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पैसे मांगने पर चौकी में थोबी की पिटाई करने वाला हवलदार दोषी करार,डेढ साल की सजा
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
वर्दी प्रेस करने के पैसे मांगने पर पुलिस चौकी में धोबी को पीटने और दांत तोड़ने के मामले में एक एएसआई को अदालत ने दोषी करार देते हुए डेढ़ साल कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह जानकारी पीड़ित पक्ष की अधिवक्ता कुमारी सुदेश एडवोकेट ने दी। उन्होंने बताया कि पुलिस के अमानवीय व्यवहार के खिलाफ पिहोवा खेड़े वाली गली निवासी कृष्ण कुमार पुत्र देसराज ने वर्ष 2010 में इस मामले की शिकायत संबंधित पुलिस चौकी में की थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर कृष्ण कुमार ने तत्कालीन कुरुक्षेत्र के एसपी से आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस के रवैये से असंतुष्ट कृष्ण कुमार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद बुधवार को इस मामले में आरोपी पुलिस वाले को दोषी करार दिया गया है।
बताया गया है कि शिकायतकर्ता कृष्ण अपनी मां रोशनी देवी के साथ पिहोवा की गुरुनानक कालोनी निकट बस अड्डा में कपड़े धुलाई और प्रेस करने का काम करता है। उसके पास पुलिस की वर्दियां धुलाई और प्रेस करने के लिए आती थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक 19 नवंबर 2010 को वह सरस्वती पुलिस चौकी में तैनात हवलदार नागेंद्र सिंह से अपनी मजदूरी के 150 रुपये लेने के लिए गया था। कृष्ण के मुताबिक नागेंद्र ने उससे पांच रुपये के हिसाब से 30 बार वर्दी प्रेस कराई थी। जब वह पैसे मांगने चौकी में गया तो हवलदार नागेंद्र आगबबूला हो गया और उसके मुंह पर मुक्का मारने के अलावा बुरी तरह से पीटा था।
अदालत में दिये तथ्यों के आधार पर 8 अक्तूबर 2011 को 323, 325, 506 आईपीसी के तहत नागेंद्र को सम्मन जारी किया गया था। बताया गया है कि तब तक नागेंद्र पदोन्नत होकर पिहोवा में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हो चुका था। कृष्ण कुमार ने बताया कि सम्मन जारी होने के बाद आरोपी पुलिस वाले ने लगातार शिकायतकर्ता को धमकियां देना जारी रखा और उसे सबक सिखाने के लिए गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी भी दी थी। नतीजन सितंबर 2012 में शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार के खिलाफ पिहोवा थाना में तीन मामले दर्ज किए गए। इनमें 3 सितंबर 2012 को शराब पीकर हुड़दंग करने का मामला दर्ज किया गया, 11 सितंबर 2012 को कार चोरी का मामला दर्ज कराया और 26 सितंबर 2012 को एनडीपीएस का मामला दर्ज किया कर दिया, 5 सिंतबर 2013 पिहोवा के एक मंदिर में चोरी का मामला दर्ज किया गया, 31 अक्तूबर 2013 पिहोवा थाना में गैस सिलेंडर चोरी किया गया और ताजा मामला 24 फरवरी 2017 को कोर्ट कैंपस में साइकिल चोरी का मामला दर्ज किया गया। यह सभी मामले पिहोवा थाना में दर्ज किए थे।
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फरवरी 2017 में साइकिल चोरी के ताजा मामले को छोड़ कर पिछले सभी मामलों में अदालत कृष्ण कुमार को बरी कर चुकी है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उसे अदालत ने न्याय दिया है। पीड़ित पक्ष कृष्ण कुमार की वकील कुमारी सुदेश ने बताया कि न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत में विचाराधीन उक्त मामले में एएसआई नागेंद्र को दोषी करार दिया गया है। अदालत ने एएसआई नागेंद्र को आईपीसी की धारा 325 में डेढ़ साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 में छह माह की कैद, एक हजार रुपये जुर्माना, जबकि धारा 506 में बरी किया गया है।
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कुरुक्षेत्र।
वर्दी प्रेस करने के पैसे मांगने पर पुलिस चौकी में धोबी को पीटने और दांत तोड़ने के मामले में एक एएसआई को अदालत ने दोषी करार देते हुए डेढ़ साल कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह जानकारी पीड़ित पक्ष की अधिवक्ता कुमारी सुदेश एडवोकेट ने दी। उन्होंने बताया कि पुलिस के अमानवीय व्यवहार के खिलाफ पिहोवा खेड़े वाली गली निवासी कृष्ण कुमार पुत्र देसराज ने वर्ष 2010 में इस मामले की शिकायत संबंधित पुलिस चौकी में की थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर कृष्ण कुमार ने तत्कालीन कुरुक्षेत्र के एसपी से आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस के रवैये से असंतुष्ट कृष्ण कुमार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद बुधवार को इस मामले में आरोपी पुलिस वाले को दोषी करार दिया गया है।
बताया गया है कि शिकायतकर्ता कृष्ण अपनी मां रोशनी देवी के साथ पिहोवा की गुरुनानक कालोनी निकट बस अड्डा में कपड़े धुलाई और प्रेस करने का काम करता है। उसके पास पुलिस की वर्दियां धुलाई और प्रेस करने के लिए आती थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक 19 नवंबर 2010 को वह सरस्वती पुलिस चौकी में तैनात हवलदार नागेंद्र सिंह से अपनी मजदूरी के 150 रुपये लेने के लिए गया था। कृष्ण के मुताबिक नागेंद्र ने उससे पांच रुपये के हिसाब से 30 बार वर्दी प्रेस कराई थी। जब वह पैसे मांगने चौकी में गया तो हवलदार नागेंद्र आगबबूला हो गया और उसके मुंह पर मुक्का मारने के अलावा बुरी तरह से पीटा था।
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अदालत में दिये तथ्यों के आधार पर 8 अक्तूबर 2011 को 323, 325, 506 आईपीसी के तहत नागेंद्र को सम्मन जारी किया गया था। बताया गया है कि तब तक नागेंद्र पदोन्नत होकर पिहोवा में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात हो चुका था। कृष्ण कुमार ने बताया कि सम्मन जारी होने के बाद आरोपी पुलिस वाले ने लगातार शिकायतकर्ता को धमकियां देना जारी रखा और उसे सबक सिखाने के लिए गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी भी दी थी। नतीजन सितंबर 2012 में शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार के खिलाफ पिहोवा थाना में तीन मामले दर्ज किए गए। इनमें 3 सितंबर 2012 को शराब पीकर हुड़दंग करने का मामला दर्ज किया गया, 11 सितंबर 2012 को कार चोरी का मामला दर्ज कराया और 26 सितंबर 2012 को एनडीपीएस का मामला दर्ज किया कर दिया, 5 सिंतबर 2013 पिहोवा के एक मंदिर में चोरी का मामला दर्ज किया गया, 31 अक्तूबर 2013 पिहोवा थाना में गैस सिलेंडर चोरी किया गया और ताजा मामला 24 फरवरी 2017 को कोर्ट कैंपस में साइकिल चोरी का मामला दर्ज किया गया। यह सभी मामले पिहोवा थाना में दर्ज किए थे।
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फरवरी 2017 में साइकिल चोरी के ताजा मामले को छोड़ कर पिछले सभी मामलों में अदालत कृष्ण कुमार को बरी कर चुकी है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उसे अदालत ने न्याय दिया है। पीड़ित पक्ष कृष्ण कुमार की वकील कुमारी सुदेश ने बताया कि न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत में विचाराधीन उक्त मामले में एएसआई नागेंद्र को दोषी करार दिया गया है। अदालत ने एएसआई नागेंद्र को आईपीसी की धारा 325 में डेढ़ साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 323 में छह माह की कैद, एक हजार रुपये जुर्माना, जबकि धारा 506 में बरी किया गया है।