{"_id":"598b58b04f1c1bfd3e8b4841","slug":"21502304432-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूटान के छात्र ने एनआईटी के हास्टल में फांसी लगाकर की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूटान के छात्र ने एनआईटी के हास्टल में फांसी लगाकर की आत्महत्या
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में अध्ययनरत भूटान के एक छात्र ने हॉस्टल नंबर 10 के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा मंगलवार देर रात को हुआ। घटना का पता चलते ही एनआईटी के डायरेक्टर पद्मश्री सतीश कुमार व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। इधर इस घटना की सूचना एनआईटी प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों और भूटान दूतावास को दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ हॉस्टल के कमरा नंबर बी-504 से चार पेज का सुसाइड नोट भी बरामद किया है। एनआईटी के डायरेक्टर ने बताया कि मूलरूप से भूटान वासी 20 वर्षीय छात्र नेमजुल वेजजुल पुत्र छीनादोराजी इलेक्ट्रिकल ट्रेड में तीसरे वर्ष का छात्र था। उन्होंने बताया कि एनआईटी में श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल के विद्यार्थियों के अलावा 23 छात्र भूटान के अध्ययनरत हैं। इनमें से नेमजुल मंगलवार दोपहर को 2 बजकर 30 मिनट तक क्लास में था।
बताया गया है कि वह पारिवारिक कारणों से परेशान था। नेमजुल को मंगलवार को ही अपने चाचा की मौत की सूचना मिली थी। यह जानकारी भूटान के दूसरे छात्रों ने दी है। इसके बाद से वह थोड़ा परेशान था। रात को करीब आठ बजे उसके साथियों ने डिनर पर जाने से पहले हॉस्टल के कमरा नंबर 504 का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन भीतर से कोई आवाज नहीं आई, उसके साथियों ने सोचा कि शायद वह सो चुका है। इसके बाद 11 बजे कुछ अन्य साथियों ने नेमजुल का दरवाजा खटखटाया था, इसके बाद भी आवाज नहीं आने पर इन्होंने रोशनदान से कमरे के भीतर देखा तो वहां नेमजुल की लाश पंखे में फांसी के फंदे में लटकी हुई मिली। विद्यार्थियों ने तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी थी, जिसके बाद सिक्टोरिटी और एनआईटी के रजिस्ट्रार डॉ. सुरेंद्र देशवाल, चीफ वार्डन सहित निट के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
विज्ञापन
--------------
सुसाइड नोट में भाई को लिखा मां का ख्याल रखना
एनआईटी के डायरेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि नेमजुल ने कागज के दो पन्नों पर आगे पीछे सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने अपनी आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। सुसाइड नोट में छात्र ने अपने भाई को मां का ख्याल रखने के लिए लिखने के साथ साथ किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई से इंकार किया है।
-----------------------------------
माता-पिता के संबंध सामान्य नहीं थे
केयू थर्ड गेट पुलिस चौकी के प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मृतक छात्र के पिता भूटान के कारोबारी हैं। उसके माता-पिता के आपसी संबंध सामान्य नहीं थे, जिसके चलते मामला तलाक तक पहुंच चुका था। इसकी जानकारी नेमजुल के साथियों से मिली है। इधर मंगलवार को उसके चाचा की मौत के कारण वह मानसिक रुप से परेशान था।
--------------------------------------
भूटान दूतावास के सदस्यों को सौंपा गया शव
भूटान दूतावास की टीम बुधवार को कुरुक्षेत्र पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक मृतक छात्र के परिवार में एक दिन पहले ही मौत की वजह से परिवार के सदस्य यहां नहीं आए। इस वजह से पोस्टमार्टम के बाद शव भूटान दूतावास से आए लोगों को सौंपा गया। उन्होंने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में अध्ययनरत भूटान के एक छात्र ने हॉस्टल नंबर 10 के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा मंगलवार देर रात को हुआ। घटना का पता चलते ही एनआईटी के डायरेक्टर पद्मश्री सतीश कुमार व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। इधर इस घटना की सूचना एनआईटी प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों और भूटान दूतावास को दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ हॉस्टल के कमरा नंबर बी-504 से चार पेज का सुसाइड नोट भी बरामद किया है। एनआईटी के डायरेक्टर ने बताया कि मूलरूप से भूटान वासी 20 वर्षीय छात्र नेमजुल वेजजुल पुत्र छीनादोराजी इलेक्ट्रिकल ट्रेड में तीसरे वर्ष का छात्र था। उन्होंने बताया कि एनआईटी में श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल के विद्यार्थियों के अलावा 23 छात्र भूटान के अध्ययनरत हैं। इनमें से नेमजुल मंगलवार दोपहर को 2 बजकर 30 मिनट तक क्लास में था।
विज्ञापन
बताया गया है कि वह पारिवारिक कारणों से परेशान था। नेमजुल को मंगलवार को ही अपने चाचा की मौत की सूचना मिली थी। यह जानकारी भूटान के दूसरे छात्रों ने दी है। इसके बाद से वह थोड़ा परेशान था। रात को करीब आठ बजे उसके साथियों ने डिनर पर जाने से पहले हॉस्टल के कमरा नंबर 504 का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन भीतर से कोई आवाज नहीं आई, उसके साथियों ने सोचा कि शायद वह सो चुका है। इसके बाद 11 बजे कुछ अन्य साथियों ने नेमजुल का दरवाजा खटखटाया था, इसके बाद भी आवाज नहीं आने पर इन्होंने रोशनदान से कमरे के भीतर देखा तो वहां नेमजुल की लाश पंखे में फांसी के फंदे में लटकी हुई मिली। विद्यार्थियों ने तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को दी थी, जिसके बाद सिक्टोरिटी और एनआईटी के रजिस्ट्रार डॉ. सुरेंद्र देशवाल, चीफ वार्डन सहित निट के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।
विज्ञापन
--------------
सुसाइड नोट में भाई को लिखा मां का ख्याल रखना
एनआईटी के डायरेक्टर डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि नेमजुल ने कागज के दो पन्नों पर आगे पीछे सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने अपनी आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। सुसाइड नोट में छात्र ने अपने भाई को मां का ख्याल रखने के लिए लिखने के साथ साथ किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई से इंकार किया है।
-----------------------------------
माता-पिता के संबंध सामान्य नहीं थे
केयू थर्ड गेट पुलिस चौकी के प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मृतक छात्र के पिता भूटान के कारोबारी हैं। उसके माता-पिता के आपसी संबंध सामान्य नहीं थे, जिसके चलते मामला तलाक तक पहुंच चुका था। इसकी जानकारी नेमजुल के साथियों से मिली है। इधर मंगलवार को उसके चाचा की मौत के कारण वह मानसिक रुप से परेशान था।
--------------------------------------
भूटान दूतावास के सदस्यों को सौंपा गया शव
भूटान दूतावास की टीम बुधवार को कुरुक्षेत्र पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक मृतक छात्र के परिवार में एक दिन पहले ही मौत की वजह से परिवार के सदस्य यहां नहीं आए। इस वजह से पोस्टमार्टम के बाद शव भूटान दूतावास से आए लोगों को सौंपा गया। उन्होंने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।