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गति सीमा को ताक पर रख सड़कों पर दौड़ रहे अधिकतर वाहन
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:52 AM IST
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गति सीमा को ताक पर रख सड़कों पर दौड़ रहे अधिकतर वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शहर ही नहीं आसपास की सड़कों से लेकर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी गति सीमा के नियमों को ताक पर रखकर बेहद तेज गति से वाहन दौड़ाए जा रहे है। इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है और लोगों की जान जा रही है। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों की तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। लोगों की जिंदगी बचाने के लिए इस पर लगाम लगाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए भले ही पुलिस प्रशासन की ओर से जागरूकता फैलाई जा रही है और पुलिस कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद लोगों में जागरूकता लाने के लिए अधिक प्रयास की जरूरत है। पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो तेज रफ्तार के चलते हुए दोपहिया वाहनों के हादसों में वाहन चालक और उस पर सवार दूसरे लोगों की जान बचने की संभावना नहीं रहती। इसमें भी वाहन चालक ने हेलमेट नहीं पहना हो तो जान जाने का खतरा अधिक हो जाता है।
यह निर्धारित की गई गति सीमा
जीटी रोड पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा
स्टेट हाईवे पर 45 किलोमीटर प्रति घंटा
स्थानीय रूटों पर 40 कलिोमीटर प्रति घंटा
तेज रफ्तार और बिना हेलमेट वाहन चलाना बना ट्रेंड : एसएचओ
ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि विशेष रूप से युवाओं में तेज रफ्तार और बिना हेलमेट वाहन चलाने का ट्रेंड बनता जा रहा है। यह घातक साबित हो रहा है। सड़क हादसों के बाद पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों कारणों के चलते ही अधिकतर हादसों में जानें गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शहर ही नहीं आसपास की सड़कों से लेकर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी गति सीमा के नियमों को ताक पर रखकर बेहद तेज गति से वाहन दौड़ाए जा रहे है। इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है और लोगों की जान जा रही है। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों की तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। लोगों की जिंदगी बचाने के लिए इस पर लगाम लगाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए भले ही पुलिस प्रशासन की ओर से जागरूकता फैलाई जा रही है और पुलिस कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद लोगों में जागरूकता लाने के लिए अधिक प्रयास की जरूरत है। पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो तेज रफ्तार के चलते हुए दोपहिया वाहनों के हादसों में वाहन चालक और उस पर सवार दूसरे लोगों की जान बचने की संभावना नहीं रहती। इसमें भी वाहन चालक ने हेलमेट नहीं पहना हो तो जान जाने का खतरा अधिक हो जाता है।
यह निर्धारित की गई गति सीमा
जीटी रोड पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा
स्टेट हाईवे पर 45 किलोमीटर प्रति घंटा
स्थानीय रूटों पर 40 कलिोमीटर प्रति घंटा
तेज रफ्तार और बिना हेलमेट वाहन चलाना बना ट्रेंड : एसएचओ
ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि विशेष रूप से युवाओं में तेज रफ्तार और बिना हेलमेट वाहन चलाने का ट्रेंड बनता जा रहा है। यह घातक साबित हो रहा है। सड़क हादसों के बाद पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों कारणों के चलते ही अधिकतर हादसों में जानें गई हैं।
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