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250 रुपये का एक एक्सटेंशन बोर्ड नहीं खरीद सकते, मरीजों का इलाज कैसे करते हो
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
Updated Thu, 26 May 2016 12:52 AM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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सिविल अस्पताल में सरप्राइज चेकिंग पर पहुंचे हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्ट डॉ. राजीव वढे़रा उस समय भड़क गए, जब मरीजों को गर्मी से बेहाल होते देखा। कारण पूछा तो बताया गया कि एक्सटेंशन बोर्ड नहीं है। इस पर भड़के हेल्थ डायरेक्टर ने कहा बाजार से मात्र 250 रुपये का एक्सटेंशन बोर्ड आएगा और यदि रुपये नहीं हैं, तो मेरे से ले जाओ।
इतना कहते ही उन्होंने एक हजार रुपये का नोट अपनी जेब से निकाला और डॉक्टरों की ओर सरका दिया। निदेशक के इस रुख का किसी के पास कोई जवाब नहीं था। डायरेक्टर के तल्ख अंदाज को देखते हुए डॉक्टर भी हैरान रहे, जबकि तीन घंटे तक अधिकारी ने अस्पताल का निरीक्षण किया और स्टाफ व डॉक्टरों की सांसें अटकी रहीं। इस दौरान सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. पवनीश अग्रवाल, डॉ. बलविंद्र, मनीषा अग्रवाल, डॉ. संजय सहित कई डॉक्टर मौजूद रहे।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक सिटी सिविल अस्पताल में पहुंचे। उनके आने की सूचना से अस्पताल में हड़कंप मच गया। एक्सटेंशन बोर्ड न होने के कारण मरीजों को गर्मी से बेहाल देखा, तो उन्होंने साफ कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए मरीजों को क्यों परेशान किया जाता है, जबकि लोकल स्तर पर इसका समाधान हो सकता है। इसके बाद डायेक्टर डॉ. राजीव वडेरा टायलेट में गए तो हैरान हो गए। यहां पर व्यर्थ में पानी बह रहा और टोटियां टूटी थी।
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इस पर उन्होंने कहा कि एक तरफ जल बचाने की बात की जा रही है, तो दूसरी तरफ पानी को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने ट्रामा सेंटर में बेहतर सुविधाओं के लिए खरीदे गए सामान की भी चेकिंग की और छोटी छोटी कमियों को दूर करने के आदेश दिए।
डॉक्टर रूम से निकलवाया बेड
निरीक्षण के दौरान निदेशक जब ट्रामा सेंटर पहुंचे, तो यहां पर उन्होंने डाक्टर के ड्यूटी रूम में बैड देखा। यह देखते ही वे भड़क गए और उन्होंने इस बेड को ड्यूटी रूम से हटाने को कहा। निदेशक के निर्देशों पर यह बेड रूम से हटवाया गया। उन्होंने इस दौरान ट्रामा इंचार्ज व पीएमओ आफिस को भी ट्रामा सेंटर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
मरीजों की सुविधाओं को हर स्तर पर बेहतर बनाया जा रहा
मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में जो भी कमियां मिली हैं, उनको दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की सुविधाओं को हर स्तर पर बेहतर बनाया जा रहा है।
- डॉ. राजीव वडेरा, निदेशक, स्वास्थ्य विभाग हरियाणा
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इतना कहते ही उन्होंने एक हजार रुपये का नोट अपनी जेब से निकाला और डॉक्टरों की ओर सरका दिया। निदेशक के इस रुख का किसी के पास कोई जवाब नहीं था। डायरेक्टर के तल्ख अंदाज को देखते हुए डॉक्टर भी हैरान रहे, जबकि तीन घंटे तक अधिकारी ने अस्पताल का निरीक्षण किया और स्टाफ व डॉक्टरों की सांसें अटकी रहीं। इस दौरान सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. पवनीश अग्रवाल, डॉ. बलविंद्र, मनीषा अग्रवाल, डॉ. संजय सहित कई डॉक्टर मौजूद रहे।
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बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक सिटी सिविल अस्पताल में पहुंचे। उनके आने की सूचना से अस्पताल में हड़कंप मच गया। एक्सटेंशन बोर्ड न होने के कारण मरीजों को गर्मी से बेहाल देखा, तो उन्होंने साफ कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए मरीजों को क्यों परेशान किया जाता है, जबकि लोकल स्तर पर इसका समाधान हो सकता है। इसके बाद डायेक्टर डॉ. राजीव वडेरा टायलेट में गए तो हैरान हो गए। यहां पर व्यर्थ में पानी बह रहा और टोटियां टूटी थी।
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इस पर उन्होंने कहा कि एक तरफ जल बचाने की बात की जा रही है, तो दूसरी तरफ पानी को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने ट्रामा सेंटर में बेहतर सुविधाओं के लिए खरीदे गए सामान की भी चेकिंग की और छोटी छोटी कमियों को दूर करने के आदेश दिए।
डॉक्टर रूम से निकलवाया बेड
निरीक्षण के दौरान निदेशक जब ट्रामा सेंटर पहुंचे, तो यहां पर उन्होंने डाक्टर के ड्यूटी रूम में बैड देखा। यह देखते ही वे भड़क गए और उन्होंने इस बेड को ड्यूटी रूम से हटाने को कहा। निदेशक के निर्देशों पर यह बेड रूम से हटवाया गया। उन्होंने इस दौरान ट्रामा इंचार्ज व पीएमओ आफिस को भी ट्रामा सेंटर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
मरीजों की सुविधाओं को हर स्तर पर बेहतर बनाया जा रहा
मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में जो भी कमियां मिली हैं, उनको दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की सुविधाओं को हर स्तर पर बेहतर बनाया जा रहा है।
- डॉ. राजीव वडेरा, निदेशक, स्वास्थ्य विभाग हरियाणा