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पगड़ी भारतीय संस्कृति की पहचान : गुरविंद्र बाबा
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
श्रीगुरु नानक देव के ज्येष्ठ पुत्र बाबा श्रीचंद के उदासीन ब्रह्म अखाड़ा लोक भलाई ट्रस्ट मांडी साहिब में तीन दिवसीय 523वां प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है। इसके पहले दिन सुंदर दस्तार बंदी प्रतियोगिता हुई। इसमें हरियाणा और पंजाब के करीब 200 युवाओं ने हिस्सा लिया। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने कहा कि सिर पर पगड़ी की प्रथा शुरु से चली आ रही है और सिर पर पगड़ी को हमेशा भारतीय संस्कृति में सम्मान की दृष्टि से देखा गया है।
प्रतियोगिता में जूनियर ग्रुप में 8 से 13 साल के अर्षदीप सिंह प्रथम, निरवैर सिंह द्वितीय और अवतार सिंह तीसरे स्थान पर रहे। सीनियर ग्रुप में 14 से 28 साल वाले प्रतिभागियों में गुरलाल सिंह प्रथम, सुखचैन सिंह द्वितीय और निर्मल सिंह तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर ग्रुप के विजेताओं को 5100 रु, 3100 रु, 2100 रु और सीनियर ग्रुप को 11 हजार, 7100 और 5100 रुपये की राशि देकर प्रोत्साहित किया गया। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने सभी प्रतिभागियों स्मृति चिह्न और सिरोपा डालकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों ने भी दस्तार बांध कर अपनी प्रतिभा साबित की। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने कहा कि विशेषकर सिख युवाओं को आह्वान किया कि वह गुरुओं की देन पगड़ी की मर्यादा को हमेशा बनाए रखें। पगड़ी के कारण ही हमारी सभ्यता की देश के अलावा विदेशों में भी अलग से पहचान है। वहीं उन्होंने बताया कि आज कबड्डी टूर्नामेंट में पंजाब और हरियाणा सहित कई प्रदेशों की टीमें भाग लेंगी। कल प्रकटोत्सव के समापन पर संत समागम होगा। इस मौके पर जसपाल सिंह, प्रीतपाल सिंह, खुशवंत सिंह, गुलाब सिंह, जत्थेदार बाबा कुलदीप सिंह, बाबा जतिंद्र सिंह, बाबा लवजोत सिंह, बाबा संदीप सिंह, बाबा गुरलाल सिंह, परमिन्द्र सिंह, हरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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पिहोवा।
श्रीगुरु नानक देव के ज्येष्ठ पुत्र बाबा श्रीचंद के उदासीन ब्रह्म अखाड़ा लोक भलाई ट्रस्ट मांडी साहिब में तीन दिवसीय 523वां प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है। इसके पहले दिन सुंदर दस्तार बंदी प्रतियोगिता हुई। इसमें हरियाणा और पंजाब के करीब 200 युवाओं ने हिस्सा लिया। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने कहा कि सिर पर पगड़ी की प्रथा शुरु से चली आ रही है और सिर पर पगड़ी को हमेशा भारतीय संस्कृति में सम्मान की दृष्टि से देखा गया है।
प्रतियोगिता में जूनियर ग्रुप में 8 से 13 साल के अर्षदीप सिंह प्रथम, निरवैर सिंह द्वितीय और अवतार सिंह तीसरे स्थान पर रहे। सीनियर ग्रुप में 14 से 28 साल वाले प्रतिभागियों में गुरलाल सिंह प्रथम, सुखचैन सिंह द्वितीय और निर्मल सिंह तीसरे स्थान पर रहे। जूनियर ग्रुप के विजेताओं को 5100 रु, 3100 रु, 2100 रु और सीनियर ग्रुप को 11 हजार, 7100 और 5100 रुपये की राशि देकर प्रोत्साहित किया गया। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने सभी प्रतिभागियों स्मृति चिह्न और सिरोपा डालकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में दिव्यांग बच्चों ने भी दस्तार बांध कर अपनी प्रतिभा साबित की। बाबा गुरविन्द्र सिंह ने कहा कि विशेषकर सिख युवाओं को आह्वान किया कि वह गुरुओं की देन पगड़ी की मर्यादा को हमेशा बनाए रखें। पगड़ी के कारण ही हमारी सभ्यता की देश के अलावा विदेशों में भी अलग से पहचान है। वहीं उन्होंने बताया कि आज कबड्डी टूर्नामेंट में पंजाब और हरियाणा सहित कई प्रदेशों की टीमें भाग लेंगी। कल प्रकटोत्सव के समापन पर संत समागम होगा। इस मौके पर जसपाल सिंह, प्रीतपाल सिंह, खुशवंत सिंह, गुलाब सिंह, जत्थेदार बाबा कुलदीप सिंह, बाबा जतिंद्र सिंह, बाबा लवजोत सिंह, बाबा संदीप सिंह, बाबा गुरलाल सिंह, परमिन्द्र सिंह, हरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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