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देवीदास पुरा स्कूल की टपकती मिली छत तो प्रिंसिपल व हेडमास्टर को किया चार्जशीट
Updated Sat, 21 Jul 2018 01:01 AM IST
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- औचक निरीक्षण करने गए डीसी और डीईईओ स्कूल की हालत को देख रह गए दंग, तत्काल कार्रवाई के आदेश
फोटो 25,26
देवीदास पुरा स्कूल की टपकती मिली छत तो प्रिंसिपल व हेडमास्टर को किया चार्जशीट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं दिए जाने का दावा प्रदेश सरकार व प्रशासनिक अधिकारी बार-बार कर रहे हैं, लेकिन स्कूलों के भवनों का भी रखरखाव बेहतर नहीं है। ऐसे ही हालात जिला उपायुक्त व डीईओ कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूरी पर ही स्थित देवीदासपुरा के सरकारी स्कूल के बने हुए है,ं जिनकी पोल वीरवार को उस समय खुल गई जब डीसी डॉ एसएस फुलिया , डीईईओ सतनाम सिह भट्टी औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो स्कूल की छत टपकती हुई मिली। यह देख जिला उपायुक्त दंग रह गए और उन्होंने जांच कराई तो छत की सफाई नहीं पाई गई जबकि घास भी उगी हुई थी। छत पर बरसात का पानी भी भरा हुआ था। डीसी ने प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को उसी समय जवाब तलब किया, जिस पर उन्होंने सफाई दी, लेकिन डीसी संतुष्ट नहीं हुए और तत्काल ही चार्जशीट किए जाने के आदेश दिए। इसके चलते शुक्रवार को प्रिंसिपल व हेडमास्टर को चार्ज शीट किया गया, जिसकी पुष्टि डीईईओ सतनाम सिंह भट्टी ने की। वहीं निरीक्षण के दौरान डीसी ने कक्षा तीसरी, पांचवीं व सातवीं के बच्चों का कक्षा अनुसार पढ़ाई का स्तर जांचा। हालांकि इससे वे संतुष्ट नजर आए और सवालों का जवाब देने वाले बच्चों को उन्होंने मौके पर ही सम्मानित भी किया तो बच्चों को पढ़ाने के शिक्षकों के प्रयासों की सराहना भी की।
न स्वीपर और न चौकीदार , छत पर चढ़कर खुद निकाला पानी, फिर भी की कार्रवाई : हेडमास्टर
स्कूल प्राचार्य से संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन चार्जशीट की कार्रवाई को लेकर हेडमास्टर राजपाल ने बताया कि स्कूल में न स्वीपर है और न ही चौकीदार। न कर्ल्क है और न ही हेल्पर। प्राथमिक स्कूल में भी करीब 450 बच्चे हैं तो दोनों स्कूलों में 1200 के करीब बच्चे है। वीरवार को भी बारिश का पानी उन्होंने खुद छत पर चढ़कर निकाला , जहां पेड़ों के पत्ते गिर जाने से पानी एकत्रित हुआ था।
अजराना कलां मेंडीसी ने बच्चों से पूछा कैसी चल रही है पढ़ाई, बच्चे बोले, पहले से बेहतर सीख रहे
कुरुक्षेत्र। डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने शुक्रवार को जिला के अजराना कलां स्थित राजकीय कन्या हाईस्कूल का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने बच्चों से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है तो बच्चों ने बताया कि पहले से वे बेहतर सीख रहे हैं। डीसी ने तीसरी कक्षा में पढ़ रही बेटियों से कक्षा के स्तर के हिसाब से सवाल जवाब किए। इसके बाद डीसी पांचवीं कक्षा की छात्राओं के बीच पहुंचे। डीसी ने छात्राओं से 11 प्रश्न पूछे जिनमें अधिकतर प्रश्न मैथ और हिन्दी से संबंधित थे। प्रश्नों के उत्तर देने में पांचवी कक्षा की महक, शीतल और एकता ने बाजी मारी। इन बेटियों ने ब्लैक बोर्ड पर भी मैथ के प्रश्न हल किए। सातवीं की कक्षा में नेहा और मुक्ता ने बेहिचक प्रश्नों को हल किया। डीसी ने कहा कि कक्षा तीसरी, पांचवीं और सातवीं के बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप मैथ और हिंदी में सक्षम बनाने का लक्ष्य 15 अगस्त तक रखा गया है। इसके बाद जो अध्यापक बच्चों को कक्षा अनुरूप सक्षम नहीं बना पाएगा। वह इसके लिए जवाबदेह होगा।
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चुनिंदा स्कूलों में लिया जाएगा पेपर : भट्टी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी ने बताया कि जीएमआई द्वारा एक सितंबर को प्रथम चरण में बाबैन और थानेसर ब्लॉक के चुनिंदा स्कूलों में पेपर लिया जाएगा और यह पेपर भी जीएमआई द्वारा स्वयं तैयार किया जाएगा। संबंधित स्कूलों के 80 प्रतिशत बच्चे यदि प्रथम स्तर को पास कर लेते हैं तो वह ब्लॉक सक्षम श्रेणी में माना जाएगा। प्रथम स्तर श्रेणी का ग्रेड 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना निर्धारित किया गया है।
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देवीदास पुरा स्कूल की टपकती मिली छत तो प्रिंसिपल व हेडमास्टर को किया चार्जशीट
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं दिए जाने का दावा प्रदेश सरकार व प्रशासनिक अधिकारी बार-बार कर रहे हैं, लेकिन स्कूलों के भवनों का भी रखरखाव बेहतर नहीं है। ऐसे ही हालात जिला उपायुक्त व डीईओ कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूरी पर ही स्थित देवीदासपुरा के सरकारी स्कूल के बने हुए है,ं जिनकी पोल वीरवार को उस समय खुल गई जब डीसी डॉ एसएस फुलिया , डीईईओ सतनाम सिह भट्टी औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो स्कूल की छत टपकती हुई मिली। यह देख जिला उपायुक्त दंग रह गए और उन्होंने जांच कराई तो छत की सफाई नहीं पाई गई जबकि घास भी उगी हुई थी। छत पर बरसात का पानी भी भरा हुआ था। डीसी ने प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को उसी समय जवाब तलब किया, जिस पर उन्होंने सफाई दी, लेकिन डीसी संतुष्ट नहीं हुए और तत्काल ही चार्जशीट किए जाने के आदेश दिए। इसके चलते शुक्रवार को प्रिंसिपल व हेडमास्टर को चार्ज शीट किया गया, जिसकी पुष्टि डीईईओ सतनाम सिंह भट्टी ने की। वहीं निरीक्षण के दौरान डीसी ने कक्षा तीसरी, पांचवीं व सातवीं के बच्चों का कक्षा अनुसार पढ़ाई का स्तर जांचा। हालांकि इससे वे संतुष्ट नजर आए और सवालों का जवाब देने वाले बच्चों को उन्होंने मौके पर ही सम्मानित भी किया तो बच्चों को पढ़ाने के शिक्षकों के प्रयासों की सराहना भी की।
न स्वीपर और न चौकीदार , छत पर चढ़कर खुद निकाला पानी, फिर भी की कार्रवाई : हेडमास्टर
स्कूल प्राचार्य से संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन चार्जशीट की कार्रवाई को लेकर हेडमास्टर राजपाल ने बताया कि स्कूल में न स्वीपर है और न ही चौकीदार। न कर्ल्क है और न ही हेल्पर। प्राथमिक स्कूल में भी करीब 450 बच्चे हैं तो दोनों स्कूलों में 1200 के करीब बच्चे है। वीरवार को भी बारिश का पानी उन्होंने खुद छत पर चढ़कर निकाला , जहां पेड़ों के पत्ते गिर जाने से पानी एकत्रित हुआ था।
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अजराना कलां मेंडीसी ने बच्चों से पूछा कैसी चल रही है पढ़ाई, बच्चे बोले, पहले से बेहतर सीख रहे
कुरुक्षेत्र। डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने शुक्रवार को जिला के अजराना कलां स्थित राजकीय कन्या हाईस्कूल का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने बच्चों से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है तो बच्चों ने बताया कि पहले से वे बेहतर सीख रहे हैं। डीसी ने तीसरी कक्षा में पढ़ रही बेटियों से कक्षा के स्तर के हिसाब से सवाल जवाब किए। इसके बाद डीसी पांचवीं कक्षा की छात्राओं के बीच पहुंचे। डीसी ने छात्राओं से 11 प्रश्न पूछे जिनमें अधिकतर प्रश्न मैथ और हिन्दी से संबंधित थे। प्रश्नों के उत्तर देने में पांचवी कक्षा की महक, शीतल और एकता ने बाजी मारी। इन बेटियों ने ब्लैक बोर्ड पर भी मैथ के प्रश्न हल किए। सातवीं की कक्षा में नेहा और मुक्ता ने बेहिचक प्रश्नों को हल किया। डीसी ने कहा कि कक्षा तीसरी, पांचवीं और सातवीं के बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप मैथ और हिंदी में सक्षम बनाने का लक्ष्य 15 अगस्त तक रखा गया है। इसके बाद जो अध्यापक बच्चों को कक्षा अनुरूप सक्षम नहीं बना पाएगा। वह इसके लिए जवाबदेह होगा।
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चुनिंदा स्कूलों में लिया जाएगा पेपर : भट्टी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी ने बताया कि जीएमआई द्वारा एक सितंबर को प्रथम चरण में बाबैन और थानेसर ब्लॉक के चुनिंदा स्कूलों में पेपर लिया जाएगा और यह पेपर भी जीएमआई द्वारा स्वयं तैयार किया जाएगा। संबंधित स्कूलों के 80 प्रतिशत बच्चे यदि प्रथम स्तर को पास कर लेते हैं तो वह ब्लॉक सक्षम श्रेणी में माना जाएगा। प्रथम स्तर श्रेणी का ग्रेड 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना निर्धारित किया गया है।