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जाट धर्मशाला-सभा विवाद
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:52 AM IST
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जाट धर्मशाला और सभा की चौधर का विवाद
एसडीएम अनिल यादव को सौंपी जाट धर्मशाला के संचालन की कमान
फोटो 32,33
- नई कार्यकारिणी ने डीसी के समक्ष मान्यता देने की उठाई मांग, प्रशासक के तौर पर एसडीएम आज संभाल सकते हैं धर्मशाला का कार्यभार
- कर्मवीर घराड़सी गुट की भूख हड़ताल जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। चौधर की जंग के बीच जाट धर्मशाला की कमान प्रशासन ने एसडीएम अनिल कुमार को सौंप दी है। डीसी ने वीरवार को आदेश जारी कर दिए हैं, पर देर शाम तक एसडीएम ने धर्मशाला का कार्यभार नहीं संभाला है। उम्मीद है वे शुक्रवार को कार्यभार संभाल सकते हैं। अब उनकी ही देखरेख में तीन माह में सभा के संविधान अनुसार चुनाव करवाए जाएंगे।
दूसरी ओर, वीरवार को भी कर्मवीर घराड़सी के नेतृत्व में गठित नई कार्यकारिणी डीसी से मिली और उन्हें मान्यता दिए जाने की मांग उठाई। साथ ही धर्मशाला में प्रशासक लगाए जाने की जरूरत से इनकार कर दिया। साथ ही धर्मशाला में भूख हड़ताल भी जारी रखी। बता दें कि 20 जुलाई को जाट धर्मशाला व सभा की चौधर का विवाद उपजा, जब कर्मवीर घराड़सी गुट ने बैठक कर नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। इसमें कर्मवीर को प्रधान चुन लिया गया। 23 जुलाई को मामला रजिस्ट्रार जनरल ऑफ सोसायटी एवं इंडस्ट्री व कॉमर्स के निदेशक के पास पहुंचा तो उन्होंने अंग्रेज सिंह और कर्मवीर घराड़सी दोनों की गुटों को अमान्य करार देते हुए धर्मशाला-सभा पर प्रशासक लगाए जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद दो दिनों तक प्रशासक लगाने को लेकर जाट समाज के लोगों के बीच अटकलें चलती रही तो वहीं पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह ने मांग की थी कि उक्त आदेशानुसार धर्मशाला पर जल्द प्रशासक की नियुक्ति की जाए। उन्होंने अपने पक्ष के साथ बैठक कर इस संबंध में वीरवार को उपायुक्त से भी मिलने की योजना तैयार की थी। बता दें कि इससे पहले भी जाट सभा के विवाद के चलते एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक नियुक्त किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते उन्होंने यह कार्यभार नहीं संभाला था।
ये रहे भूख हड़ताल पर
नई कार्यकारिणी को मान्यता दिए जाने व सभा के चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर वीरवार को जाट धर्मशाला में कृष्ण सोनीपत, दलीप बालू, जगपाल धनौरी, ईश्वर जींद, रत्ना पाई, रामदिया सौंगल, मियां सिंह सौंगरी, रोशन नारा पानीपत, देश राज रोहतक, राजेंद्र सिवाह, मेली राम करोड़ा, टेका राम कैथल सहित अन्य लोग भी भूख हड़ताल व धरने पर बैठे। समाज के लोगों की यह भूख हड़ताल 20 जुलाई से की जा रही है।
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प्रशासक के लिए किए गए आदेश: उपायुक्त
जिला उपायुक्त डॉ एसएस फुलिया ने बताया कि धर्मशाला व सभा के कार्य के संचालन को लेकर एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक लगा दिया है, इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। किन्हीं व्यस्ताओं के चलते ही वे वीरवार को यह कार्य नहीं संभाल पाए होंगे। जल्द ही वे यह कामकाज देखेंगे और अगले तीन माह के समय के दौरान सभा के संविधान अनुसार चुनाव कराए जाएंगे। इस संबंध में नई कार्यकारिणी को भी अवगत करा दिया गया है।
प्रशासक की जरूरत नहीं, नई कार्यकारिणी को दें मान्यता : कर्मवीर
नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि धर्मशाला पर प्रशासक लगाए जाने की जरूरत नहीं है। समाज की आम सभा की बैठक में उनके नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है, इसे प्रशासन को मान्यता देनी चाहिए। इसी मांग को लेकर समाज के लोग भूख हड़ताल कर रहे है और आगामी पांच अगस्त को महा पंचायत का आयोजन किया जा रहा है।
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एसडीएम अनिल यादव को सौंपी जाट धर्मशाला के संचालन की कमान
फोटो 32,33
- नई कार्यकारिणी ने डीसी के समक्ष मान्यता देने की उठाई मांग, प्रशासक के तौर पर एसडीएम आज संभाल सकते हैं धर्मशाला का कार्यभार
- कर्मवीर घराड़सी गुट की भूख हड़ताल जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। चौधर की जंग के बीच जाट धर्मशाला की कमान प्रशासन ने एसडीएम अनिल कुमार को सौंप दी है। डीसी ने वीरवार को आदेश जारी कर दिए हैं, पर देर शाम तक एसडीएम ने धर्मशाला का कार्यभार नहीं संभाला है। उम्मीद है वे शुक्रवार को कार्यभार संभाल सकते हैं। अब उनकी ही देखरेख में तीन माह में सभा के संविधान अनुसार चुनाव करवाए जाएंगे।
दूसरी ओर, वीरवार को भी कर्मवीर घराड़सी के नेतृत्व में गठित नई कार्यकारिणी डीसी से मिली और उन्हें मान्यता दिए जाने की मांग उठाई। साथ ही धर्मशाला में प्रशासक लगाए जाने की जरूरत से इनकार कर दिया। साथ ही धर्मशाला में भूख हड़ताल भी जारी रखी। बता दें कि 20 जुलाई को जाट धर्मशाला व सभा की चौधर का विवाद उपजा, जब कर्मवीर घराड़सी गुट ने बैठक कर नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। इसमें कर्मवीर को प्रधान चुन लिया गया। 23 जुलाई को मामला रजिस्ट्रार जनरल ऑफ सोसायटी एवं इंडस्ट्री व कॉमर्स के निदेशक के पास पहुंचा तो उन्होंने अंग्रेज सिंह और कर्मवीर घराड़सी दोनों की गुटों को अमान्य करार देते हुए धर्मशाला-सभा पर प्रशासक लगाए जाने के आदेश दिए थे। इसके बाद दो दिनों तक प्रशासक लगाने को लेकर जाट समाज के लोगों के बीच अटकलें चलती रही तो वहीं पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह ने मांग की थी कि उक्त आदेशानुसार धर्मशाला पर जल्द प्रशासक की नियुक्ति की जाए। उन्होंने अपने पक्ष के साथ बैठक कर इस संबंध में वीरवार को उपायुक्त से भी मिलने की योजना तैयार की थी। बता दें कि इससे पहले भी जाट सभा के विवाद के चलते एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक नियुक्त किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते उन्होंने यह कार्यभार नहीं संभाला था।
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ये रहे भूख हड़ताल पर
नई कार्यकारिणी को मान्यता दिए जाने व सभा के चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर वीरवार को जाट धर्मशाला में कृष्ण सोनीपत, दलीप बालू, जगपाल धनौरी, ईश्वर जींद, रत्ना पाई, रामदिया सौंगल, मियां सिंह सौंगरी, रोशन नारा पानीपत, देश राज रोहतक, राजेंद्र सिवाह, मेली राम करोड़ा, टेका राम कैथल सहित अन्य लोग भी भूख हड़ताल व धरने पर बैठे। समाज के लोगों की यह भूख हड़ताल 20 जुलाई से की जा रही है।
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प्रशासक के लिए किए गए आदेश: उपायुक्त
जिला उपायुक्त डॉ एसएस फुलिया ने बताया कि धर्मशाला व सभा के कार्य के संचालन को लेकर एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक लगा दिया है, इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। किन्हीं व्यस्ताओं के चलते ही वे वीरवार को यह कार्य नहीं संभाल पाए होंगे। जल्द ही वे यह कामकाज देखेंगे और अगले तीन माह के समय के दौरान सभा के संविधान अनुसार चुनाव कराए जाएंगे। इस संबंध में नई कार्यकारिणी को भी अवगत करा दिया गया है।
प्रशासक की जरूरत नहीं, नई कार्यकारिणी को दें मान्यता : कर्मवीर
नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि धर्मशाला पर प्रशासक लगाए जाने की जरूरत नहीं है। समाज की आम सभा की बैठक में उनके नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है, इसे प्रशासन को मान्यता देनी चाहिए। इसी मांग को लेकर समाज के लोग भूख हड़ताल कर रहे है और आगामी पांच अगस्त को महा पंचायत का आयोजन किया जा रहा है।