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केयू ने 1 करोड़ 10 लाख 7 हजार 113 विद्यार्थियों का डाटा किया डिजीटल
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू की परीक्षा शाखा ने ऑटोमेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1 करोड़ 10 लाख 7 हजार 113 विद्यार्थियों के डाटा को डिजिटल फॉर्मेट में संरक्षित कर लिया है। पुराने डाटा का डिजिटलाइजेशन कर केयू देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की पंक्ति में शामिल हो गया है। इस डाटा के डिजिटलाइजेशन से अब हर तरह की जानकारी एक क्लिक के साथ ही यूनिवर्सिटी को उपलब्ध होगी और परीक्षा शाखा ऑनलाइन ही डाटा का सत्यापन कर सकेगी।
केयू कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा के पुराने डाटा के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1 करोड़ से अधिक परीक्षार्थियों का डाटा डिजिटल फॉर्म में तैयार किया गया है। इस डाटा के डिजिटल होने से अब हर तरह की अंकतालिका, सत्यापन सहित अन्य कार्य ऑनलाइन हो सकेेंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह रंगा ने बताया कि केयू अब उस दिशा में आगे बढ़ रहा है जब विद्यार्थी किसी सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उसे ऑनलाइन ही तैयार किया जा सकेगा। पिछले 58 वर्षों के डाटा को डिजिटलाइज्ड करने के लिए एक टीम पिछले एक वर्ष से कार्य कर रही थी। इसके लिए एक विशेष सेल यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा में बनाया गया है जो इसकी स्कैनिंग के साथ-साथ इसके संरक्षण का कार्य को भी देख रहा है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार परीक्षा शाखा के ऑटोमेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए व पुराने दोनों डाटा को डिजिटल फॉर्म में रखा गया है। आने वाले समय में इसका विद्यार्थियों व यूनिवर्सिटी दोनों को फायदा होगा। परीक्षा शाखा में पारदर्शिता के साथ-साथ कामकाज की गति भी बढ़ेगी।
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कुरुक्षेत्र। केयू की परीक्षा शाखा ने ऑटोमेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1 करोड़ 10 लाख 7 हजार 113 विद्यार्थियों के डाटा को डिजिटल फॉर्मेट में संरक्षित कर लिया है। पुराने डाटा का डिजिटलाइजेशन कर केयू देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की पंक्ति में शामिल हो गया है। इस डाटा के डिजिटलाइजेशन से अब हर तरह की जानकारी एक क्लिक के साथ ही यूनिवर्सिटी को उपलब्ध होगी और परीक्षा शाखा ऑनलाइन ही डाटा का सत्यापन कर सकेगी।
केयू कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा के पुराने डाटा के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 1 करोड़ से अधिक परीक्षार्थियों का डाटा डिजिटल फॉर्म में तैयार किया गया है। इस डाटा के डिजिटल होने से अब हर तरह की अंकतालिका, सत्यापन सहित अन्य कार्य ऑनलाइन हो सकेेंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह रंगा ने बताया कि केयू अब उस दिशा में आगे बढ़ रहा है जब विद्यार्थी किसी सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उसे ऑनलाइन ही तैयार किया जा सकेगा। पिछले 58 वर्षों के डाटा को डिजिटलाइज्ड करने के लिए एक टीम पिछले एक वर्ष से कार्य कर रही थी। इसके लिए एक विशेष सेल यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा में बनाया गया है जो इसकी स्कैनिंग के साथ-साथ इसके संरक्षण का कार्य को भी देख रहा है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार परीक्षा शाखा के ऑटोमेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए व पुराने दोनों डाटा को डिजिटल फॉर्म में रखा गया है। आने वाले समय में इसका विद्यार्थियों व यूनिवर्सिटी दोनों को फायदा होगा। परीक्षा शाखा में पारदर्शिता के साथ-साथ कामकाज की गति भी बढ़ेगी।
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