फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   डंपिंग प्वाइंट पर कचरा गिराने को लेकर नगर परिषद और मथाना वासियों में ठनी

डंपिंग प्वाइंट पर कचरा गिराने को लेकर नगर परिषद और मथाना वासियों में ठनी

Thu, 23 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
डंपिंग प्वाइंट पर कचरा गिराने को लेकर नगर परिषद और मथाना वासियों में ठनी
फोटो नंबर - 19, 20, 27, 28, 29
विज्ञापन

डंपिंग प्वाइंट पर कचरा गिराने को लेकर नगर परिषद और मथाना वासियों में ठनी
- पिपली सदर थाना में एसएचओ के साथ चार घंटे तक चली नप ईओ, भाकियू पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों की बैठक
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आने पर एसएचओ ने दी फोर्स, ग्रामीणों के विरोध के बावजूद कचरा गिराने पहुंचीं नप की गाड़ियां
- ग्रामीणों ने विरोध में दी फिर धरना शुरू करने की चेतावनी, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश और महासचिव प्रवीण मथाना ने कहा- हाईकोर्ट में देख लेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गांव मथाना में डंपिंग प्वाइंट पर शहर का कचरा गिराने के मामले में नगर परिषद और मथाना वासियों में ठन गई है। बुधवार को ग्रामीणों के विरोध के बीच पुलिस सुरक्षा में नगर परिषद ने कूड़े से भरी 81 गाड़ियां प्वाइंट पर डंप कराईं।
सुबह 10 बजे नप अधिकारियों और भाकियू पदाधिकारियों को एसएचओ ने थाने में बुलाया। यहां चली दोनों पक्षों की बैठक में नप ईओ ने एसएचओ को बताया कि ग्राम पंचायत मथाना और नप के बीच पांच साल का एग्रीमेंट हुआ है। उन्होंने एसएचओ से फोर्स मुहैया करा कर डंपिंग गाड़ियों को मथाना ले जाने को कहा। लेकिन एसएचओ निर्मल कुमार ने ईओ बीएन भारती सहित अन्य अधिकारियों को इनकार करते हुए नप की गाड़ियों को थाने के सामने ही रोक लिया। एसएचओ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बगैर फोर्स मुहैया कराने में असहमति जताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार थानेसर थाना पहुंचे और एसएचओ ने फोर्स के साथ दोपहर 2 बजे के आसपास कचरे से भरी 81 गाड़ियों को मथाना की ओर रवाना किया।
विज्ञापन

इससे पहले सुबह पिपली थाना में बैठक के दौरान दोनों पक्षों में जबरदस्त हंगामा हुआ और भाकियू पदाधिकारियों ने नगर परिषद समेत ग्राम पंचायत मथाना की कार्यप्रणाली को भी गलत करार दिया। भाकियू महासचिव प्रवीण मथाना ने कहा कि पंचायत और नप के बीच एग्रीमेंट नियमों के अनुसार नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत द्वारा पास किया प्रस्ताव केवल खानापूर्ति तक सीमित है। प्रवीण ने कहा कि नप के साथ-साथ पंचायत ने भी पर्यावरण मंत्रालय के नियमों को दरकिनार करते हुए लाडवा-पिपली हाईवे रोड पर गंदगी फैलाई है। गुणी प्रकाश और प्रवीण मथाना ने चेतावनी देते हुए कहा कि नगर परिषद और ग्राम पंचायत मथाना को अब हाईकोर्ट में देखेंगे। बताया कि दोनों के खिलाफ लीगल नोटिस की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। वहीं उन्होंने एडीसी द्वारा 20 अगस्त को दिए गए आश्वासन को भी झूठा करार देते हुए उनके खिलाफ भी मोर्चा खोलने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो दिन से अटका 150 टन कचरा तो फूली नप अधिकारियों की सासें
विरोध के चलते गांव मथाना में डंपिंग न होने से शहर का कचरा गाड़ियों में ही अटका रहा। इस दौरान ब्रह्मसरोवर के निकट खड़े डंपिंग वाहन कचरे से पूरी तरह भर जाने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। डंपिंग न हो पाने के चलते लोगों ने कूड़ा-कर्कट को शहर में अलग-अलग स्थानों पर फेंकना जारी रखा, इससे यहां-वहां गंदगी के ढेर लग गए। थीम पार्क के निकट, अमीन रोड, थानेसर रेलवे स्टेशन के सामने, अंबेडकर चौक के निकट और पुराना बस अड्डे के आसपास कई जगहों पर गंदगी पसरी रही। विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 70 टन कचरा दो दिन के भीतर 150 टन से करीब पहुंच गया। शहरवासियों की नाराजगी और ऐसे हालात देख नप अधिकारियों की सांसें पिछले दो दिन से फूली रहीं। पुलिस की देखरेख में मथाना में फिर से डंपिंग सुविधा बहाल होने से अधिकारियों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है।

कचरे के विरोध में फिर शुरू होगा धरना-प्रदर्शन : प्रवीण मथाना
कचरे को मानव जीवन और पर्यावरण के लिए खतरा बताते हुए भाकियू महासचिव एवं मथाना वासी प्रवीण ने कहा कि यह थानेसर को चमकाने और गांव मथाना को बदहाल करने की साजिश है। इसमें पंचायत भी पूर्ण सहयोग करते हुए गांव का अमन-चैन खराब करने पर तुली है। उन्होंने पंचायत द्वारा डंपिंग प्वाइंट पर अवैध तरीके से रास्ता बनाने, वन विभाग के करीब 60 हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने और गंदगी के कारण सूख जाने और डंपिंग किए जा रहे गड्ढे से अवैध रूप से मिट्टी बेचने के संबंध में पिपली एसएचओ को शिकायत दी है, जिसमें नप थानेसर और मथाना पंचायत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। वहीं एडीसी द्वारा कचरा न गिराए जाने को लेकर दिए आश्वासन के बाद 20 अगस्त को स्थगित किया 10 दिवसीय धरना भी फिर से जोरदार तरीके से शुरू किया जाएगा। वे गांव मथाना में शहर की गंदगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

स्कूल, अस्पताल, राज्यमार्ग, आबादी क्षेत्र, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप के निकट नहीं गिरा सकते कचरा
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश एवं महासचिव प्रवीण ने दावा किया कि वे कचरे के संबंध में पर्यावरण मंत्रालय के नियमों को जांच चुके हैं। इसके अनुसार शहर का कचरा स्कूल, अस्पताल, राज्यमार्ग, आबादी क्षेत्र, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप इत्यादि के निकट नहीं गिराया जा सकता। वहीं नप अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत ने नियमों का उल्लंघन करते हुए गंदगी और बदबू को सरेआम बढ़ावा दिया है। इससे मथाना के आसपास लगते 20 गांव के लोगों, पशुओं, वायु, पानी और पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विभिन्न तरह की बीमारियां फैला रहे मच्छर-मक्खियों के अलावा सड़क के निकट आवारा पशुओं और कुत्तों की भरमार है, जिनके कारण रोड पर हादसे भी हो रहे हैं।

पंचायत के साथ पांच साल का एग्रीमेंट है : नप ईओ
नप के ईओ बीएन भारती ने कहा कि ग्राम पंचायत मथाना के साथ नगर परिषद का पांच साल का एग्रीमेंट है। इसी के आधार पर डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डलवाया जा रहा है। जिला प्रशासन के निर्देश पर ही पूरी प्रक्रिया अमल में लाई जा रहा है।


डीसी के लेटर के तहत गिराया जा रहा कचरा: तेजपाल
ग्राम पंचायत मथाना की सरपंच किरण बाला के पति एवं पूर्व सरपंच तेजपाल ने कहा कि डीसी के लेटर के हिसाब से ही यहां डंपिंग कार्य चल रहा है। इसके अलावा पेड़ों को काटने के बारे में नगर परिषद और फोरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को पता होगा। ग्राम पंचायत की तरफ से अपना कार्य उचित तरीके से किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed