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केयू के ऑयन बीम सेंटर को मिला 7 करोड़ 15 लाख का शोध प्रोजेक्ट
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:05 AM IST
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केयू के ऑयन बीम सेंटर को मिला सात करोड़ 15 लाख का शोध प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू के ऑयन बीम सेंटर ने अपनी स्थापना के तीन वर्ष से भी कम समय में एक बड़ा शोध प्रोजेक्ट हासिल कर देशभर के वैज्ञानिकों के रास्ते खोल दिए हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली की ओर से जारी इस शोध प्रोजेक्ट का देशभर के वैज्ञानिक और शोधार्थी लाभ उठाकर शोध कर सकेंगे। इस शोध प्रोजेक्ट के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सात करोड़ 15 लाख रुपये देगा। केयू कुलपति डॉ. कैलाशचंद्र शर्मा ने इसके लिए भौतिकी विभाग के प्रोफेसर और इस सेंटर के इंचार्ज प्रो. संजीव अग्रवाल के साथ ही उनके सहयोगियों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि इस शोध प्रोजेक्ट के मिलने से विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में शोध करने के इच्छुक वैज्ञानिकों को नए अवसर मिलेंगे। पहले यह शोध सुविधा सिर्फ यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों को उपलब्ध थी। अब देशभर के वैज्ञानिक और शोधार्थी इसका फायदा उठा सकेंगे। केंद्र के इंचार्ज प्रो. संजीव अग्रवाल ने बताया कि ऑयन बीम सेंटर यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा है। इसे वर्ष 2015 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सहयोग से स्थापित किया गया था। इस केंद्र को 11.6 करोड़ का शोध प्रोजेक्ट जारी किया गया था। सितंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सात करोड़ 15 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट जारी किया है। इस शोध प्रोजेक्ट में भौतिकी विभाग के प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर, प्रो. श्याम कुमार, डॉ. अन्नू शर्मा को इन्वेस्टीगेटर होंगे। इसके साथ ही आईयूएसी नई दिल्ली से डॉ. डी कांजीलाल, डॉ. संदीप चोपड़ा शोध में सहयोगी होंगे। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि इस शोध प्रोजेक्ट का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। खास बात ये कि देशभर से वैज्ञानिक एवं शोधार्थी इसमें आकर शोध कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें प्रोजेक्ट के तहत यात्रा सुविधा का भुगतान भी किया जाएगा।
ऑयन बीम सेंटर अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा
गौरतलब है कि ऑयन बीम सेंटर एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा है, जो देश के चुनिंदा शोध संस्थानों के पास ही है। हरियाणा में केवल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में ही विद्यार्थी इस शोध सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। इस केंद्र की स्थापना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के क्षेत्र में केयू को एक नई पहचान मिली है। पिछले तीन वर्षों में इस केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शोध हुआ है। इसे देखते हुए ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार ने यह शोध प्रोजेक्ट इस केंद्र को दिया है।
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प्रोजेक्ट मिलते ही जारी की चार करोड़ की राशि
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस शोध प्रोजेक्ट को जारी करते हुए ही चार करोड़ रुपये की राशि इसके लिए जारी कर दी है। इस केंद्र में शोध करने वाले विद्यार्थी इस शोध प्रोजेक्ट के तहत सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू के ऑयन बीम सेंटर ने अपनी स्थापना के तीन वर्ष से भी कम समय में एक बड़ा शोध प्रोजेक्ट हासिल कर देशभर के वैज्ञानिकों के रास्ते खोल दिए हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली की ओर से जारी इस शोध प्रोजेक्ट का देशभर के वैज्ञानिक और शोधार्थी लाभ उठाकर शोध कर सकेंगे। इस शोध प्रोजेक्ट के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सात करोड़ 15 लाख रुपये देगा। केयू कुलपति डॉ. कैलाशचंद्र शर्मा ने इसके लिए भौतिकी विभाग के प्रोफेसर और इस सेंटर के इंचार्ज प्रो. संजीव अग्रवाल के साथ ही उनके सहयोगियों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि इस शोध प्रोजेक्ट के मिलने से विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में शोध करने के इच्छुक वैज्ञानिकों को नए अवसर मिलेंगे। पहले यह शोध सुविधा सिर्फ यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों को उपलब्ध थी। अब देशभर के वैज्ञानिक और शोधार्थी इसका फायदा उठा सकेंगे। केंद्र के इंचार्ज प्रो. संजीव अग्रवाल ने बताया कि ऑयन बीम सेंटर यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा है। इसे वर्ष 2015 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सहयोग से स्थापित किया गया था। इस केंद्र को 11.6 करोड़ का शोध प्रोजेक्ट जारी किया गया था। सितंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने सात करोड़ 15 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट जारी किया है। इस शोध प्रोजेक्ट में भौतिकी विभाग के प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर, प्रो. श्याम कुमार, डॉ. अन्नू शर्मा को इन्वेस्टीगेटर होंगे। इसके साथ ही आईयूएसी नई दिल्ली से डॉ. डी कांजीलाल, डॉ. संदीप चोपड़ा शोध में सहयोगी होंगे। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि इस शोध प्रोजेक्ट का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। खास बात ये कि देशभर से वैज्ञानिक एवं शोधार्थी इसमें आकर शोध कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें प्रोजेक्ट के तहत यात्रा सुविधा का भुगतान भी किया जाएगा।
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ऑयन बीम सेंटर अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा
गौरतलब है कि ऑयन बीम सेंटर एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध सुविधा है, जो देश के चुनिंदा शोध संस्थानों के पास ही है। हरियाणा में केवल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में ही विद्यार्थी इस शोध सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। इस केंद्र की स्थापना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के क्षेत्र में केयू को एक नई पहचान मिली है। पिछले तीन वर्षों में इस केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शोध हुआ है। इसे देखते हुए ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार ने यह शोध प्रोजेक्ट इस केंद्र को दिया है।
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प्रोजेक्ट मिलते ही जारी की चार करोड़ की राशि
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस शोध प्रोजेक्ट को जारी करते हुए ही चार करोड़ रुपये की राशि इसके लिए जारी कर दी है। इस केंद्र में शोध करने वाले विद्यार्थी इस शोध प्रोजेक्ट के तहत सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे।