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परवान न चढ़ा ‘‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’’ का प्रेम

Thu, 10 Aug 2017 12:24 AM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:24 AM IST
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परवान न चढ़ा ‘‘दूसरा आदमी दूसरी औरत’’ का प्रेम
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
हरियाणा स्वर्ण जयंती के अवसर पर हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर की भरतमुनि रंगशाला में बुधवार को दूसरा आदमी दूसरी औरत नाटक का मंचन किया गया। इसमें महिला-पुरुष के संबंधों को दर्शाया गया। तीन दिवसीय नाट्य उत्सव की पहली नाट्य बेला में विभा रानी का लिखा नाटक दूसरा आदमी दूसरी औरत का मंचन किया गया।
गौरतलब है कि यह नाट्य उत्सव गंभीर रोग से लड़ रहे बालीवुड एक्टर एवं प्रख्यात रंगकर्मी सीताराम पांचाल को आर्थिक मदद के लिए आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन रवि मोहन रास के निर्देशन में नाटक दूसरा आदमी दूसरी औरत का मंचन किया गया। रास कला मंच के कलाकारों ने दो पात्रिय नाटक में शादी के बाद जिंदगी के खालीपन को भरने के लिए गैर इंसान का सहारा लेने वाले लोगों को जिंदगी को बयान किया। मुंबई में संभव सिंह व शोमा दास एक ही कार्यालय में काम करते हैं और इत्तेफाकन एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दोनों अपने परिवार से अलग मुंबई में रह रहे हैं। साथ काम करने और घर आने-जाने से दोनों के बीच में नजदीकियां बढ़नी शुरू हो जाती हैं। शोमा दास अपनी जिंदगी में आए खालीपन को संभव के प्यार से भरने की कोशिश करती हैं, लेकिन संभव सिंह शोमा दास के साथ हमबिस्तर तो होता है, लेकिन उसको अपनाने से मना कर देता है। ये बात शोमा दास के दिल पर गहरा आघात करती है। शोमा अंदर ही अंदर घुटना शुरू हो जाती है और अंत में संभव को छोड़कर अपने परिवार के पास वापस लौट जाती है। इस प्रकार महिला व पुरुष के संबंधों को दर्शा गया नाटक दूसरा आदमी दूसरी औरत।
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नाटक में जहां एक ओर कलाकारों के संवाद रोंगटे खड़े कर देने वाले थे, वहीं एक ही मंच पर प्रस्तुत किए जा रहे चार अलग-अलग दृश्यों ने भी सभी को रोमांचित करने में अहम भूमिका निभाई। नाटक में संभव सिंह की भूमिका नाटक निर्देशक रवि मोहन ने निभाई तो शोमा दास के किरदार को प्रो. मधूदीप सिंह ने जीवंत किया। मंच संचालन विकास शर्मा ने किया। नाटक के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के जिला प्रमुख डॉ नवनीत अग्रवाल ने कलाकारों को श्रीफल भेंट किया। वहीं रंगकर्मी व कानून विभाग के प्रो. डॉ संतलाल निर्वाण ने डॉ नवनीत अग्रवाल को श्रीफल भेंट कर आभार जताया। इस मौके पर मैक की ललित कला समन्वयक सीमा काम्बोज, मनोज कुमार, चंद्रशेखर आदि उपस्थित रहे।
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