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डीसी सहित अन्य अधिकारियों ने भी ली क्लास, फिर भी जिला का कोई भी ब्लॉक नहीं बन पाया सक्षम
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बच्चों को सक्षम बनाने को लेकर शिक्षा विभाग आगे दौड़ पीछे छोड़ की नीति को चरितार्थ कर रहा है। पहले चयन किए गए थानेसर व बाबैन ब्लॉक में से आज तक किसी को भी सक्षम नहीं बनाया जा सका है। अब दिसंबर माह में ही लाडवा और शाहाबाद तो जनवरी में पिहोवा ब्लॉक को भी सक्षम बनाए जाने के दावे किए जाने लगे हैं। एक सप्ताह पहले ही शाहाबाद ब्लॉक की सक्षम परीक्षा भी ली है।
बता दें कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभाग ने शुरुआत में राज्य भर के 40 ब्लॉक का कक्षा तीसरी, पांचवीं व सातवीं के बच्चों को विशेष तौर पर गणित और हिंदी में सक्षम बनाने के लिए चयन किया था। इसमें कुरुक्षेत्र के बाबैन व थानेसर को शामिल किया गया था। इन ब्लॉक को पिछले सक्षम बनाने के लिए कई बार तिथियां बदलीं। डीसी से लेकर डीईईओ व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जमकर पसीना बहाया, लेकिन ये ब्लॉक आज तक सक्षम नहीं हो पाए। हालांकि बाबैन ब्लॉक सक्षम होने से करीब 7 फीसदी पीछे रह गया जबकि थानेसर महज पांचवीं व सातवीं कक्षा में ही 72 फीसदी तक पहुंच पाया। इसमें भी गणित में बच्चों की स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। अभी इन ब्लॉक में स्थिति सुधार में नहीं आई कि विभाग ने अगले चरण में लाडवा व बाबैन को सक्षम बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है।
अब अंग्रेजी विषय को भी सक्षम में शामिल करने की योजना
बच्चों को पहले गणित व हिंदी विषय में सक्षम बनाने के प्रयास किए गए। अब सक्षम होने वाले ब्लॉक को अंग्रेजी में भी सक्षम बनाने के लिए योजना तैयार की जाने लगी है। जिले के सभी ब्लॉक में अब तक सबसे दयनीय स्थिति तीसरी कक्षा व गणित में ही सामने आई है।
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नियम 134 ए आया सक्षम योजना के आड़े
सक्षम योजना के आड़े 134 ए को माना जाने लगा है। शिक्षकों व अधिकारियों की मानें तो प्रतिभावान बच्चे उक्त नियम के तहत हर साल निजी स्कूलों में चले जाते हैं जबकि कमजोर बच्चों को फिर प्रतिभावान बनाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
चार जिलों में महज एक ब्लॉक हुआ सक्षम : भट्टी
अंबाला डिवीजन में शामिल चार जिलों में अब तक अंबाला का ही महज एक ब्लॉक सक्षम हो पाया है। बाबैन की स्थिति बेहतर रही है। अगले कुछ दिनों में जिले के सभी ब्लॉक सक्षम बना दिए जाएंगे। इसके लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। खुद डीसी ने इसकी कमान संभाल रखी है।
- सतनाम सिंह भट्टी, डीईईओ।
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कुरुक्षेत्र। बच्चों को सक्षम बनाने को लेकर शिक्षा विभाग आगे दौड़ पीछे छोड़ की नीति को चरितार्थ कर रहा है। पहले चयन किए गए थानेसर व बाबैन ब्लॉक में से आज तक किसी को भी सक्षम नहीं बनाया जा सका है। अब दिसंबर माह में ही लाडवा और शाहाबाद तो जनवरी में पिहोवा ब्लॉक को भी सक्षम बनाए जाने के दावे किए जाने लगे हैं। एक सप्ताह पहले ही शाहाबाद ब्लॉक की सक्षम परीक्षा भी ली है।
बता दें कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभाग ने शुरुआत में राज्य भर के 40 ब्लॉक का कक्षा तीसरी, पांचवीं व सातवीं के बच्चों को विशेष तौर पर गणित और हिंदी में सक्षम बनाने के लिए चयन किया था। इसमें कुरुक्षेत्र के बाबैन व थानेसर को शामिल किया गया था। इन ब्लॉक को पिछले सक्षम बनाने के लिए कई बार तिथियां बदलीं। डीसी से लेकर डीईईओ व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जमकर पसीना बहाया, लेकिन ये ब्लॉक आज तक सक्षम नहीं हो पाए। हालांकि बाबैन ब्लॉक सक्षम होने से करीब 7 फीसदी पीछे रह गया जबकि थानेसर महज पांचवीं व सातवीं कक्षा में ही 72 फीसदी तक पहुंच पाया। इसमें भी गणित में बच्चों की स्थिति बेहद कमजोर पाई गई। अभी इन ब्लॉक में स्थिति सुधार में नहीं आई कि विभाग ने अगले चरण में लाडवा व बाबैन को सक्षम बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है।
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अब अंग्रेजी विषय को भी सक्षम में शामिल करने की योजना
बच्चों को पहले गणित व हिंदी विषय में सक्षम बनाने के प्रयास किए गए। अब सक्षम होने वाले ब्लॉक को अंग्रेजी में भी सक्षम बनाने के लिए योजना तैयार की जाने लगी है। जिले के सभी ब्लॉक में अब तक सबसे दयनीय स्थिति तीसरी कक्षा व गणित में ही सामने आई है।
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नियम 134 ए आया सक्षम योजना के आड़े
सक्षम योजना के आड़े 134 ए को माना जाने लगा है। शिक्षकों व अधिकारियों की मानें तो प्रतिभावान बच्चे उक्त नियम के तहत हर साल निजी स्कूलों में चले जाते हैं जबकि कमजोर बच्चों को फिर प्रतिभावान बनाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
चार जिलों में महज एक ब्लॉक हुआ सक्षम : भट्टी
अंबाला डिवीजन में शामिल चार जिलों में अब तक अंबाला का ही महज एक ब्लॉक सक्षम हो पाया है। बाबैन की स्थिति बेहतर रही है। अगले कुछ दिनों में जिले के सभी ब्लॉक सक्षम बना दिए जाएंगे। इसके लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं। खुद डीसी ने इसकी कमान संभाल रखी है।
- सतनाम सिंह भट्टी, डीईईओ।