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एलएनजेपी अस्पताल में डिलीवरी होते ही बच्चे की मौत का आरोप लगाकर परिजनों ने जताया रोष
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:26 AM IST
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एलएनजेपी अस्पताल में डिलीवरी होते ही बच्चे की मौत, परिजनों ने जताया रोष
- लेबर रूम की नर्स से लेकर चिकित्सक को भी बताया लारवाह, परिजन बोले: बार-बार बुलाने पर नहीं आया कोई
- पुलिस ने मौके पर पहुंच कराया बच्चे का पोस्टमार्टम, अधिकारियों ने कहा: धुराला पीएचसी से रेफर फाइल में लिखी पहले से धड़कन बंद होने की बात
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सिविल अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में नवजात की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। नवजात के परिवारजनों की मानें तो लेबर रूम के स्टाफ के रात भर सोते रहने के कारण महिला की देखरेख ढंग से नहीं हो पाई और बिना निगरानी के डिलीवरी होने से बच्चे की नीचे गिरने से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने स्टाफ के खिलाफ भड़ास निकालते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को धुराला वासी धीरचंद के अनुसार वह पत्नी ऊषा को प्रसव पीड़ा के बाद यहां बनी पीएचसी से वीरवार रात सिविल अस्पताल ले गया था। उनकी माता बिलौची देवी और भाभी मुखत्यारी दोनों साथ प्रसूति विभाग में रात भर रहीं। उन्होंने कहा कि सुबह पांच बजे उषा ने अचानक चीखना शुरू कर दिया। मुख्त्यारी ने आरोप लगाया कि जब उसने उषा को देखा तो स्टाफ की गैरमौजूदगी में बच्चा नीचे बाल्टी में था। शोर मचाने पर आई नर्स ने उन्हें लेबर रूम से बाहर निकाल दिया और बच्चे को बाल्टी से उठाकर अपने साथ ले गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्टाफ की लापरवाही के कारण ही बच्चे की जान गई है।
परिजनों का गुस्सा देख अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के काफी देर तक समझाने और दोषियों के खिलाफ जांच करने का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। वहीं पुलिस ने नवजात को लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया। चिकित्सा अधिकारी की मानें तो गांव धुराला पीएचसी से आई महिला की पर्ची पर बच्चे की धड़कन नहीं होने की बात पहले से ही लिखी हुई थी। उनपर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जा सकता है: आरएमओ
सिविल अस्पताल के आरएमओ डॉ. एसएस अरोड़ा ने कहा कि मृतक बच्चे को लेकर गांव धुराला के लोगों ने नाराजगी जताई है। परिजनों की शिकायत पर मृत बच्चे का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। रिपार्ट देखने के बाद कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि पीएचसी धुराला से महिला को एलएनजेपी अस्पताल में रेफर किया गया था। इस फाइल में बच्चे की धड़कन बंद होने का जिक्र है। यह बात लिखित में है, जोकि कभी भी देखी जा सकती है।
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एलएनजेपी अस्पताल में डिलीवरी होते ही बच्चे की मौत, परिजनों ने जताया रोष
- लेबर रूम की नर्स से लेकर चिकित्सक को भी बताया लारवाह, परिजन बोले: बार-बार बुलाने पर नहीं आया कोई
- पुलिस ने मौके पर पहुंच कराया बच्चे का पोस्टमार्टम, अधिकारियों ने कहा: धुराला पीएचसी से रेफर फाइल में लिखी पहले से धड़कन बंद होने की बात
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सिविल अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में नवजात की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। नवजात के परिवारजनों की मानें तो लेबर रूम के स्टाफ के रात भर सोते रहने के कारण महिला की देखरेख ढंग से नहीं हो पाई और बिना निगरानी के डिलीवरी होने से बच्चे की नीचे गिरने से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने स्टाफ के खिलाफ भड़ास निकालते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को धुराला वासी धीरचंद के अनुसार वह पत्नी ऊषा को प्रसव पीड़ा के बाद यहां बनी पीएचसी से वीरवार रात सिविल अस्पताल ले गया था। उनकी माता बिलौची देवी और भाभी मुखत्यारी दोनों साथ प्रसूति विभाग में रात भर रहीं। उन्होंने कहा कि सुबह पांच बजे उषा ने अचानक चीखना शुरू कर दिया। मुख्त्यारी ने आरोप लगाया कि जब उसने उषा को देखा तो स्टाफ की गैरमौजूदगी में बच्चा नीचे बाल्टी में था। शोर मचाने पर आई नर्स ने उन्हें लेबर रूम से बाहर निकाल दिया और बच्चे को बाल्टी से उठाकर अपने साथ ले गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्टाफ की लापरवाही के कारण ही बच्चे की जान गई है।
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परिजनों का गुस्सा देख अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के काफी देर तक समझाने और दोषियों के खिलाफ जांच करने का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। वहीं पुलिस ने नवजात को लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया। चिकित्सा अधिकारी की मानें तो गांव धुराला पीएचसी से आई महिला की पर्ची पर बच्चे की धड़कन नहीं होने की बात पहले से ही लिखी हुई थी। उनपर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जा सकता है: आरएमओ
सिविल अस्पताल के आरएमओ डॉ. एसएस अरोड़ा ने कहा कि मृतक बच्चे को लेकर गांव धुराला के लोगों ने नाराजगी जताई है। परिजनों की शिकायत पर मृत बच्चे का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। रिपार्ट देखने के बाद कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि पीएचसी धुराला से महिला को एलएनजेपी अस्पताल में रेफर किया गया था। इस फाइल में बच्चे की धड़कन बंद होने का जिक्र है। यह बात लिखित में है, जोकि कभी भी देखी जा सकती है।