फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बिलखते हुए फौजी बोला

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बिलखते हुए फौजी बोला

Tue, 19 Feb 2019 01:05 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Feb 2019 01:05 AM IST
विज्ञापन
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बिलखते हुए फौजी बोला

विज्ञापन
इलाज में लापरवाही से पत्नी की मौत की शिकायत लेकर भटक रहे बीएसएफ जवान का छलका दर्द
बीएसएफ जवान बोलो- जांच पर जांच, तारीख पर तारीख... साहब कब मिलेगा मुझे इंसाफ
राज्य मंत्री ने दिया आश्वासन- पंद्रह दिनों में जांच कराकर करेंगे आरोपियों पर करेंगे कार्रवाई
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। ...... जांच पर जांच और तारीख पर तारीख दी जा रही है। डॉक्टरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी मेरी पत्नी को कब न्याय मिलेगा। मै छुट्टी लेकर बार-बार गुहार लगाने को मजबूर हो रहा हूं, लेकिन आज भी न्याय की कोई उम्मीद नहीं लग रही है। यह दर्द किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सीमा की रक्षा में त्रिपुरा में तैनात एक फौजी का है, जो पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में छलक पड़ा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने उसे पंद्रह दिनों में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
खेड़ी मारकंडा सरस्वती कॉलोनी निवासी सतबीर सिंह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के इस उपनिरीक्षक हैं और इन दिनों त्रिपुरा में तैनात हैं। देश की रक्षा करने वाले इस जवान को अपनी मृत पत्नी के इंसाफ के लिए यहां सिस्टम से लड़ाई लड़नी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर सीएम विंडो व जिला लोक संपर्क कष्ट निवारण समिति की बैठक तक में वो इंसाफ की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल भरोसा ही मिला। इसी सिलसिले में उन्हें सोमवार को भी एक ओर भरोसा मिल गया।
विज्ञापन


यह है मामला
------------------------------
बीएसएफ जवान सतबीर सिंह का आरोप है कि पिछले साल 29 सितंबर 2018 को उनकी पत्नी को प्रसव के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां एक लेडी डॉक्टर ने उसका आपरेशन किया था। उनका आरोप लगाए है कि डॉक्टर ने उनकी पत्नी का आपरेशन जल्दबाजी में किया। ऑपरेशन के थोड़ी देर बाद ही लेडी डॉक्टर दिल्ली चली गई। इस बीच अधिक रक्तस्राव की वजह से उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। कुछ दिनों में ही उनकी पत्नी के लीवर, किडनी को गहरी क्षति पहुंची। जिसके बाद इस निजी अस्पताल ने इलाज में हाथ खड़े करते हुए चंडीगढ़ के एक अन्य निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां हालत न सुधरने पर पीजीआई चंडीगढ़ में पत्नी को भर्ती कराया गया। वहां 14 अक्तूबर को उनकी पत्नी का देहांत हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां- यहां की शिकायत
-------------------
सतबीर सिंह ने इस संबंध में सीएमओ को शिकायत दी पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत दी। यहां भी कोई न्याय नहीं मिला तो उन्होंने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत रखी। उसमें भी उनकी शिकायत जांच के नाम पर लंबित रख ली गई। आज भी उन्हें सिर्फ जांच का ही भरोसा दिया। अब वह इस सिस्टम से लड़े या फिर सीमा पर डयूटी करे, वह समझ नहीं पा रहा है। कभी 15 दिन तो कभी 20 दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

ऐसे चिकित्सकों पर लगाएं रोक, राज्यमंत्री बोले -नहीं लगा सकते
--------------------
सतबीर सिंह ने कहा कि जब तक उनकी पत्नी को न्याय नहीं मिल जाता तब तक संबंधित चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने पर रोक लगाई जाए। वे आज भी खुले रूप से यह कार्य कर रहे है, जिससे किसी भी दूसरे मरीज को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसे रोक नहीं लगा सकते और ऐसा कोई कानून व नियम भी नहीं है।


राज्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट, बोले दोषी पाए जाने पर अवश्य होगी कार्रवाई
राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने इस शिकायत पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एनपी सिंह से मौके पर रिपोर्ट ली तो उन्होंने मामले की जांच भी कराए जाने के आदेश दिए। उन्होंने इस जांच की 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ अवश्य ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed