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अब एलएनजेपी अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के मच्छरों का नहीं रहेगा आतंक
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अस्पताल में तालाब बनाकर डाली जाएंगी गंबूजिया मछली
मलेरिया व डेंगू से निपटने को एलएनजेपी अस्पताल में आजमाई जाएगी यह तरकीब
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में अब डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का भय नहीं रहेगा। इनके पनपने से पहले ही गंबूजिया मछलियां लारवे को खत्म कर देंगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में विशेष तौर पर तालाब बनाया जाएगा। जिसे मतस्य पालन केंद्र का रूप दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को तालाब का खुदाई कार्य भी शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि आगामी दो सप्ताह तक इस तालाब का निर्माकण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और जल्द ही इस केंद्र में लाखों गंबूजिया मछली तैयार की जाएगी, जो डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के लारवा को खत्म करेंगी। इन मछलियों को स्वास्थ्य विभाग ऐसी जगहों पर इस्तेमाल करेगा, जहां पर एक माह या फिर इससे ज्यादा समय तक पानी का ठहराव रहता है। अन्य मछलियों के विपरीत ये मछलियां मच्छरों के लारवा खाती है, जिसकी वजह से मलेरिया एवं डेंगू की बीमारी पर नियत्रंण करेगी। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू एवं मलेरिया के सीजन में मच्छरों के लारवा को खत्म करने के लिए मत्सय पालन विभाग से मदद लेता था।
सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि किसी भी बीमारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। लोग अपने आसपास में पानी के अनावश्यक रूप से ठहराव को नहीं होने दे, तो मच्छरों से जनित बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही गंबूजिया मछली तैयार कर जरूरत के हिसाब से जगहों की पहचान कर इनको स्थानांतरित करेगा।
मलेरिया व डेंगू से निपटने को एलएनजेपी अस्पताल में आजमाई जाएगी यह तरकीब
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में अब डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का भय नहीं रहेगा। इनके पनपने से पहले ही गंबूजिया मछलियां लारवे को खत्म कर देंगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में विशेष तौर पर तालाब बनाया जाएगा। जिसे मतस्य पालन केंद्र का रूप दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को तालाब का खुदाई कार्य भी शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि आगामी दो सप्ताह तक इस तालाब का निर्माकण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और जल्द ही इस केंद्र में लाखों गंबूजिया मछली तैयार की जाएगी, जो डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के लारवा को खत्म करेंगी। इन मछलियों को स्वास्थ्य विभाग ऐसी जगहों पर इस्तेमाल करेगा, जहां पर एक माह या फिर इससे ज्यादा समय तक पानी का ठहराव रहता है। अन्य मछलियों के विपरीत ये मछलियां मच्छरों के लारवा खाती है, जिसकी वजह से मलेरिया एवं डेंगू की बीमारी पर नियत्रंण करेगी। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू एवं मलेरिया के सीजन में मच्छरों के लारवा को खत्म करने के लिए मत्सय पालन विभाग से मदद लेता था।
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सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि किसी भी बीमारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। लोग अपने आसपास में पानी के अनावश्यक रूप से ठहराव को नहीं होने दे, तो मच्छरों से जनित बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही गंबूजिया मछली तैयार कर जरूरत के हिसाब से जगहों की पहचान कर इनको स्थानांतरित करेगा।
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