित अन्य विभागों ने भी अपने कोटे के अनुसार अप्रेंटिस को नियुक्त नहीं किया है, जबकि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार नियमित व पार्ट बी को मिलाकर 10 प्रतिशत अप्रेंटिस रखने जरूरी है। इसमें से 80 प्रतिशत आईटीआई डिप्लोमा होल्डर और 20 प्रतिशत में दसवीं फ्रेशर को रख सकते है। उन्होंने केडीबी, जन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के प्रतिनिधि के न पहुंचने पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सभी विभाग आईटीआई के साथ तालमेल बिठाकर 10 प्रतिशत अप्रेंटिस को नौकरी पर रखना सुनिश्चित करेंगे। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आईटीआई अप्रेंटिस को अच्छा भत्ता राज्य सरकार की तरफ से मुहैया करवाया जा रहा है, इसमें करीब 8500 रुपये तक का मासिक भत्ता दिया जाता हैं, इसलिए आईटीआई विद्यार्थी विभागों में आनलाईन आवेदन करे ताकि रोजगार के अवसर मिल पाए। इस मीटिंग का संचालन आईटीआई प्रिंसिपल जगमोहन ने किया और सभी विभागों की रिपोर्ट विस्तृत रुप से सबके समक्ष रखी। इस मौके पर एसडीएम थानेसर अनिल यादव, डीआरओ डॉ. चांदी राम, डीडीए डॉ. कर्मचंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में नियमानुसार आईटीआई अप्रेंटिस नियमानुसार रखे जाने के सरकार के आदेशों की अधिकतर सरकारी विभाग धज्जियां उड़ा रहे है, जिसके चलते एडीसी अनिश यादव ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई तो वहीं आदेश दिए कि सभी विभाग कोटे के अनुसार 10 प्रतिशत आईटीआई अप्रेंटिस और 10वीं पास विद्यार्थी को नौकरी पर रखना सुनिश्चित करे। इस मामले में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। सोमवार को लघु सचिवालय में आईटीआई व अन्य अधिकारियों की एक बैठक में एडीसी ने खुलासा किया कि एसपी कार्यालय ने 129 में से 103, सीएमओ कार्यालय ने 40 में से 20, पशुपालन विभाग ने 46 में से 6, सिंचाई विभाग ने 31 में से 11, खेल विभाग ने 2 में से शून्य, वन विभाग ने 10 में से शून्य, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 299 में से 80, नगर परिषद थानेसर ने 51 में से 16 सहित अन्य विभागों ने भी अपने कोटे के अनुसार अप्रेंटिस को नियुक्त नहीं किया है, जबकि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार नियमित व पार्ट बी को मिलाकर 10 प्रतिशत अप्रेंटिस रखने जरूरी है। इसमें से 80 प्रतिशत आईटीआई डिप्लोमा होल्डर और 20 प्रतिशत में दसवीं फ्रेशर को रख सकते है। उन्होंने केडीबी, जन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के प्रतिनिधि के न पहुंचने पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सभी विभाग आईटीआई के साथ तालमेल बिठाकर 10 प्रतिशत अप्रेंटिस को नौकरी पर रखना सुनिश्चित करेंगे। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आईटीआई अप्रेंटिस को अच्छा भत्ता राज्य सरकार की तरफ से मुहैया करवाया जा रहा है, इसमें करीब 8500 रुपये तक का मासिक भत्ता दिया जाता हैं, इसलिए आईटीआई विद्यार्थी विभागों में आनलाईन आवेदन करे ताकि रोजगार के अवसर मिल पाए। इस मीटिंग का संचालन आईटीआई प्रिंसिपल जगमोहन ने किया और सभी विभागों की रिपोर्ट विस्तृत रुप से सबके समक्ष रखी। इस मौके पर एसडीएम थानेसर अनिल यादव, डीआरओ डॉ. चांदी राम, डीडीए डॉ. कर्मचंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।