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Kurukshetra News: डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 125 टीमें मैदान में उतरीं
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कुरुक्षेत्र। रक्त के नमूने एकत्रित करती विभाग की टीम।
कुरुक्षेत्र। जिला मलेरिया विभाग डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए एंटी लार्वा मुहिम चला रहा है। इस मुहिम के तहत विभाग की 125 टीमें घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं। अभी तक टीम को 274 घरों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इनको विभाग की ओर से नोटिस दिए गए हैं। इसके साथ-साथ विभाग की टीमें उन लोगों के रक्त के नमूने एकत्रित करके रक्त पट्टिका (स्लाइड) बना रही हैं। वहीं अब बारिश के बाद विभाग की मुश्किलें भी बढ़ गई है, क्योंकि बारिश के जमा पानी में मच्छर का लारवा तेजी से बढ़ेगा।
उधर, विभाग लार्वा मिलने पर संबंधित घरों को नोटिस जारी कर रहा है। गांवों में घर की जांच के लिए 117 टीमें तैनात की गई है, जबकि शहर में सात टीमें जांच में जुटी है। इसके अलावा जिले में रैपिड रिस्पांस टीम बैकअप और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार की गई है। इस अभियान के तहत विभाग की टीमें अभी तक 22,583 घरों की जांच कर चुकी हैं। इसमें 274 जगहों पर डेंगू का लार्वा बरामद हुआ है। इन घरों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
वहीं विभाग की ओर से अब तक 85,885 रक्त पट्टिकाएं बना जा चुकी है। इसमें अकेले जुलाई माह में ही 15,136 पट्टिका शामिल है। इन रक्त पट्टिकाओं को नॉन स्ट्रक्चरल प्रोटीन-1 (एनएस-1 सात दिन से कम बुखार) और एंटीबॉडी टेस्ट (आईजीएम सप्ताह के ज्यादा बुखार) के टेस्ट किए जा रहे हैं। राहत की बात है कि अभी तक जिले में डेंगू और मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। यहां बता दें जिला कुरुक्षेत्र में पिछले तीन साल से मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, मगर डेंगू के मामले विभाग की चिंता बढ़ाने वाले हैं। गत वर्ष डेंगू के 104 मामले उजागर हुए थे। उससे पिछले साल यह आंकड़ा ज्यादा था, मगर दोनों साल में राहत की बात थी कि डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी।
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डेंगू और मलेरिया को लेकर विभाग पूरी तरह से चौकन्ना
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिंदु राय ने बताया कि डेंगू और मलेरिया को लेकर विभाग पूरी तरह से चौकन्ना है। लार्वा को नष्ट करने के लिए दवा का छिड़काव और फॉगिंग की जा रही है। लार्वा मिलने पर संबंधित घर को नोटिस देने के साथ जागरूक भी किया जा रहा है। संदिग्ध लोगों के सैंपल लेने के साथ उनके एनएस-1 और आईजीएम के टेस्ट किए जा रहे हैं।
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उधर, विभाग लार्वा मिलने पर संबंधित घरों को नोटिस जारी कर रहा है। गांवों में घर की जांच के लिए 117 टीमें तैनात की गई है, जबकि शहर में सात टीमें जांच में जुटी है। इसके अलावा जिले में रैपिड रिस्पांस टीम बैकअप और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार की गई है। इस अभियान के तहत विभाग की टीमें अभी तक 22,583 घरों की जांच कर चुकी हैं। इसमें 274 जगहों पर डेंगू का लार्वा बरामद हुआ है। इन घरों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
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वहीं विभाग की ओर से अब तक 85,885 रक्त पट्टिकाएं बना जा चुकी है। इसमें अकेले जुलाई माह में ही 15,136 पट्टिका शामिल है। इन रक्त पट्टिकाओं को नॉन स्ट्रक्चरल प्रोटीन-1 (एनएस-1 सात दिन से कम बुखार) और एंटीबॉडी टेस्ट (आईजीएम सप्ताह के ज्यादा बुखार) के टेस्ट किए जा रहे हैं। राहत की बात है कि अभी तक जिले में डेंगू और मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। यहां बता दें जिला कुरुक्षेत्र में पिछले तीन साल से मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, मगर डेंगू के मामले विभाग की चिंता बढ़ाने वाले हैं। गत वर्ष डेंगू के 104 मामले उजागर हुए थे। उससे पिछले साल यह आंकड़ा ज्यादा था, मगर दोनों साल में राहत की बात थी कि डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी।
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डेंगू और मलेरिया को लेकर विभाग पूरी तरह से चौकन्ना
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिंदु राय ने बताया कि डेंगू और मलेरिया को लेकर विभाग पूरी तरह से चौकन्ना है। लार्वा को नष्ट करने के लिए दवा का छिड़काव और फॉगिंग की जा रही है। लार्वा मिलने पर संबंधित घर को नोटिस देने के साथ जागरूक भी किया जा रहा है। संदिग्ध लोगों के सैंपल लेने के साथ उनके एनएस-1 और आईजीएम के टेस्ट किए जा रहे हैं।

कुरुक्षेत्र। रक्त के नमूने एकत्रित करती विभाग की टीम।