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गुरुकुल कुरुक्षेत्र बना जीरो बजट कृषि क्षेत्र में शोध माडॅल
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:20 AM IST
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गुरुकुल कुरुक्षेत्र बना जीरो बजट कृषि क्षेत्र में शोध माडॅल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र किसानों को समृद्ध बनाने के लिए जीरो बजट कृषि क्षेत्र में शोध मॉडल बन गया है। इस संदर्भ में गुरुकुल कुरुक्षेत्र कार्यकारिणी समिति ने चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के साथ समझौता करने का निर्णय किया है। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि गुरुकुल के संरक्षक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य की इच्छा है कि प्रदेश के किसानों व लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के हितार्थ कृषि उत्पादन रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से रहित हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए गुरुकुल कार्यकारिणी समिति ने सोमवार को कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरि ओम, डॉ. वजीर सिंह, गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह व चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के शोधार्थी दीपक की उपस्थिति में गुरुकुल के फार्म की मिट्टी-पानी, जीवामृत और घन जीवामृत के नमूने लिए तथा अपने समक्ष फार्म में बीजाई कराई, ताकि किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराए जा सकें। कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार का शोधार्थी दीपक गुरुकुल कुरुक्षेत्र के फार्म में जीरो बजट कृषि के क्षेत्र में दो वर्षों तक अनुसंधान कार्य कर विश्वविद्यालय के गाइड डॉ. सुरेश के समक्ष शोध पत्र प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर उसे एम.एससी की उपाधी से अलंकृत किया जाएगा तथा शोध कार्य के महत्वपूर्ण बिंदुओं बीएससी, एमएससी और पीएचडी के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इस शोध कार्य से किसानों को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। इसके अतिरिक्त डॉ. आशीष सह निदेशक चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, डॉ. सुशील शर्मा सांइटिफिक अधिकारी आयुर्वेदिक विभाग हरियाणा व प्रो. नीरज सूक्ष्म विज्ञान विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र पहले से ही कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरि ओम संयोजक कृषि विज्ञान केन्द्र कुरुक्षेत्र के निर्देशन में पहले से ही शोध कार्य में लगे हुए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र किसानों को समृद्ध बनाने के लिए जीरो बजट कृषि क्षेत्र में शोध मॉडल बन गया है। इस संदर्भ में गुरुकुल कुरुक्षेत्र कार्यकारिणी समिति ने चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के साथ समझौता करने का निर्णय किया है। गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि गुरुकुल के संरक्षक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. देवव्रत आचार्य की इच्छा है कि प्रदेश के किसानों व लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के हितार्थ कृषि उत्पादन रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से रहित हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए गुरुकुल कार्यकारिणी समिति ने सोमवार को कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरि ओम, डॉ. वजीर सिंह, गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह व चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के शोधार्थी दीपक की उपस्थिति में गुरुकुल के फार्म की मिट्टी-पानी, जीवामृत और घन जीवामृत के नमूने लिए तथा अपने समक्ष फार्म में बीजाई कराई, ताकि किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराए जा सकें। कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार का शोधार्थी दीपक गुरुकुल कुरुक्षेत्र के फार्म में जीरो बजट कृषि के क्षेत्र में दो वर्षों तक अनुसंधान कार्य कर विश्वविद्यालय के गाइड डॉ. सुरेश के समक्ष शोध पत्र प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर उसे एम.एससी की उपाधी से अलंकृत किया जाएगा तथा शोध कार्य के महत्वपूर्ण बिंदुओं बीएससी, एमएससी और पीएचडी के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इस शोध कार्य से किसानों को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। इसके अतिरिक्त डॉ. आशीष सह निदेशक चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, डॉ. सुशील शर्मा सांइटिफिक अधिकारी आयुर्वेदिक विभाग हरियाणा व प्रो. नीरज सूक्ष्म विज्ञान विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र पहले से ही कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरि ओम संयोजक कृषि विज्ञान केन्द्र कुरुक्षेत्र के निर्देशन में पहले से ही शोध कार्य में लगे हुए हैं।