फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   जनता के बीच जाने में आती है शर्म, अफसर सुनते नहीं

जनता के बीच जाने में आती है शर्म, अफसर सुनते नहीं

Wed, 28 Feb 2018 12:44 AM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
जनता के बीच जाने में आती है शर्म, अफसर सुनते नहीं
जनता के बीच जाने में आती है शर्म, अफसर सुनते नहीं
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जनप्रतिनिधि बने हैं, लेकिन लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहे। इससे अब उनके बीच जाने में शर्म महसूस होने लगी है। न तो समय पर ग्रांट मिल पाती है और न ही करवाए जा रहे काम का ही पता चलता है। यह भी जानकारी नहीं होती कि उस काम को कौन करवा रहा है। विकास कार्यों की ग्रांट में भी भेदभाव होता है। अनेक कामों के अस्टीमेट तो ले लिए जाते है, लेकिन वे कब तक पूरे हो पाएंगे, इसका पता नहीं होता। पार्षदों का यह दर्द जिला परिषद की बैठक में छलका। उन्होंने बैठक में चेयरमैन के समक्ष तो बाद में पत्रकारों से बातचीत में भी कई आरोप लगाए। हालांकि बैठक में चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी ने दावा किया कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं है तो सभी को समान रूप से ग्रांट भी दी जा रही है।
बैठक के दौरान अधिक बहस नहीं हुई। जबकि कुछ दिनों पूर्व ही कई पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ बगावत के सुर दिखाते हुए खुले तौर पर भेदभाव और मनमानी के आरोप लगाए थे। उसके बाद मंगलवार को हुई बैठक को अहम माना जा रहा था। इसी के चलते बैठक और उसके बाद में पत्रकारों से बातचीत में कई पार्षदों ने कहा कि इन समस्याओं का कोई हल नहीं हो पा रहा है। यहां तक कि सत्तासीन पार्टी के पार्षद भी खुुलेआम कहने लगे है कि अब तो उनकी सरपंच भी कोई बात नहीं मान रहे। इसके पीछे उनकी ओर से विकास कार्य न करवा पाना ही है। कई पार्षदों ने कहा कि कई माह पहले उनसे अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के अस्टीमेट मांगे गए थे, लेकिन आज तक उन पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं है। यह सभी कार्य ऐसे ही पड़े हैं। लोग अब ये कार्य न होने का कारण पूछ रहे हैं। अनेक कार्य ऐसे हैं, जो कई-कई माह बाद शुरू होते हैं। इन कार्यों को कौन शुरू करवा रहा, यह भी उनके संज्ञान में नहीं होता।
विज्ञापन

अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे जिप बैठक, नोटिस होंगे जारी
जिला परिषद की बैठक को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। इसके चलते कई अधिकारी इसमें पहुंचते ही नहीं है। मंगलवार को हुई बैठक में भी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी थानेसर, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी गैरहाजिर रहे तो चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी ने कहा कि उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। इससे पहले हुई बैठक में भी कई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इसे भी उन्होंने गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकारियों की मनमानी जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शौचमुक्त अभियान की सफलता का सम्मान भी नहीं मिला : सुकरम
पार्षद सुकरमपाल का कहना है कि शौचमुक्त अभियान सफल बनाए जाने के बाद भी सम्मान के तौर पर मिलने वाली शौचालयों की ग्रांट आज तक नहीं मिली है। करीब एक-एक लाख रुपये की इस राशि से किसी स्कूल आदि में शौचालय ही बनाए जाने थे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के बैठक में न आने के नोटिस जारी करने के दावे हर बार किए जाते हैं, लेकिन आज तक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

दो करोड़ 50 लाख की ग्रांट जारी करने पर जताई सहमति
बैठक मेें चेयरमैन गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी ने पिछली बैठक की कार्रवाई पर चर्चा करते हुए एक-एक मुद्दे की समीक्षा की। सभी सदस्यों से उनके वार्डों में किए जा रहे विकास कार्यों और समस्याओं को सुना। सदस्यों से करवाए जाने वाले विकास कार्यों के बारे में भी फीडबैक लिया। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद के सभी 17 वार्डो में समान रूप से विकास कार्य करवाएं जाएंगे। सभी वार्डों में समान रूप से विकास करवाने के लिए दो करोड़ 50 लाख की ग्रांट जारी करने पर सहमति व्यक्त की है। इस अनुदान राशि के बाद विकास कार्यों के लिए यह राशि जारी की जाएगी। सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। इस बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न स्कीमों पर कहा कि सरकार की नीतियों का आमजन को फायदा मिलना चाहिए। गांवों को विकसित करने के लिए सभी को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। इस मौके पर जिला परिषद की उपाध्यक्षा परमजीत कौर कश्यप , मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल यादव, परिषद के डिप्टी सीईओ शंकर गोयल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed