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राज्यपाल ने गीता जयंती में हुए घोटालों की जांच का दिया आश्वासन : गर्ग
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:24 AM IST
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राज्यपाल ने गीता जयंती में हुए घोटालों की जांच का दिया आश्वासन : गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अनियमितताओं के चलते कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और पूर्व केडीबी सदस्य पवन गर्ग के नेतृत्व में शिष्टमंडल राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मिला। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि वे गीता जयंती में हुई अनियमितताओं पर जल्द जांच कराएंगे। धर्मप्रेमियों के शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे महासचिव पवन गर्ग ने कहा कि राज्यपाल के अनुसार केडीबी के अधिकारियों या सदस्यों को गीता जयंती का टेंडर प्राप्त होना गलत है। गर्ग ने बताया कि गीता जयंती के नाम पर मौजूदा सरकार ने पैसों की बंदरबाट की है।
महासचिव पवन गर्ग ने बताया कि ब्रह्मसरोवर के किनारे पहले से ही गीता शोध केंद्र है। केडीबी और सरकार ने स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थान को ब्रह्मसरोवर के आसपास की किसानों की भूमि को कौड़ियों के भाव में दे दिया है। इस भूमि में स्वामी ज्ञानानंद का संस्थान गीता केंद्र बन रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब ब्रह्मसरोवर पर पहले से ही गीता शोध केंद्र और पुलिस थाना चल रहा है। इसके बाद नए गीता शोध केंद्र के भवन की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया कि वे तत्काल स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थान को दी गई भूमि का आवंटन रद करें और उस भूमि पर जारी निर्माण कार्य को बंद कराएं। पवन गर्ग ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 तक आयोजित गीता जयंती में कुल 2.5 करोड़ रुपये का खर्चा किया गया। केवल वर्ष 2017 में मौजूदा सरकार ने 30 करोड़ से भी ज्यादा खर्च कर दिया। इतना ही नहीं करोड़ों के अन्य बिल पेंडिंग पड़े हैं। भाजपा सरकार के सांसदों को करोड़ों के बने पंडाल में प्रोग्राम प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया। साथ ही उन्हें करोड़ों रुपये दिए गए। गर्ग ने कहा कि केडीबी सदस्यों के ही रिश्तेदारों को पूरे गीता जयंती में खाने का टेंडर देना, लाइट एंड साउंड शो में 2.8 करोड़ रुपये की लागत से डेमो दिखाया गया। इस कीमत में यह शो पूरा बन जाता। सरोवर के चारों तरफ पेंट का टेंडर लगातार दो वर्षों से एक ही कंपनी को देना, खाने का टेंडर लगातार तीन वर्षों से एक ही कंपनी को देना, किसानों की करोड़ों की भूमि का कौड़ियों के भाव में स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थानम को देना समझ से परे है। गर्ग ने बताया कि इस गीता जयंती में विदेश से स्वामी ज्ञानानंद के रिश्तेदार को बुलाया गया है। इस पर और अन्य मुद्दों पर अभी तक केडीबी अधिकारियों ने कोई भी जानकारी नहीं दी है और न ही कोई पत्र जारी किया है। केडीबी को जगाने के लिए गीता प्रेमियों ने सरोवर के पास पुलिस थाने में धरना दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि केडीबी के चेयरमैन और राज्यपाल पूरे प्रकरण की जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। शिष्टमंडल में मेहर सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, राय साहब शर्मा, सुभाष पाली, उजागर सिंह, करनैल सिंह सैनी, सतीश बतान, दर्शन खन्ना, जगमाल सिंह बनवाला, सौरव गुप्ता आदि शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अनियमितताओं के चलते कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और पूर्व केडीबी सदस्य पवन गर्ग के नेतृत्व में शिष्टमंडल राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मिला। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि वे गीता जयंती में हुई अनियमितताओं पर जल्द जांच कराएंगे। धर्मप्रेमियों के शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे महासचिव पवन गर्ग ने कहा कि राज्यपाल के अनुसार केडीबी के अधिकारियों या सदस्यों को गीता जयंती का टेंडर प्राप्त होना गलत है। गर्ग ने बताया कि गीता जयंती के नाम पर मौजूदा सरकार ने पैसों की बंदरबाट की है।
महासचिव पवन गर्ग ने बताया कि ब्रह्मसरोवर के किनारे पहले से ही गीता शोध केंद्र है। केडीबी और सरकार ने स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थान को ब्रह्मसरोवर के आसपास की किसानों की भूमि को कौड़ियों के भाव में दे दिया है। इस भूमि में स्वामी ज्ञानानंद का संस्थान गीता केंद्र बन रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब ब्रह्मसरोवर पर पहले से ही गीता शोध केंद्र और पुलिस थाना चल रहा है। इसके बाद नए गीता शोध केंद्र के भवन की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया कि वे तत्काल स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थान को दी गई भूमि का आवंटन रद करें और उस भूमि पर जारी निर्माण कार्य को बंद कराएं। पवन गर्ग ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 तक आयोजित गीता जयंती में कुल 2.5 करोड़ रुपये का खर्चा किया गया। केवल वर्ष 2017 में मौजूदा सरकार ने 30 करोड़ से भी ज्यादा खर्च कर दिया। इतना ही नहीं करोड़ों के अन्य बिल पेंडिंग पड़े हैं। भाजपा सरकार के सांसदों को करोड़ों के बने पंडाल में प्रोग्राम प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया। साथ ही उन्हें करोड़ों रुपये दिए गए। गर्ग ने कहा कि केडीबी सदस्यों के ही रिश्तेदारों को पूरे गीता जयंती में खाने का टेंडर देना, लाइट एंड साउंड शो में 2.8 करोड़ रुपये की लागत से डेमो दिखाया गया। इस कीमत में यह शो पूरा बन जाता। सरोवर के चारों तरफ पेंट का टेंडर लगातार दो वर्षों से एक ही कंपनी को देना, खाने का टेंडर लगातार तीन वर्षों से एक ही कंपनी को देना, किसानों की करोड़ों की भूमि का कौड़ियों के भाव में स्वामी ज्ञानानंद के गीता संस्थानम को देना समझ से परे है। गर्ग ने बताया कि इस गीता जयंती में विदेश से स्वामी ज्ञानानंद के रिश्तेदार को बुलाया गया है। इस पर और अन्य मुद्दों पर अभी तक केडीबी अधिकारियों ने कोई भी जानकारी नहीं दी है और न ही कोई पत्र जारी किया है। केडीबी को जगाने के लिए गीता प्रेमियों ने सरोवर के पास पुलिस थाने में धरना दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि केडीबी के चेयरमैन और राज्यपाल पूरे प्रकरण की जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। शिष्टमंडल में मेहर सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, राय साहब शर्मा, सुभाष पाली, उजागर सिंह, करनैल सिंह सैनी, सतीश बतान, दर्शन खन्ना, जगमाल सिंह बनवाला, सौरव गुप्ता आदि शामिल रहे।
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