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ईडीसी मशीनों से होगा अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कैश कांउटर पर फीस का भुगतान
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:21 AM IST
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गत वर्ष से की गई ऑनलाइन फीस के बाद अब विश्वविद्यालय के सभी कैश काउंटरों पर ईडीसी मशीनों से ही फीस का भुगतान होगा। विद्यार्थी अपने एटीएम कार्ड से सीधे विश्वविद्यालय को पैमेंट कर सकेंगे। बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने विश्वविद्यालय के वित्त विभाग के कर्मचारियों को ईडीसी मशीनें वितरित की। इन मशीनों के माध्यम से छात्र अब एटीएम कार्ड से फीस का भुगतान कर सकेंगे।
ईडीसी मशीनें आईसीआईसीआई बैंक द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। यह मशीनें विश्वविद्यालय के हर कैश काउंटर पर उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि छात्र नकद भुगतान की बजाए एटीएम कार्ड से भुगतान कर सकें। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा ई-ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसलिए इन मशीनों का उपलब्ध करवाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कुलपति ने बताया कि इस वर्ष अधिकतर छात्रगण ई-ट्रांजेक्शन द्वारा अपनी फीस जमा करवा रहे हैं तथा कैश काउंटर पर नकद भुगतान कम जमा करवाया जा रहा है। वित्त विभाग में ईडीसी मशीनों का उपलब्ध होना इस दिशा में एक और सराहनीय कदम है। कुलपति ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। इसका सबसे बड़ा कारण इस विश्वविद्यालय में होने वाली प्रयोगधर्मिता है। प्रगतिशील सोच व निरंतर नए-नए प्रयोग करने के कारण ही आज यह विश्वविद्यालय इस मुकाम पर है। फीस ऑनलाईन होने से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सीधे फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटलाईजेशन समय की जरूरत है। डिजिटल व पेपरलेस कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कुलपति ने कहा कि एक विश्वविद्यालय में प्रवेश, वित्तीय लेनदेन, परीक्षा व प्रशासनिक कार्य ये चार ऐसे कारक हैं जिनका ऑटोमेशन करने से विश्वविद्यालय में पारदर्शिता के साथ-साथ कामकाज की गति तेज हो रही है। इससे विद्यार्थियों का समय व उर्जा बचेगी। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, जनसम्पर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. अशोक कुमार, वित्त अधिकारी डॉ. हरजीत सिंह, रवि थापा सहित वित्त विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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ऑनलाइन फीस का दाखिला प्रक्रिया में विद्यार्थियों को हो रहा है फायदा
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चल रही काउंसिलिंग में अधिकतर विद्यार्थी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन फीस आप्शन का लाभ उठा रहे हैं। विद्यार्थी लंबी लाइनों में फंसने की बजाए सीधे अपने एटीएम कार्ड से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट कर रहे हैं। इसका फायदा विश्वविद्यालय व विद्यार्थी दोनों को हो रहा है।
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ईडीसी मशीनें आईसीआईसीआई बैंक द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। यह मशीनें विश्वविद्यालय के हर कैश काउंटर पर उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि छात्र नकद भुगतान की बजाए एटीएम कार्ड से भुगतान कर सकें। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा ई-ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसलिए इन मशीनों का उपलब्ध करवाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कुलपति ने बताया कि इस वर्ष अधिकतर छात्रगण ई-ट्रांजेक्शन द्वारा अपनी फीस जमा करवा रहे हैं तथा कैश काउंटर पर नकद भुगतान कम जमा करवाया जा रहा है। वित्त विभाग में ईडीसी मशीनों का उपलब्ध होना इस दिशा में एक और सराहनीय कदम है। कुलपति ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा प्रदेश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। इसका सबसे बड़ा कारण इस विश्वविद्यालय में होने वाली प्रयोगधर्मिता है। प्रगतिशील सोच व निरंतर नए-नए प्रयोग करने के कारण ही आज यह विश्वविद्यालय इस मुकाम पर है। फीस ऑनलाईन होने से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सीधे फायदा होगा।
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उन्होंने कहा कि डिजिटलाईजेशन समय की जरूरत है। डिजिटल व पेपरलेस कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कुलपति ने कहा कि एक विश्वविद्यालय में प्रवेश, वित्तीय लेनदेन, परीक्षा व प्रशासनिक कार्य ये चार ऐसे कारक हैं जिनका ऑटोमेशन करने से विश्वविद्यालय में पारदर्शिता के साथ-साथ कामकाज की गति तेज हो रही है। इससे विद्यार्थियों का समय व उर्जा बचेगी। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, जनसम्पर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. अशोक कुमार, वित्त अधिकारी डॉ. हरजीत सिंह, रवि थापा सहित वित्त विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
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ऑनलाइन फीस का दाखिला प्रक्रिया में विद्यार्थियों को हो रहा है फायदा
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चल रही काउंसिलिंग में अधिकतर विद्यार्थी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन फीस आप्शन का लाभ उठा रहे हैं। विद्यार्थी लंबी लाइनों में फंसने की बजाए सीधे अपने एटीएम कार्ड से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट कर रहे हैं। इसका फायदा विश्वविद्यालय व विद्यार्थी दोनों को हो रहा है।