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लैंगिक समानता लाने के लिए कानून की जानकारी आवश्यक: प्रो. सुमन

Fri, 29 Mar 2019 12:49 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2019 12:49 AM IST
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लैंगिक समानता लाने के लिए कानून की जानकारी आवश्यक: प्रो. सुमन
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विवि. के महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा आईसीएसएसआर उत्तर-पश्चिम क्षेत्रीय केंद्र के सहयोग से दो दिवसीय कानूनी जागरूकता एवं महिला सशक्तीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की करीब 60 महिला प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में महिलाओं से संबंधित विभिन्न मूलभूत कानूनी अधिकारों एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग की प्रो. सुमन गुप्ता उपस्थित रही। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता लाने के लिए कानून की जानकारी तो आवश्यक है, इसके ही साथ कानून की जानकारी दूसरों तक पहुंचाना भी जरूरी है।

हम अपने कर्तव्यों को छोड़कर हर समस्या के समाधान के लिए पुलिस पर होते हैं निर्भर : डीएसपी तान्या
पुलिस उपाधीक्षक तान्या सिंह ने कहा कि हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां हम अपने कर्तव्यों की बजाय अपने अधिकारों को ज्यादा महत्व देते हैं, जिसकी वजह से पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जब हम अपने कर्तव्यों को छोड़कर हर समस्या के समाधान के लिए पुलिस पर निर्भर हो जाते हैं। महिलाओं के प्रति अपराधों में पुलिस को 99 प्रतिशत केसों में सफलता मिलती है, लेकिन झूठे केसों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। कहा कि मामलों पर कार्रवाई करते वक्त दोनों पक्षों को सुनना जरूरी होता है। महिलाएं असमानता के लिए खुद ही जिम्मेवार हैं। हमें अपनी क्षमताओं को निखारना चाहिए तथा अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
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कार्यशाला के तकनीकी सत्र में मानवाधिकारों पर हुई चर्चा
कार्यशाला के दौरान तकनीकी सत्रों में भारतीय संविधान, लैंगिक समानता एवं मानवाधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, महिलाओं के संपत्ति अधिकार, व्यक्तिगत कानूनों में विवाह, तलाक तथा गुजारा भत्ता, आपराधिक कानून के तहत महिलाओं का संरक्षण, बाल न्याय कानून, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक शोषण अधिनियम, महिलाओं के पुनरोत्पादक स्वास्थ्य अधिकार आदि विषयों पर व्याख्यान के माध्यम से महिलाओं का ज्ञानवर्धन तथा कौशल वर्धन किया गया। इस अवसर पर डॉ. अमित कांबोज, डॉ. वंदना, प्रो. आरके यादव, साहिल व राजेश गोयल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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