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40 टन कचरे की लिफ्टिंग करने वाले 90 डंपर चालक भेजे शाह की बाइक रैली में 0000

Fri, 16 Feb 2018 12:19 AM IST
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:19 AM IST
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40 टन कचरे की लिफ्टिंग करने वाले 90 डंपर चालक भेजे शाह की बाइक रैली में 0000
40 टन कचरे की लिफ्टिंग करने वाले 90 डंपर चालक भेजे शाह की बाइक रैली में, अधिकारी बोले शादी में गए हैं
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरियाणा के हेरिटेज सिटी कुरुक्षेत्र में 90 डंपर चालकों की ड्यूटी रोजाना निकलने वाले 40 टन से अधिक कूड़े करे उठाने की थी। वीरवार को ये सभी अमित शाह की बाइक रैली में पहुंच गए। वे किसके कहने पर पहुंचे, इसका जवाब नगर परिषद के किसी भी अधिकारी के पास नहीं था। कोई इस सवाल के जवाब में कोई मुस्कुराया, तो किसी ने कन्नी काट ली। कोई उलटा-पुलटा जवाब देकर बचने की फिराक में दिखा। इस बीच एक अधिकारी ने जवाब दिया कि सारे डंपर चालक शादी में गए हैं। पूछने पर कि क्या यह शादी जींद में है, तो हंसते हुए बोले- हां। इन सबके बीच भारत के प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के दावे हवा में उड़ते नजर आए। चालकों के जींद चले जाने के कारण शहर में जगह-जगह गंदगी के अंबार लग गए। इसकी वजह वीरवार को डंपरों के गली, कॉलोनी, सेक्टर आदि जगहों पर नहीं पहुंचना रहा।
बता दें कि थानेसर नगर परिषद के पास करीब 90 डंपर हैं। इन पर आउट सोर्सिंग पर रखे गए 90 ड्राइवरों को सरकारी खजाने से प्रति ड्राइवर 13 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जता है। ये सभी गली, मुहल्लों, कॉलोनियों और सेक्टरों से रोजाना निकलने वाले करीब 40 टन कचरे को डंपिंग जोन तक पहुंचते हैं। ये सभी वीरवार को अपनी बाइक से जींद रैली में हरियाणा की विकासकारी योजनाओं का गुणगान सुनने के लिए चले गए। इस दौरान सभी डंपर गांव किरमिच रोड पर एकांत स्थान पर खड़े कर दिए गए।
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मजबूरी का फायदा और दबाव डाल कर भेजे गए डंपर चालक : टिम्मी

सीएसआई और एसआई की हंसी और दर्द
सीएसआई और एसआई से पूछा गया कि कितने डंपर हैं तो बोले 81। आज कोई भी नहीं हैं यहां। इस पर सीएसआई हंसते हुए बोले आपको पता ही है कहां गए हैं ।इसी बीच एसआई बोले आज सारे छुट्टी पर हैं। सवाल किया गया कि छुट्टी किसने दी तो एसआई ने तपाक से जवाब दिया, वे सारे शादी में गए हैं। पूछा शादी कहां है जींद में। इस पर एक सुर में दोनों अधिकारियों ने कहा कि आप तो जानते ही हैं। कुछ ही क्षण में सीएसआई का दर्द बाहर आया और बोले सरकार जिसकी होती है, वो चाहे जो भी करे, हम क्या कर सकते हैं। पूछा गया गया कि सरकार तो जनता है। इस पर एसआई बोले, अगर सरकार जनता की होती तो पंचकूला गोलीकांड में इतने लोग नहीं मारे जाते। बोले, जनता पिस रही है। दुखी हृदय से इन्होंने कहा कि जो पहली सरकारें करती थीं, उसी रास्ते पर यह लोग चल पड़े है।
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इसीलिये छुपा बैठा हूं, मुझे बख्शो : ईओ
नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बीएन भारती से पूछा गया कि वीरवार को डंपर चालक कहां गए हैं, तो हंसते हुए बोले, तभी तो दूसरे कमरे में छुपा बैठा हूं। पूछने पर उन्होंने माना सफाई कर्मचारी नहीं, डंपर चालक ही गए हैं। पता यह भी चला कि डंपर चालकों और कुछ सफाई कर्मियों के अलावा थानेसर नगर परिषद आफिस में ऑउट सोर्सिंग पर लगे कुछ कर्मचारियों को भी जींद रैली में भेजा गया है।
म्हारा भी ड्राइवर लेगे, झंडे लगे थे उतारने थे
शिवरात्रि पर कुछ शिवालय मार्ग नगर परिषद की ओर से झंडे लगाए गए थे। वे अभी तक उतारे नहीं जा सके, क्योंकि जिस गाड़ी में इन्हें लोड करके लाना था, उसका ड्राइवर भी रैली में गया था। यह कहना है, नगर परिषद के उस कर्मी का, जिसकी ड्यूटी झंडे उतरवाने के लिए लगाई गई थी। उसका कहना था कि म्हारा भी ड्राइवर लेगे, हमें मंदिर से झंडे उतरवाने थे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सतविंद्र सिंह टिम्मी ने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जींद रैली सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके खट्टर सरकारी की विफलताओं को छुपाने के लिए की गई है। इसका बड़ा उदाहरण सरकारी विभागों में आउट सोर्सिंग पर लगाए गए कर्मचारियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें रैली में भेजने से सिद्ध हुआ है।

विधायक की पत्नी हैं नप चेयरपर्सन, भाई हैं पार्षद
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा के दिग्गज नेता एक ओर परिवारवाद का विरोध करते हैं, लेकिन भाजपा के विधायक सुभाष सुधा, थानेसर नगर परिषद की अध्यक्ष उनकी धर्मपत्नी, नगर पार्षद उनके बड़े भाई और भाजयुमो के पदाधिकारी उनके पुत्र हैं। इनके दबाव के चलते नगर परिषद के डंपर चालकों और अन्य कर्मचारियों को रैली में भेजा गया। यह सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है। इस मामले की जांच के साथ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि शाह की रैली सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद फ्लाप हुई है।
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