{"_id":"5bc23c25bdec2269c33c4431","slug":"151539456037-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीमवाला डेरा में नहीं थम रहा डायरिया, एक ओर आया चपेट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीमवाला डेरा में नहीं थम रहा डायरिया, एक ओर आया चपेट में
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। धुराला ग्राम पंचायत के अधीन आने वाले नीमवाला डेरा में डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण शनिवार को एक और व्यक्ति इसकी चपेट में आ गया। वहीं मामला बढ़ जाने पर डीसी से लेकर जनस्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पहुंचे और घर-घर दस्तक दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीसी के समक्ष ही पानी के 18 सैंपल भी लिए। हालांकि इन सैंपल की रिपोर्ट सही मिली, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिर से जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बरती गई खामी उजागर की और लगातार क्लोरीनेशन किए जाने की जरूरत बताई, जिस पर डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने तत्काल ही जन स्वास्थ्य विभाग के मौके पर मौजूद एक्सईएन अशोक खंडूजा को निर्देश दिए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता व एपिडोलोजिस्ट डॉ. बिदु के नेतृत्व में टीम ने घर- घर पहुंकर मरीजों का हालचाल जाना तो वहीं सभी घरों में ओरआरएस व अन्य दवाइयां भी वितरित की। बता दें कि गांव में डायरिया से दर्जनों लोग चपेट में आए हुए है, जिससे ग्रामीणों में दहशत जैसा माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को भी दोनों विभागों की टीमें गांव में पहुंची थी। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से 11 मरीजों की ही पुष्टि की जा रही है जबकि ग्रामीणों की मानें तो दर्जनों लोग इसकी चपेट में आए हुए है। विभाग की ओर से शुक्रवार को भी पानी के 12 सैंपल लिए थे, जिनमें से सुबह लिए गए सैंपल सही नहीं पाए गए तो दोपहर बाद लिए सैंपल सही पाए गए। वहीं शनिवार को लिए गए 18 सैंपल भी सही पाए गए जबकि करनाल भेजे गए बीटी के छह सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण बोले, पीने के पानी में नहीं डाली जाती दवा
ग्रामीणों ने डीसी के समक्ष खुलासा किया कि पीने के पानी की आपूर्ति जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है, लेकिन इसमें क्लोरीनेशन नहीं की जाती। लोग बीमार होने लगे तो ही विभाग के अधिकारियों ने पानी में दवा मिलनी शुरू की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी पानी में क्लोरीनेशन न किए जाने से ही लोगों के बीमार होने का दावा किया है।
डीसी ने पानी कनेक्शन से लेकर जोहड़ का भी लिया जायजा
डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने गांव में पानी कनेक्शन से लेकर बदहाल हो चुके जोहड़ का भी जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि जोहड़ से भी लगातार बीमारी फैल रही है तो कई बार घटनाएं भी हो चुकी है। डीसी ने तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि डायरिया पर जल्द काबू करने के लिए उचित कदम उठाए जाए। इस संबंध में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। धुराला ग्राम पंचायत के अधीन आने वाले नीमवाला डेरा में डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण शनिवार को एक और व्यक्ति इसकी चपेट में आ गया। वहीं मामला बढ़ जाने पर डीसी से लेकर जनस्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पहुंचे और घर-घर दस्तक दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीसी के समक्ष ही पानी के 18 सैंपल भी लिए। हालांकि इन सैंपल की रिपोर्ट सही मिली, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिर से जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बरती गई खामी उजागर की और लगातार क्लोरीनेशन किए जाने की जरूरत बताई, जिस पर डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने तत्काल ही जन स्वास्थ्य विभाग के मौके पर मौजूद एक्सईएन अशोक खंडूजा को निर्देश दिए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता व एपिडोलोजिस्ट डॉ. बिदु के नेतृत्व में टीम ने घर- घर पहुंकर मरीजों का हालचाल जाना तो वहीं सभी घरों में ओरआरएस व अन्य दवाइयां भी वितरित की। बता दें कि गांव में डायरिया से दर्जनों लोग चपेट में आए हुए है, जिससे ग्रामीणों में दहशत जैसा माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को भी दोनों विभागों की टीमें गांव में पहुंची थी। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से 11 मरीजों की ही पुष्टि की जा रही है जबकि ग्रामीणों की मानें तो दर्जनों लोग इसकी चपेट में आए हुए है। विभाग की ओर से शुक्रवार को भी पानी के 12 सैंपल लिए थे, जिनमें से सुबह लिए गए सैंपल सही नहीं पाए गए तो दोपहर बाद लिए सैंपल सही पाए गए। वहीं शनिवार को लिए गए 18 सैंपल भी सही पाए गए जबकि करनाल भेजे गए बीटी के छह सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण बोले, पीने के पानी में नहीं डाली जाती दवा
ग्रामीणों ने डीसी के समक्ष खुलासा किया कि पीने के पानी की आपूर्ति जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है, लेकिन इसमें क्लोरीनेशन नहीं की जाती। लोग बीमार होने लगे तो ही विभाग के अधिकारियों ने पानी में दवा मिलनी शुरू की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी पानी में क्लोरीनेशन न किए जाने से ही लोगों के बीमार होने का दावा किया है।
विज्ञापन
डीसी ने पानी कनेक्शन से लेकर जोहड़ का भी लिया जायजा
डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने गांव में पानी कनेक्शन से लेकर बदहाल हो चुके जोहड़ का भी जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि जोहड़ से भी लगातार बीमारी फैल रही है तो कई बार घटनाएं भी हो चुकी है। डीसी ने तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि डायरिया पर जल्द काबू करने के लिए उचित कदम उठाए जाए। इस संबंध में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
विज्ञापन