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शहर में डेंगू से 35 वर्षीया महिला की मौत,अनगिनत संदिग्ध बुखार की चपेट में
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:54 AM IST
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31 से 35
डेंगू से 35 वर्षीया महिला की मौत, अनगिनत संदिग्ध बुखार की चपेट में
- स्वास्थ्य विभाग अभी तक कर रहा है सिर्फ छह मामलों की पुष्टि
- सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह बोले, डेंगू से मौत की नहीं है अभी कोई जानकारी
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। डेंगू से 35 वर्षीया एक महिला की मौत और अनगिनत संदिग्ध बुखार की चपेट में आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सुस्त दिख रही है। संदिग्ध बुखार से अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत आंकड़े डेंगू की स्थिति को पूरी तरह नियं त्रण में दर्शा रहे हैं।
जिलेभर में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या अनगिनत बताई जा रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी 281 में से सिर्फ छह मरीजों की ही पुष्टि कर रहा है। हालांकि यह संख्या मंगलवार तक सीधा दोगुनी हो सकती है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने जो नए 32 सैंपल लगाए हैं, इनमें से कम से कम छह नए डेंगू पीड़ित माने जा रहे हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग रोजाना डेंगू के आंकड़ों जारी करने से छिपा रहा है। वहीं एंटी लारवा एक्टिविटी के मामले में भी विभाग की गति काफी धीमी दिख रही है। आपात स्थिति को देखते हुए छुट्टी के दिन एंटी लारवा एक्टिविटी बंद है। सवाल यह उठ रहे हैं कि जब विभाग के पास पीड़ितों को पुख्ता आंकड़े ही नहीं हैं, तो एंटी लारवा एक्टिविटी कैसे चलेगी।
ज्योतिनगर स्थित करतार मोटर्स वाली गली वासी डेंगू पीड़ित श्री मानव सेवा समिति एवं प्राची स्वर्गाश्रम के प्रधान राजेंद्र शर्मा का कहना है कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम की कोई गतिविधि उनके घर या आसपास नहीं दिखी, जबकि पिछले कई दिनों से वह डेंगू की चपेट में होेने के कारण उपचाराधीन हैं। इधर जब इस बारे में जिला के सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि डेंगू को लेकर विभाग चौकस है। ज्योति नगर में महिला की मौत पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
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मोहाली के अस्पताल में हुई डेंगू पीड़िता की मौत
ज्योति नगर वासी 35 वर्षीय डेंगू पीड़ित महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार महिला को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां चिकित्सकों ने चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। महिला को मोहाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, यहां पांच दिन उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
महादेव मोहल्ला के शिव मंदिर में मिला डेंगू का लारवा
डेंगू की पुष्टि होने पर महादेव मोहल्ले में लारवा की जांच करने पहुंची रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने एंटी लारवा अभियान चलाया। इस दौरान मोहल्ले के घरों में छत पर रखी पानी की टंकियों, गमलों सहित अन्य संदिग्ध लारवा प्रभावित क्षेत्र की जांच की। वहीं इस मोहल्ले के शिव मंदिर में निरीक्षण के दौरान केले के गमले में लारवा मिला। टीम ने वहां दवाई का छिड़काव कर तुरंत लारवा को नष्ट किया। इसके अलावा टीम ने चौटाला मोहल्ला में निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में लारवा मिलने पर दो लोगों को नोटिस दिया।
यह क्षेत्र है संदिग्ध डेंगू से प्रभावित
जानकारी के अनुसार पिहोवा क्षेत्र, गांव किरमिच, प्रतापगढ़, गोविंदगढ़, गांधी नगर, कीर्ति नगर, बाहरी मोहल्ला, दीदार नगर, रविदास नगर, महादेव मोहल्ला, चौटाला मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्र संदिग्ध डेंगू से प्रभावित है।
जिले भर में करीब 1800 लोगों को दिया नोटिस
उप सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार संस्था, प्लॉट व मकान इत्यादि में मलेरिया, डेंगू, चिकनगूनियां जैसी बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिलने हरियाणा म्यूनिसिपल अधिनियम 1973 की धारा 214 के अनुछेद (एक) के तहत जिलाभर मेें करीब 1800 लोगों को नोटिस थमाया जा चुका है। यदि कोई व्यक्ति नोटिस जारी करने के 48 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दिये गये सुझाव की पालना नहीं करता तो पुन: निरीक्षण कर अधिनियम की धारा 98 के तहत 300 से 2000 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने 281 मरीजों के लिए सेंपल
विभागीय जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग द्वारा अब तक 281 मरीजों के सैंपल लिए गए है, जिनमें से छह मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है। विभाग द्वारा 32 अन्य मरीजों के सेंपल लिए गए हैं, जिनका परिणाम मंगलवार सायं तक आने की संभावना है।
मलेरिया विभाग एलिजा से करता है जांच : सुभाष मलिक
प्रमुख मलेरिया लैब अटेंडेंट सुभाष मलिक ने बताया कि निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच रैपिड कार्ड द्वारा की जाती है। स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की डेंगू संबंधित रिपोर्ट पर भरोसा नहीं कर सकता। मलेरिया विभाग खुद संदिग्ध डेंगू के मरीजों का एलिजा टेस्ट कर, उसके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली सूक्ष्म रोगाणुओं के प्रति क्या प्रतिक्रिया कर रही है। इस टेस्ट के द्वारा प्रतिरक्षा प्रणाली में उपस्थित केमिकल व अन्य तत्वों की जांच डेंगू की पुष्टी की जाती है।
रैपिड रिस्पॉन्स टीम डोर-टू-डोर दे रही दस्तक : डॉ. सहोतिा
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि अभी तक छह मरीजों को डेंगू कंफर्म हुआ है, जबकि जिलाभर में 281 मरीजों को संदिग्ध डेंगू की नजर से देखा जा रहा है। मलेरिया विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम डोर-टू-डोर दस्तक दे एंटी लारवा अभियान सुचारू रूप से चला रही है। शहर को चार जोन में बांटा हुआ है, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम सप्ताह भर में दोबारा से निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाती है। टीम द्वारा घरों में लारवा की गहनता से जांच कर दवाई का छिड़काव कर उसको नष्ट किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वाले लोगों को विभाग द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। ऐसे में आमजन को भी जागरूक होनी की आवश्यकता है। उन्हें घबराने की बजाए अपने स्तर पर भी उचित प्रबंध व विभाग का सहयोग करना चाहिए।
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डेंगू से 35 वर्षीया महिला की मौत, अनगिनत संदिग्ध बुखार की चपेट में
- स्वास्थ्य विभाग अभी तक कर रहा है सिर्फ छह मामलों की पुष्टि
- सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह बोले, डेंगू से मौत की नहीं है अभी कोई जानकारी
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। डेंगू से 35 वर्षीया एक महिला की मौत और अनगिनत संदिग्ध बुखार की चपेट में आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सुस्त दिख रही है। संदिग्ध बुखार से अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत आंकड़े डेंगू की स्थिति को पूरी तरह नियं त्रण में दर्शा रहे हैं।
जिलेभर में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या अनगिनत बताई जा रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी 281 में से सिर्फ छह मरीजों की ही पुष्टि कर रहा है। हालांकि यह संख्या मंगलवार तक सीधा दोगुनी हो सकती है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने जो नए 32 सैंपल लगाए हैं, इनमें से कम से कम छह नए डेंगू पीड़ित माने जा रहे हैं। चिंताजनक स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग रोजाना डेंगू के आंकड़ों जारी करने से छिपा रहा है। वहीं एंटी लारवा एक्टिविटी के मामले में भी विभाग की गति काफी धीमी दिख रही है। आपात स्थिति को देखते हुए छुट्टी के दिन एंटी लारवा एक्टिविटी बंद है। सवाल यह उठ रहे हैं कि जब विभाग के पास पीड़ितों को पुख्ता आंकड़े ही नहीं हैं, तो एंटी लारवा एक्टिविटी कैसे चलेगी।
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ज्योतिनगर स्थित करतार मोटर्स वाली गली वासी डेंगू पीड़ित श्री मानव सेवा समिति एवं प्राची स्वर्गाश्रम के प्रधान राजेंद्र शर्मा का कहना है कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम की कोई गतिविधि उनके घर या आसपास नहीं दिखी, जबकि पिछले कई दिनों से वह डेंगू की चपेट में होेने के कारण उपचाराधीन हैं। इधर जब इस बारे में जिला के सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि डेंगू को लेकर विभाग चौकस है। ज्योति नगर में महिला की मौत पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
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मोहाली के अस्पताल में हुई डेंगू पीड़िता की मौत
ज्योति नगर वासी 35 वर्षीय डेंगू पीड़ित महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार महिला को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां चिकित्सकों ने चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। महिला को मोहाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, यहां पांच दिन उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
महादेव मोहल्ला के शिव मंदिर में मिला डेंगू का लारवा
डेंगू की पुष्टि होने पर महादेव मोहल्ले में लारवा की जांच करने पहुंची रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने एंटी लारवा अभियान चलाया। इस दौरान मोहल्ले के घरों में छत पर रखी पानी की टंकियों, गमलों सहित अन्य संदिग्ध लारवा प्रभावित क्षेत्र की जांच की। वहीं इस मोहल्ले के शिव मंदिर में निरीक्षण के दौरान केले के गमले में लारवा मिला। टीम ने वहां दवाई का छिड़काव कर तुरंत लारवा को नष्ट किया। इसके अलावा टीम ने चौटाला मोहल्ला में निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में लारवा मिलने पर दो लोगों को नोटिस दिया।
यह क्षेत्र है संदिग्ध डेंगू से प्रभावित
जानकारी के अनुसार पिहोवा क्षेत्र, गांव किरमिच, प्रतापगढ़, गोविंदगढ़, गांधी नगर, कीर्ति नगर, बाहरी मोहल्ला, दीदार नगर, रविदास नगर, महादेव मोहल्ला, चौटाला मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्र संदिग्ध डेंगू से प्रभावित है।
जिले भर में करीब 1800 लोगों को दिया नोटिस
उप सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार संस्था, प्लॉट व मकान इत्यादि में मलेरिया, डेंगू, चिकनगूनियां जैसी बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिलने हरियाणा म्यूनिसिपल अधिनियम 1973 की धारा 214 के अनुछेद (एक) के तहत जिलाभर मेें करीब 1800 लोगों को नोटिस थमाया जा चुका है। यदि कोई व्यक्ति नोटिस जारी करने के 48 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दिये गये सुझाव की पालना नहीं करता तो पुन: निरीक्षण कर अधिनियम की धारा 98 के तहत 300 से 2000 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने 281 मरीजों के लिए सेंपल
विभागीय जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग द्वारा अब तक 281 मरीजों के सैंपल लिए गए है, जिनमें से छह मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है। विभाग द्वारा 32 अन्य मरीजों के सेंपल लिए गए हैं, जिनका परिणाम मंगलवार सायं तक आने की संभावना है।
मलेरिया विभाग एलिजा से करता है जांच : सुभाष मलिक
प्रमुख मलेरिया लैब अटेंडेंट सुभाष मलिक ने बताया कि निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच रैपिड कार्ड द्वारा की जाती है। स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की डेंगू संबंधित रिपोर्ट पर भरोसा नहीं कर सकता। मलेरिया विभाग खुद संदिग्ध डेंगू के मरीजों का एलिजा टेस्ट कर, उसके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली सूक्ष्म रोगाणुओं के प्रति क्या प्रतिक्रिया कर रही है। इस टेस्ट के द्वारा प्रतिरक्षा प्रणाली में उपस्थित केमिकल व अन्य तत्वों की जांच डेंगू की पुष्टी की जाती है।
रैपिड रिस्पॉन्स टीम डोर-टू-डोर दे रही दस्तक : डॉ. सहोतिा
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि अभी तक छह मरीजों को डेंगू कंफर्म हुआ है, जबकि जिलाभर में 281 मरीजों को संदिग्ध डेंगू की नजर से देखा जा रहा है। मलेरिया विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम डोर-टू-डोर दस्तक दे एंटी लारवा अभियान सुचारू रूप से चला रही है। शहर को चार जोन में बांटा हुआ है, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम सप्ताह भर में दोबारा से निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाती है। टीम द्वारा घरों में लारवा की गहनता से जांच कर दवाई का छिड़काव कर उसको नष्ट किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वाले लोगों को विभाग द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। ऐसे में आमजन को भी जागरूक होनी की आवश्यकता है। उन्हें घबराने की बजाए अपने स्तर पर भी उचित प्रबंध व विभाग का सहयोग करना चाहिए।