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हरियाणा पुलिस का सब इंस्पेक्टर नरेंद्र फुटबाल की दुनिया का बिट्टू पिहोवा की गलियों में बीता बचपन 21-37-52
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:26 AM IST
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सुनील धीमान
पिहोवा करनाल के नारी निकेतन से रोहतक गवाही देने आई लड़की को बचाते हुए शहीद सब इंस्पेक्टर नरेंद्र खेल कोटे से हरियाणा पुलिस में बतौर हवलदार भर्ती हुए थे। नरेंद्र फुटबाल खेल के अच्छे खिलाड़ी थे। इसी खेल के दम पर उन्हें हरियाणा पुलिस में भर्ती होने का अवसर मिला था। नरेंद्र के ममेरे भाई रमेश सांगर हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त ने बताया कि नरेंद्र का बचपन पिहोवा की गलियों में ही बीता। यहीं से उसने फुटबाल खेलने की प्रैक्टिस शुरू की थी। करीब 22 साल पहले करनाल के कर्ण स्टेडियम में फुटबाल खेलते हुए करनाल के तत्कालीन एसपी की नजर उन पर पड़ी। उनके खेल से प्रभावित होकर उन्होंने खेल कोटे से नरेन्द्र को हरियाणा पुलिस में बतौर हवलदार भर्ती किया। हरियाणा पुलिस में भर्ती होने के बाद वे करनाल रहने लगे थे।
फुटबाल में बिट्टू नाम से मशहूर
नरेन्द्र के ममेरे भाई श्याम सुंदर ने बताया कि नरेंद्र का बचपन पिहोवा में ही बीता। शुरु से ही उनकी रुचि फुटबाल खेल में थी। हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर को फुटबाल की दुनिया में लोग बिट्टू नाम से जानते थे। हरियाणा पुलिस की फुटबाल टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई इनाम जीते थे। बड़े भाई रमेश सांगर से प्रभावित होकर नरेंद्र ने फुटबाल खेलने की शुरुआत की थी। इसी खेल के दम पर वे हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।
एक साल पहले बने थे सब इंस्पेक्टर
रमेश सांगर ने बताया कि हरियाणा पुलिस में खेल कोटे से बतौर हवलदार भर्ती हुए नरेंद्र खूब मेहनत की। करीब 1 साल पहले नरेंद्र को सब इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया था। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले ही उन्होंने परिवार के साथ पिहोवा आने की बात कही थी।
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पिहोवा करनाल के नारी निकेतन से रोहतक गवाही देने आई लड़की को बचाते हुए शहीद सब इंस्पेक्टर नरेंद्र खेल कोटे से हरियाणा पुलिस में बतौर हवलदार भर्ती हुए थे। नरेंद्र फुटबाल खेल के अच्छे खिलाड़ी थे। इसी खेल के दम पर उन्हें हरियाणा पुलिस में भर्ती होने का अवसर मिला था। नरेंद्र के ममेरे भाई रमेश सांगर हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त ने बताया कि नरेंद्र का बचपन पिहोवा की गलियों में ही बीता। यहीं से उसने फुटबाल खेलने की प्रैक्टिस शुरू की थी। करीब 22 साल पहले करनाल के कर्ण स्टेडियम में फुटबाल खेलते हुए करनाल के तत्कालीन एसपी की नजर उन पर पड़ी। उनके खेल से प्रभावित होकर उन्होंने खेल कोटे से नरेन्द्र को हरियाणा पुलिस में बतौर हवलदार भर्ती किया। हरियाणा पुलिस में भर्ती होने के बाद वे करनाल रहने लगे थे।
फुटबाल में बिट्टू नाम से मशहूर
नरेन्द्र के ममेरे भाई श्याम सुंदर ने बताया कि नरेंद्र का बचपन पिहोवा में ही बीता। शुरु से ही उनकी रुचि फुटबाल खेल में थी। हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर को फुटबाल की दुनिया में लोग बिट्टू नाम से जानते थे। हरियाणा पुलिस की फुटबाल टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई इनाम जीते थे। बड़े भाई रमेश सांगर से प्रभावित होकर नरेंद्र ने फुटबाल खेलने की शुरुआत की थी। इसी खेल के दम पर वे हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।
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एक साल पहले बने थे सब इंस्पेक्टर
रमेश सांगर ने बताया कि हरियाणा पुलिस में खेल कोटे से बतौर हवलदार भर्ती हुए नरेंद्र खूब मेहनत की। करीब 1 साल पहले नरेंद्र को सब इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया था। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले ही उन्होंने परिवार के साथ पिहोवा आने की बात कही थी।
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