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अब केयू के नॉन-टीचिंग क्लब की देखरेख करेगा डीवाईसीए
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:14 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू प्रशासन ने नॉन-टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग को सौंप दिया है। अब भविष्य में डीवाईसीए ही नॉन-टीचिंग क्लब का देखरेख करेगा।
हालांकि कुंटिया सदस्य इस क्लब को कभी भी किसी कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन कुंटिया के अलावा बाहरी लोगों को क्लब की बुकिंग के लिए डीवाईसीए से अनुमति लेनी होगी। केयू कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार बुधवार को जनरल ब्रांच ने कुंटिया एवं डीवाईसीए को पत्र जारी किया। कुंटिया ने केयू के इस फैसले का विरोध जताया। कुंटिया कार्यकारिणी सहित कर्मचारी नेताओं ने कुलपति प्रो. केसी शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कुलपति प्रो. केसी शर्मा ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि इस फैसले से कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा। यह फैसला सिर्फ नॉन-टीचिंग क्लब को बाहरी लोगों को देने के बारे में है। केयू कर्मचारी अपने पारिवारिक कार्यक्रम नॉन-टीचिंग क्लब में कर सकते है। इस मौके पर कुंटिया के निवर्तमान प्रधान राम कुमार गुर्जर, पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, निवर्तमान महासचिव नीलकंठ शर्मा, पूर्व महासचिव भारत भूषण, पूर्व कोषाध्यक्ष रामेश्वर सैनी, रामफल, सतीश राणा, सुरेंद्र राणा, मनीष बलदा, रविंद्र तोमर, अनिल लोहट, संत कुमार, पवन, राम कुमार मौजूद रहे।
टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा डीवाईसीए संभालेगा : डॉ. अशोक
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि भविष्य में नॉन टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा डीवाईसीए संभालेगा। हालांकि कुंटिया सदस्य क्लब को कभी भी इस्तेमाल के लिए ले सकते हैं। कुंटिया के अतिरिक्त बाहरी लोगों को क्लब की बुकिंग करने के लिए डीवाईसीए से अनुमति लेनी होगी।
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- डॉ. अशोक कुमार, प्रवक्ता, केयू
कार्यकारी परिषद यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बॉडी : भूषण
तत्कालीन कुलपति डीसी वर्मा की अध्यक्षता में 9 नवंबर 1968 को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ को मान्यता दी गई थी। कार्यकारी परिषद यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बॉडी है, लेकिन अब केयू प्रशासन कुंटिया की मान्यता पर सवाल खड़े कर रहा है।
- भारत भूषण, पूर्व महासचिव
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कुरुक्षेत्र। केयू प्रशासन ने नॉन-टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग को सौंप दिया है। अब भविष्य में डीवाईसीए ही नॉन-टीचिंग क्लब का देखरेख करेगा।
हालांकि कुंटिया सदस्य इस क्लब को कभी भी किसी कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन कुंटिया के अलावा बाहरी लोगों को क्लब की बुकिंग के लिए डीवाईसीए से अनुमति लेनी होगी। केयू कुलपति प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार बुधवार को जनरल ब्रांच ने कुंटिया एवं डीवाईसीए को पत्र जारी किया। कुंटिया ने केयू के इस फैसले का विरोध जताया। कुंटिया कार्यकारिणी सहित कर्मचारी नेताओं ने कुलपति प्रो. केसी शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कुलपति प्रो. केसी शर्मा ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि इस फैसले से कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा। यह फैसला सिर्फ नॉन-टीचिंग क्लब को बाहरी लोगों को देने के बारे में है। केयू कर्मचारी अपने पारिवारिक कार्यक्रम नॉन-टीचिंग क्लब में कर सकते है। इस मौके पर कुंटिया के निवर्तमान प्रधान राम कुमार गुर्जर, पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, निवर्तमान महासचिव नीलकंठ शर्मा, पूर्व महासचिव भारत भूषण, पूर्व कोषाध्यक्ष रामेश्वर सैनी, रामफल, सतीश राणा, सुरेंद्र राणा, मनीष बलदा, रविंद्र तोमर, अनिल लोहट, संत कुमार, पवन, राम कुमार मौजूद रहे।
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टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा डीवाईसीए संभालेगा : डॉ. अशोक
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि भविष्य में नॉन टीचिंग क्लब की देखरेख का जिम्मा डीवाईसीए संभालेगा। हालांकि कुंटिया सदस्य क्लब को कभी भी इस्तेमाल के लिए ले सकते हैं। कुंटिया के अतिरिक्त बाहरी लोगों को क्लब की बुकिंग करने के लिए डीवाईसीए से अनुमति लेनी होगी।
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- डॉ. अशोक कुमार, प्रवक्ता, केयू
कार्यकारी परिषद यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बॉडी : भूषण
तत्कालीन कुलपति डीसी वर्मा की अध्यक्षता में 9 नवंबर 1968 को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ को मान्यता दी गई थी। कार्यकारी परिषद यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बॉडी है, लेकिन अब केयू प्रशासन कुंटिया की मान्यता पर सवाल खड़े कर रहा है।
- भारत भूषण, पूर्व महासचिव