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बायोटेक्नोलॉजिस्ट के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अगस्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:15 PM IST
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12 august last daye for addmission
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिड एंड ऑनर्स स्टडीज द्वारा बीएससी (बायोटेक्नोलॉजी) और एमएससी (इंटीग्रेटेड बायोटेक्नोलॉजी) में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थी 12 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। जीव विज्ञान के आधुनिक पहलुओं का पता लगाने के लिए छात्रों के बीच बायोटेक्नोलॉजी करियर सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक के रूप में उभरा है। यह इंडस्ट्रियल क्षेत्रों जैसे फार्मास्युटिकल्स, फूड, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल्स और मैन्युफैक्चरिंग आदि में करियर बनाने के लिए मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छा विकल्प है।
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बीएससी बायोटेक्नालॉजी और एमएससी इंटीग्रेटिड बायोटेक्नेलॉजी पाठ्यक्रमों में 20-20 सीटें निर्धारित हैं। डॉ. संजीव गुप्ता (कोऑर्डिनेटर, बायोटेक प्रोग्राम) और डॉ. संजीव गौतम (इंचार्ज, बायोटेक्नोलॉजी) ने बताया की एमएससी इंटीग्रेटिड बायोटेक्नालॉजी कोर्स पूरा करने वाले स्टूडेंट्स मॉलिक्यूलर मेडिसिन, एनिमल, प्लांट, माइक्रोबियल बायोटेक्नालॉजी और स्टेम सेल टेक्नालॉजी आदि रिसर्च में जा सकते हैं। ये क्षेत्र न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अत्यधिक मांग में हैं। एक बायोटेक्नोलॉजिस्ट कई क्षेत्रों में काम कर सकता है और इनकी विभिन्न क्षेत्रों जैसे हेल्थ केयर, मेडिसिन, पर्यावरण संरक्षण, सोयल साइंस, फोरेंसिक, ड्रग डिजाइनिंग और कास्मेटिक आदि में बहुत अधिक मांग है। आज के इस कोविड युग में जितने भी कोविड-19 के लिए वैक्सीन तैयार किये जा रहें हैं वह सभी किसी न किसी बॉयोटेक्नोलॉजी की लैब में ही डेवलप किये जा रहे हैं।
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इससे भविष्य में बायोटेक्नालॉजी की मांग और भी बढ़ेगी। आईआईएचएस में कार्यरत शिक्षक काफी अनुभवी और दक्ष हैं। जिनके पास न केवल विदेशी लैब्स का एक्सपोजर है, बल्कि उन्होंने अपनी रिसर्च को हाई इंपैक्ट फैक्टर्स वाले इंटरनेशनल जर्नल्स में भी प्रकाशित किया है। आईआईएच एस में उच्च स्तर की लैब की सुविधा हैं जहां पूरी तरह से सुसज्जित आधुनिक और वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध हैं। यहां के कई एल्युमिनी छात्र आईआईएससी बैंगलोर, आईआईटी दिल्ली, जेएनयू और सीएसआईआर की लैब्स से उच्च अध्ययन कर रहे हैं, जबकि कई अन्य ने पहले प्रयास में ही अपनी नेट परीक्षा को पास किया है। बहुत से छात्रों को फार्मा और फूड इंडस्ट्री में नौकरी भी मिल चुकी है।
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