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Kurukshetra News: 386 बच्चों को स्वर्ण प्राशन का कराया गया सेवन
Sat, 23 Aug 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:46 AM IST
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कुरुक्षेत्र। शिविर में बच्चों को स्वर्ण प्राशन का सेवन कराती चिकित्सक। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के कौमार भृत्य विभाग की ओर से स्वर्ण प्राशन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 386 बच्चों को स्वर्ण प्राशन का सेवन करवाया गया। जीवन शैली में बालकों की ओर से अनुचित आहार विहार के ज्यादा सेवन करने के कारण उनमें रोगों से लड़ने की शक्ति का यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाता जिससे बालक बार-बार रोग ग्रस्त होते रहते हैं।
स्वर्ण प्राशन कराने से बालकों का स्वास्थ्य ठीक रहता है क्योंकि स्वर्ण प्राशन औषध के निर्माण में बलवर्धक, स्मृति वर्धक औषधियां, गाय का घी, स्वर्ण भस्म व मधु का संयोग होता है। स्वर्ण प्राशन के निरंतर प्रयोग से बालकों का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य भली भांति रहता है। कौमार भृत्य विभाग के प्रमुख वैद्य शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय की ओर से यह औषधि नि:शुल्क प्रदान की जा रही है एवं इसका निर्माण भी स्नातकोत्तर अध्येताओं की देखरेख में शुद्धता के साथ किया जाता है जो निश्चित ही बालकों के स्वास्थ्य संवर्धन में लाभदायक होता है।
इस अवसर पर स्नातकोत्तर अध्येता डॉ. आरती, डॉ. प्राची, डॉ. अलका, डॉ. किरण, डॉ. पंकज, डॉ. विशाल व इन्टर्नी अध्येताओं ने बालकों की शारीरिक माप जैसे वजन, ऊंचाई व स्वास्थ्य जांच में सहयोग किया।
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के कौमार भृत्य विभाग की ओर से स्वर्ण प्राशन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 386 बच्चों को स्वर्ण प्राशन का सेवन करवाया गया। जीवन शैली में बालकों की ओर से अनुचित आहार विहार के ज्यादा सेवन करने के कारण उनमें रोगों से लड़ने की शक्ति का यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाता जिससे बालक बार-बार रोग ग्रस्त होते रहते हैं।
स्वर्ण प्राशन कराने से बालकों का स्वास्थ्य ठीक रहता है क्योंकि स्वर्ण प्राशन औषध के निर्माण में बलवर्धक, स्मृति वर्धक औषधियां, गाय का घी, स्वर्ण भस्म व मधु का संयोग होता है। स्वर्ण प्राशन के निरंतर प्रयोग से बालकों का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य भली भांति रहता है। कौमार भृत्य विभाग के प्रमुख वैद्य शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय की ओर से यह औषधि नि:शुल्क प्रदान की जा रही है एवं इसका निर्माण भी स्नातकोत्तर अध्येताओं की देखरेख में शुद्धता के साथ किया जाता है जो निश्चित ही बालकों के स्वास्थ्य संवर्धन में लाभदायक होता है।
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इस अवसर पर स्नातकोत्तर अध्येता डॉ. आरती, डॉ. प्राची, डॉ. अलका, डॉ. किरण, डॉ. पंकज, डॉ. विशाल व इन्टर्नी अध्येताओं ने बालकों की शारीरिक माप जैसे वजन, ऊंचाई व स्वास्थ्य जांच में सहयोग किया।
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