फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   14 out of 50 pharmacist positions are vacant, but staff nurses are handling the medicine counters.

Kurukshetra News: फार्मासिस्ट के 50 में से 14 पद खाली स्टाफ नर्स संभाल रहीं दवा काउंटर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
14 out of 50 pharmacist positions are vacant, but staff nurses are handling the medicine counters.
कुरुक्षेत्र। दवा के लिए लाइनों में लगे लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री के गृह जिले में उपस्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला नागरिक अस्पताल तक फार्मासिस्टों के कई पद खाली पड़े हैं। इस कारण दवा वितरण व्यवस्था चरमरा गई है। सिविल सर्जन कार्यालय में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के 22 स्वीकृत पदों में से 18 खाली हैं।
विज्ञापन

वहीं जिले में फार्मासिस्ट के 50 पदों में से 14 रिक्त पड़े हैं। हालात ये हैं कि जहां दवा वितरण और परामर्श का जिम्मा प्रशिक्षित फार्मासिस्ट का होना चाहिए, वहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और स्टाफ नर्सें दवा काउंटर संभाल रही हैं। सीएचसी और पीएचसी में स्थिति अधिक गंभीर है, जहां सीमित स्टाफ के भरोसे दवा वितरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दवा की सही जानकारी और सेवन की विधि समझाने में चूक मरीजों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन

दवा केंद्र पर नौ में से महज एक फार्मासिस्ट : जिला अस्पताल में नौ फार्मासिस्ट हैं। एक फार्मासिस्ट का हाल ही में लाडवा सीएचसी में तबादला हुआ है। दो फार्मासिस्ट अवकाश पर चल रहे हैं। दो फार्मासिस्टों को जनऔषधि केंद्रों पर भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक फार्मासिस्ट की डेपुटेशन सिविल सर्जन कार्यालय में की गई है। वहीं जून व अक्तूबर में दो फार्मासिस्ट सेवानिवृत्त होंगे।
1500 की ओपीडी, दवा केंद्र पर एक ही फार्मासिस्ट
जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों 1400 से 1500 तक की ओपीडी दर्ज की जा रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए बनाए गए पांच दवा काउंटरों में से केवल दो ही संचालित हो रहे हैं। इनमें से भी एक दवा काउंटर पर ही फार्मासिस्ट बैठता है। दूसरे पर अन्य कर्मी से काम चलाया जा रहा है। एक काउंटर पर 700 से 800 मरीजों का दबाव है। मरीजों को दवा लेने के लिए डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। बुजुर्ग और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति भी चिंताजनक है। किरमिच, धुराला, रामगढ़ रोड, लाडवा, बाबैन, बारना और शाहाबाद के स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों की कमी के कारण दवा वितरण प्रभावित है। कई स्थानों पर आवश्यक दवाओं का भंडारण और रिकॉर्ड व्यवस्थित ढंग से नहीं हो पा रहा।
दवा लेने में लगा एक घंटा : रोहित

शहर वासी रोहित ने बताया कि एक घंटे तक ओपीडी में चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। उसके बाद दवा की लाइन में डेढ़ घंटे बाद दवा मिली। पांच दवा काउंटर में से प्रशासन ने दो ही दवा काउंटर खोल रखे हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रिक्त पड़े पदों को जल्द भरे सरकार : राजीव

एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मेसी ऑफ हरियाणा के जिला प्रधान राजीव ने बताया कि विभाग में लंबे समय से रिक्त पद नहीं भरे गए हैं। इससे दवा खरीद, भंडारण और वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है जिससे सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

उच्च अधिकारियों को करा चुके अवगत : डॉ. साहरा

जिला अस्पताल की पीएमओ डॉ. साहरा अग्रवाल ने कहा कि फार्मासिस्टों की कमी के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है और उपलब्ध स्टाफ के अनुसार व्यवस्था बनाई गई है। यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed