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आईसीएआर ने शोध के लिए गुरुकुल में भेजी वैज्ञानिकों की टीम
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:58 AM IST
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जल्द भेजी जाएगी आईसीएआर को रिपोर्ट : हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र स्थित जीरो बजट प्राकृतिक कृषि केंद्र पर वीरवार को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के डॉ. पवन कुमार के निर्देश पर डॉ. वीरेंद्र हुड्डा और डॉ. मनोज शर्मा पहुंचे। उन्होंने यहां पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी और डॉ. वजीर सिंह से जीरो बजट प्राकृतिक कृषि की जानकारी प्राप्त की। यह टीम आईसीएआर द्वारा प्राकृतिक कृषि पर शोध करने के लिए गुरुकुल में आयी है। इस अवसर पर गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह और कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह भी उपस्थित रहे।
प्रधान कुलवंत सिंह ने बताया कि डॉ. पवन, डॉ. विरेंद्र हुड्डा और डॉ. मनोज को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के डॉ. वजीर सिंह ने बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत सहित राज्यपाल आचार्य देवव्रत के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि आचार्य देवव्रत के इस मॉडल से ही गुरुकुल कुरुक्षेत्र 180 एकड़ के कृषि फार्म पर प्राकृतिक कृषि कर न केवल अधिक उत्पादन ले रहा है, बल्कि इससे गोमाता का संरक्षण भी हो रहा है। हिसार कृषि विश्वविद्यालय से आए डॉ. वीरेंद्र हुड्डा ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ( आईसीएआर ) के निर्देश पर वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल और प्राकृतिक कृषि फार्म का दौरा करने उपरांत अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने कृषि विशेषज्ञों को आचार्य देवव्रत की जीरो बजट प्राकृतिक कृषि पुस्तक भेंट की।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र स्थित जीरो बजट प्राकृतिक कृषि केंद्र पर वीरवार को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के डॉ. पवन कुमार के निर्देश पर डॉ. वीरेंद्र हुड्डा और डॉ. मनोज शर्मा पहुंचे। उन्होंने यहां पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी और डॉ. वजीर सिंह से जीरो बजट प्राकृतिक कृषि की जानकारी प्राप्त की। यह टीम आईसीएआर द्वारा प्राकृतिक कृषि पर शोध करने के लिए गुरुकुल में आयी है। इस अवसर पर गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह और कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह भी उपस्थित रहे।
प्रधान कुलवंत सिंह ने बताया कि डॉ. पवन, डॉ. विरेंद्र हुड्डा और डॉ. मनोज को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के डॉ. वजीर सिंह ने बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत सहित राज्यपाल आचार्य देवव्रत के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि आचार्य देवव्रत के इस मॉडल से ही गुरुकुल कुरुक्षेत्र 180 एकड़ के कृषि फार्म पर प्राकृतिक कृषि कर न केवल अधिक उत्पादन ले रहा है, बल्कि इससे गोमाता का संरक्षण भी हो रहा है। हिसार कृषि विश्वविद्यालय से आए डॉ. वीरेंद्र हुड्डा ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ( आईसीएआर ) के निर्देश पर वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि मॉडल और प्राकृतिक कृषि फार्म का दौरा करने उपरांत अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने कृषि विशेषज्ञों को आचार्य देवव्रत की जीरो बजट प्राकृतिक कृषि पुस्तक भेंट की।
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