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एलएनजेपी अस्पताल में नवजात बच्ची झूलने के मामले ने पकड़ा तूल
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची के झुलसने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच कमेटी ने चिकित्सा अधिकारी व संबंधित चिकित्सक सहित आठ कर्मियों को लापरवाह ठहराया है। मंगलवार को सभी आरोपियों ने कमेटी की ओर से की गई जांच पर ही सवाल उठा दिए। अपने स्पष्टीकरण में इन सभी ने आरोप लगाए कि उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। अब मामला सीएमओ के पास अटका है तो वहीं दिन भर अस्पताल प्रशासन में इसको लेकर गहमागहमी बनी रही।
जांच कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभदीप को बिजली ठीक करने के दौरान उक्त बच्ची को सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट न करने का दोषी माना गया है। स्टाफ नर्स गुरजिंदर को बिजली कर्मी के कहने पर बच्चों को शिफ्ट न करने पर उनकी लापरवाही मानी गई। स्टाफ नर्स परमजीत द्वारा ऑपरेशन थियेटर में जाने से पहले स्टाफ गुरजिंदर को सभी बच्चों का चार्ज न देना वाजिब नहीं ठहराया गया। इसके अलावा नर्सिंग सिस्टर गुरमीत कौर द्वारा अपने अधीन स्टाफ नर्स को अनेक विषय पर लिखित हिदायतें जारी न करने, रोस्टर तैयार करने को लेकर खामिया बताई गई है। बायो मेडिकल इंजीनियर प्रेमचंद द्वारा एसएनसीयू में रेगुलर विजिटर नहीं किया जाना और उनके द्वारा किए गए अपने कार्य को डॉक्यूमेंटेशन न करने में लापरवाह माना गया है। जांच कमेटी द्वारा तैयार कि गई रिपोर्ट में लापरवाह माने गए सभी एसएनसीयू स्टाफ ने चिकित्सा अधीक्षक को अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया है।
कर्मियों ने ये दिया स्पष्टीकरण
ठीक हालत में ईवनिंग स्टाफ को सौंपी थी बच्ची : पूजा
एसएनसीयू में कार्यरत स्टाफ नर्स पूजा ने स्पष्टीकरण में बताया कि वह 22 नवंबर को सुबह साढ़े सात से दोपहर डेढ़ बजे तक ड्यूटी पर थी। उन्होंने शोल्डर रोल व बेबी शीट की जांच की और इसे बदला भी था। आउटबॉर्न बच्चे की जांच पूरी गंभीरता के साथ की थी। ड्यूटी समय पूरा होने पर उक्त बच्ची को ठीक हालत में थी और इसे ईवनिंग स्टाफ को सौंपकर चली गई थी।
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डॉ. शिशिर गुप्ता के निर्देश पर गई थी ओटी में : परमजीत
स्टाफ नर्स परमजीत ने स्पष्टीकरण में जवाब दिया कि डॉ. शिशिर गुप्ता के निर्देशानुसार ही कॉल आने पर 22 नवंबर को दोपहर 2 बजे ऑपरेशन थियेटर में गई थी। जबकि यह जिम्मेदारी बाल रोग विशेष की होती है। वहां डिलिवरी के बाद 2.20 बजे उसने नवजात शिशु को रिसीव किया। इसके करीब 20 मिनट बाद नवजात को उसकी मां के पास शिफ्ट कर दिया था। डिंपल की बच्ची के साथ यह हादसा करीब ढाई बजे हुआ। इसकी कोई जानकारी नहीं है। उस दौरान वह एसएनसीयू में रुक नहीं सकती थी, क्योंकि दूसरा बच्चा रिसीव करना था। इस संबंध में किसी भी चिकित्सक ने उनको निर्देश नहीं दिए।
बिना अनुमति के बच्ची को नहीं कर सकते थे शिफ्ट : गुरजिंद्र
स्टाफ नर्स गुरजिंदर ने कहा कि एसएनसीयू इंजार्च डॉ. शिशिर गुप्ता ने स्टाफ को कड़े निर्देश दिए हुए हैं कि कोई भी स्टाफ उनकी अनुमति के बिना किसी बच्चे को दूसरे वार्ड में शिफ्ट नहीं करेगा। हादसे के दौरान बिजली कर्मी आउटबॉर्न इकाई में कार्य कर रहे थे। उस वक्त डॉ. शिशिर गुप्ता और डॉ. प्रभदीप दोनों वहीं थे। एसएनसीयू इंचार्ज की ओर से उन्हें बच्चे को शिफ्ट करने के कोई निर्देश नहीं दिए गए।
अभी एमएस कर रहे स्पष्टीकरण की जांच : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि मंगलवार को संबंधित कर्मियों को स्पष्टीकरण देना था। अभी उनके पास स्पष्टीकरण नहीं पहुंचे हैं। चिकित्सा अधीक्षक अभी इनकी जांच कर रहे हैं। स्पष्टीकरण सही नहीं पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं एमएस डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि जांच कमेटी की ओर से लापरवाह माने गए सभी एसएनसीयू स्टाफ ने घटनाक्रम को लेकर अपना स्पष्टीकरण सौंप दिए हैं।
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची के झुलसने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच कमेटी ने चिकित्सा अधिकारी व संबंधित चिकित्सक सहित आठ कर्मियों को लापरवाह ठहराया है। मंगलवार को सभी आरोपियों ने कमेटी की ओर से की गई जांच पर ही सवाल उठा दिए। अपने स्पष्टीकरण में इन सभी ने आरोप लगाए कि उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। अब मामला सीएमओ के पास अटका है तो वहीं दिन भर अस्पताल प्रशासन में इसको लेकर गहमागहमी बनी रही।
जांच कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभदीप को बिजली ठीक करने के दौरान उक्त बच्ची को सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट न करने का दोषी माना गया है। स्टाफ नर्स गुरजिंदर को बिजली कर्मी के कहने पर बच्चों को शिफ्ट न करने पर उनकी लापरवाही मानी गई। स्टाफ नर्स परमजीत द्वारा ऑपरेशन थियेटर में जाने से पहले स्टाफ गुरजिंदर को सभी बच्चों का चार्ज न देना वाजिब नहीं ठहराया गया। इसके अलावा नर्सिंग सिस्टर गुरमीत कौर द्वारा अपने अधीन स्टाफ नर्स को अनेक विषय पर लिखित हिदायतें जारी न करने, रोस्टर तैयार करने को लेकर खामिया बताई गई है। बायो मेडिकल इंजीनियर प्रेमचंद द्वारा एसएनसीयू में रेगुलर विजिटर नहीं किया जाना और उनके द्वारा किए गए अपने कार्य को डॉक्यूमेंटेशन न करने में लापरवाह माना गया है। जांच कमेटी द्वारा तैयार कि गई रिपोर्ट में लापरवाह माने गए सभी एसएनसीयू स्टाफ ने चिकित्सा अधीक्षक को अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया है।
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कर्मियों ने ये दिया स्पष्टीकरण
ठीक हालत में ईवनिंग स्टाफ को सौंपी थी बच्ची : पूजा
एसएनसीयू में कार्यरत स्टाफ नर्स पूजा ने स्पष्टीकरण में बताया कि वह 22 नवंबर को सुबह साढ़े सात से दोपहर डेढ़ बजे तक ड्यूटी पर थी। उन्होंने शोल्डर रोल व बेबी शीट की जांच की और इसे बदला भी था। आउटबॉर्न बच्चे की जांच पूरी गंभीरता के साथ की थी। ड्यूटी समय पूरा होने पर उक्त बच्ची को ठीक हालत में थी और इसे ईवनिंग स्टाफ को सौंपकर चली गई थी।
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डॉ. शिशिर गुप्ता के निर्देश पर गई थी ओटी में : परमजीत
स्टाफ नर्स परमजीत ने स्पष्टीकरण में जवाब दिया कि डॉ. शिशिर गुप्ता के निर्देशानुसार ही कॉल आने पर 22 नवंबर को दोपहर 2 बजे ऑपरेशन थियेटर में गई थी। जबकि यह जिम्मेदारी बाल रोग विशेष की होती है। वहां डिलिवरी के बाद 2.20 बजे उसने नवजात शिशु को रिसीव किया। इसके करीब 20 मिनट बाद नवजात को उसकी मां के पास शिफ्ट कर दिया था। डिंपल की बच्ची के साथ यह हादसा करीब ढाई बजे हुआ। इसकी कोई जानकारी नहीं है। उस दौरान वह एसएनसीयू में रुक नहीं सकती थी, क्योंकि दूसरा बच्चा रिसीव करना था। इस संबंध में किसी भी चिकित्सक ने उनको निर्देश नहीं दिए।
बिना अनुमति के बच्ची को नहीं कर सकते थे शिफ्ट : गुरजिंद्र
स्टाफ नर्स गुरजिंदर ने कहा कि एसएनसीयू इंजार्च डॉ. शिशिर गुप्ता ने स्टाफ को कड़े निर्देश दिए हुए हैं कि कोई भी स्टाफ उनकी अनुमति के बिना किसी बच्चे को दूसरे वार्ड में शिफ्ट नहीं करेगा। हादसे के दौरान बिजली कर्मी आउटबॉर्न इकाई में कार्य कर रहे थे। उस वक्त डॉ. शिशिर गुप्ता और डॉ. प्रभदीप दोनों वहीं थे। एसएनसीयू इंचार्ज की ओर से उन्हें बच्चे को शिफ्ट करने के कोई निर्देश नहीं दिए गए।
अभी एमएस कर रहे स्पष्टीकरण की जांच : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि मंगलवार को संबंधित कर्मियों को स्पष्टीकरण देना था। अभी उनके पास स्पष्टीकरण नहीं पहुंचे हैं। चिकित्सा अधीक्षक अभी इनकी जांच कर रहे हैं। स्पष्टीकरण सही नहीं पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं एमएस डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि जांच कमेटी की ओर से लापरवाह माने गए सभी एसएनसीयू स्टाफ ने घटनाक्रम को लेकर अपना स्पष्टीकरण सौंप दिए हैं।