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कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में विज्ञान मेला शुरू
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:35 AM IST
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कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में विज्ञान मेला शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में वीरवार को राज्य स्तरीय मेला शुरू हुआ। इसका शुभारंभ नगर परिषद चेयरमैन उमा सुधा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से उनके मॉडल्स, प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सुधा ने बताया कि यह विज्ञान मेला नवीन वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का अच्छा अवसर है। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि प्रयोगात्मक विधि के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से केंद्र ने इस राज्य एवं जिला स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन किया है। इसमें प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी और अध्यापक भाग ले रहे है। नेहरू ने बताया कि विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने और उनके अंदर वैज्ञानिक शोध एवं नवीनीकरण की भावना को जागृत करने के लिए विज्ञान मेलों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, संपोषणीय विकास, पर्यावरण, जैव प्रौद्योगिकी आदि विषयों से संबंधित 50 से अधिक मॉडल्स और प्रोजेक्टस प्रस्तुत किए गए। कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, कैथल आदि के 140 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। केंद्र के शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार दास ने बताया कि इस विज्ञान मेले के विजेता उत्तरी भारत विज्ञान मेले में भाग लेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में वीरवार को राज्य स्तरीय मेला शुरू हुआ। इसका शुभारंभ नगर परिषद चेयरमैन उमा सुधा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से उनके मॉडल्स, प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सुधा ने बताया कि यह विज्ञान मेला नवीन वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का अच्छा अवसर है। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि प्रयोगात्मक विधि के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से केंद्र ने इस राज्य एवं जिला स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन किया है। इसमें प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी और अध्यापक भाग ले रहे है। नेहरू ने बताया कि विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने और उनके अंदर वैज्ञानिक शोध एवं नवीनीकरण की भावना को जागृत करने के लिए विज्ञान मेलों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, संपोषणीय विकास, पर्यावरण, जैव प्रौद्योगिकी आदि विषयों से संबंधित 50 से अधिक मॉडल्स और प्रोजेक्टस प्रस्तुत किए गए। कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, कैथल आदि के 140 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। केंद्र के शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार दास ने बताया कि इस विज्ञान मेले के विजेता उत्तरी भारत विज्ञान मेले में भाग लेंगे।
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